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Delhi: पिछले साल बंद कर दिया था फुटओवर ब्रिज, फिर भी होता रहा इस्तेमाल; हादसे से कुछ देर पहले गुजरे थे बच्चे
Wed, 18 Mar 2026 01:31 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 18 Mar 2026 01:31 AM IST
सार
नजफगढ़ ड्रेन (नाले) पर बना 33 साल पुराना लोहे का पुल अचानक भरभराकर गिर गया। पुल गिरते ही उसके बीचों-बीच उस पर बैठी 60 साल की एक बुजुर्ग महिला नाले में जा गिरी।
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नाले पर बना फुटओवर ब्रिज ढहा, फाइल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
उत्तरी दिल्ली के रूप नगर इलाके में मंगलवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। नजफगढ़ ड्रेन (नाले) पर बना 33 साल पुराना लोहे का पुल अचानक भरभराकर गिर गया। पुल गिरते ही उसके बीचों-बीच उस पर बैठी 60 साल की एक बुजुर्ग महिला नाले में जा गिरी। लोगों ने आनन-फानन में मामले की सूचना पुलिस व रेस्क्यू टीम को दी।
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खबर मिलते ही पुलिस के अलावा दमकल विभाग, एनडीआरएफ, बोट क्लब व अन्य एजेंसियां मौके पर पहुंचीं, राहत और बचाव कार्य शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद महिला को नाले से निकालकर नजदीकी अस्पताल भेजा गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। फिलहाल उसकी पहचान नहीं हो पाई है।
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जिला पुलिस उपायुक्त राजा बांठिया ने बताया कि बुजुर्ग महिला पुल के बीच में बैठकर भीख मांगती थी। हादसे के समय उसे भागने का मौका नहीं मिला। उसका शव कब्जे में लेकर मोर्चरी भेज दिया गया है। पुलिस उसकी पहचान करने का प्रयास कर रही है। रूम नगर थाना पुलिस मामला दर्ज कर जांच कर रही है।
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वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि हादसा मंगलवार सुबह करीब 9.25 बजे रूप नगर ब्लॉक-3 में हुआ। यहां करीब सात दशक पहले से नजफगढ़ ड्रेन पर लोहे का एक पतला-संकरा और छोटा पुल बना हुआ है। इसका इस्तेमाल पैदल गुजरने वाले राहगीर और कभी-कभार बाइक या स्कूटी वाले भी कर लेते थे। सूत्रों ने बताया कि नाला सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग का है और उसकी देखरेख का जिम्मा भी इसी विभाग का है। काफी पुराना होने के कारण यह जर्जर हो चुका था। पुल कई जगह से गल भी चुका था। इसका ध्यान में रखते हुए पिछले साल से ही पुल को बैरिकेड लगाकर बंद कर दिया गया था।
लेकिन गुड़ मंडी-राजपुरा से रूप नगर जाने वाले लोग लगातार इस पुल का इस्तेमाल कर रहे थे। वहीं पुल पर अक्सर एक बुजुर्ग महिला बैठकर भीख मांगती थी। एक प्रत्यक्षदर्शी संजू नामक युवती ने बताया कि वह गुड़मंडी से रूप नगर जा रही थी। अचानक पुल गिरने लगा। वह भागकर सुरक्षित पहुंच गई, लेकिन पुल पर बैठी वह बुजुर्ग महिला नाले में जा गिरी। हादसे की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे बोट क्लब की टीम ने कई घंटों की मशक्कत के बाद बुजुर्ग महिला का शव नाले से निकाला। अब रूप नगर थाना पुलिस मामला दर्ज कर छानबीन कर रही है। इस बात का पता लगाया जा रहा है कि हादसे की क्या वजह थी। क्राइम टीम व एफएसएल ने भी मौके का मुआयना किया है।
