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दिल्ली के एम्स में अंगदान कर दो ब्रेन-डेड मरीजों ने सात लोगों को दी जिंदगी
Tue, 18 Feb 2020 11:12 PM IST
Abhishek Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Abhishek Singh
Updated Tue, 18 Feb 2020 11:12 PM IST
सार
- 48 घंटे के भीतर सात लोगों का जीवन बचाया
- एक मरीज यूपी के कासगंज और दूसरा दिल्ली का है
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एम्स दिल्ली
- फोटो : अमर उजाला (फाइल फोटो)
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विस्तार
दिल्ली एम्स में भर्ती दो मरीजों ने 48 घंटे के भीतर सात लोगों का जीवन बचा लिया। ब्रेन डेड मरीजों के परिजनों की काउंसलिंग के बाद अंगदान का फैसला लिया गया। इनमें से एक यूपी का कासगंज निवासी है और दूसरा दिल्ली निवासी।
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एम्स प्रवक्ता डॉ. आरती विज ने बताया कि दोनों ब्रेन डेड मरीजों ने सात लोगों का जीवन बचाया है, जबकि चार-चार कॉर्निया और दिल के वॉल्व को सुरक्षित रखा गया है, ताकि समय आने पर जरूरतमंदों को ये उपलब्ध कराए जा सकें।
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कासगंज निवासी 21 वर्षीय सचिन छत से गिर गया था। उसे ट्रॉमा सेंटर भर्ती कराया गया, जहां उसे ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया। उसकी किडनी और लिवर एम्स व आरएमएल में भर्ती मरीजों को प्रत्यारोपित किया।
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सचिन का दिल उसकी ही आयु के एक लड़के को प्रत्यारोपित किया गया, जबकि लिवर 43 साल के व्यक्ति और किडनी 20 साल की लड़की को दी है। दोनों कॉर्निया सुरक्षित रखे हैं। वहीं, 61 वर्षीय अनिल मित्तल के चार वॉल्व और दो कॉर्निया को सुरक्षित रखा है। दोनों लिवर और किडनी को एम्स और राम मनोहर लोहिया में भर्ती मरीजों के शरीर में सफल प्रत्यारोपित किया।