स्कूल के समय गिरता पुल तो होता बड़ा हादसा
गुड़मंडी में रहने वाले बुजुर्ग श्याम प्रसाद ने बताया कि रूप नगर में कई सरकारी स्कूल हैं। गुड़मंडी, राजपुरा और आसपास की कई कालोनियों से भारी मात्रा में बच्चे स्कूल जाते हैं। अक्सर बच्चों की भीड़ पुल को क्रॉस करती है। ऐसे में यदि बच्चों के आने या जाने के समय हादसा हुआ होता तो बड़ा हो सकता है। दूसरी ओर रूप नगर के कुछ लोग पुल गिरने को सही बता रहे थे, उनका कहना था कि गुड़-मंडी-राजपुरा की ओर से कई असामाजिक तत्व आकर चोरी या दूसरी वारदातों को अंजाम देते हैं। पुल गिरने से उनके यहां वारदातों में कमी आएगी।
अब कई किलोमीटर का लगाना पड़ेगा चक्कर
स्थानीय लोगों ने बताया कि गुड़-मंडी, राजपुरा और आसपास की कई कालोनियों से भारी मात्रा में छात्रा के अलावा काम करने वाली महिलाएं व दूसरे लोग भी इस पुल का इस्तेमाल कर रहे थे। दरअसल यह पुल गुड़मंडी और रूप नगर को जोड़ने के लिए शॉर्ट कट था। पुल न होने की वजह से अब उनको कई किलोमीटर का चक्कर काटकर आना होगा।
कागजों में आठ माह से बंद, लेकिन मौत बनकर खड़ा रहा रूप नगर का जर्जर पुल
रूप नगर के नजफगढ़ नाले पर मंगलवार सुबह जो हुआ, वह केवल एक हादसा नहीं, बल्कि एक फिर प्रशासनिक उदासीनता का जीता-जागता सबूत है। जब सिस्टम केवल फाइलों में प्रतिबंध लगाकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेता है, तो जमीन पर उसका अंजाम एक बेगुनाह की मौत के रूप में सामने आता है। पुल 8 महीने पहले ही डेड घोषित हो चुका था, तो उसे किलर बनने के लिए बीच रास्ते में क्यों छोड़ दिया गया।
प्रशासन का दावा है कि मार्च 2025 में पुल असुरक्षित पाया गया और जुलाई में इसे जानता के लिए बंद कर दिया गया। लेकिन हकीकत कुछ और ही बयां करती है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि इस पुल के अलावा और कोई दूसरा विकल्प नहीं है। यदि है भी तो वह काफी दूर है। स्थानीय लाेगों ने कहा कि जब प्रशासन ने इसे असुरक्षित घोषित कर रखा तो इसे तोड़ कर दूसरा क्यों नहीं बनाया। गुड़ मंडी को रूप नगर से जोड़ने वाला यह पुल छात्रों के लिए 30 मिनट का समय और करीब एक किलोमीटर की दूरी कम करता था।
अधिकारियों का दावा है कि पुल को पहले ही असुरक्षित घोषित कर बैरिकेड्स लगा दिए गए थे, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन ने आवाजाही का कोई सुविधाजनक वैकल्पिक रास्ता नहीं दिया, जिससे लोग और छात्र जान जोखिम में डालकर इसी शॉर्टकट का इस्तेमाल करने को मजबूर थे। आठवीं कक्षा की छात्रा जोया और उसके साथियों ने बताया कि पुल लंबे समय से एक तरफ झुक चुका था। छात्र जब इस पर चलते थे, तो यह थरथराने लगता था। रेलिंग की जालियां टूटी हुई थीं, जिससे डर के कारण बच्चे उसे पकड़ने से भी कतराते थे। रूप नगर की ओर से रास्ता इतना संकरा था कि एक समय में केवल दो-तीन बच्चे ही निकल पाते थे, जिससे वहां अक्सर भीड़ जमा रहती थी।
महिला की दर्दनाक मौत मामले में सरकार जिम्मेदार : देवेंद्र
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने लोहे का पुल टूटने के कारण उसमें गिरकर महिला की मौत पर चिंता व्यक्त करते हुए महिला की दर्दनाक मौत के लिए सीधे तौर पर भाजपा की रेखा गुप्ता सरकार को जिम्मेदार ठहराया और दिल्ली सरकार से मृत महिला के परिवार वालों को 50 लाख का मुआवजा देने कि मांग की।