फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   delhi 900 crore unit solar energy is lighting thousands of home

दिल्ली में नौ करोड़ यूनिट सौर उर्जा से रोशन हो रहे सैकड़ों घर से स्कूल और मंदिर से जेल

Mon, 02 Nov 2020 06:15 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Mon, 02 Nov 2020 06:15 PM IST
विज्ञापन
delhi 900 crore unit solar energy is lighting thousands of home
फाइल फोटो - फोटो : सोशल मीडिया।

सौर उर्जा से दिल्ली के सैकड़ों घर रोशन हो रहे हैं। सौर उर्जा से 9 करोड़ यूनिट बिजली का उत्पादन किया जा रहा है। धार्मिक स्थल ही नहीं, मॉल से लेकर जेल तक ना केवल सौर उर्जा से रोशन हो रहे हैं बल्कि ज्यादा उत्पादन होने पर बिजली कंपनी को बेच भी रहे हैं।

विज्ञापन


बीएसईएस बिजली उपभोक्ताओं समेत अन्य सार्वजनिक स्थलों के छत पर लगे करीब तीन हजार सोलर प्लांट्स से बिजली का उत्पाद किया जा रहा है। इस तरह से सौर ऊर्जा प्लांट्स लगाने वाले कई उपभोक्ताओं की ग्रिड की बिजली पर निर्भरता खत्म हो गई है। इतना ही नहीं बची हुई बिजली को बीएसईएस भी खरीद रहा है। जिसे बिजली बिल में एजडस्ट किया जा रहा है।
विज्ञापन


दूसरी तरफ बिजली उपभोक्ता दिल्ली सरकार द्वारा 400 यूनिट तक की बिजली खपत पर दी जाने वाली सब्सिडी का लाभ उठा रहे हैं। बिजली कंपनियों के सोलर पॉलिसी के मुताबिक, दिल्ली में साल में करीब 300 दिन धूप खिलती है। यहां सोलर पैनलों के लिए 31 वर्ग किलोमीटर की जगह उपलब्ध है। इतनी जगह में 2500 मेगावॉट सौर ऊर्जा का उत्पादन हो सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


उल्लेखनीय है कि एक किलोवॉट के रूफटॉप सोलर कनेक्शन से उपभोक्ता ग्रिड की बिजली की अपनी खपत में 90 से 120 यूनिट तक की कमी ला सकते है। बीएसईएस ने दक्षिणी दिल्ली में सोलराइज सफदरजंग और पूर्वी दिल्ली सोलराइज कड़कड़डूमा की शुरूआत की है। इसके तहत इन इलाकों में सौर ऊर्जा प्लांट्स को बढ़ावा दिया जाएगा।

सोलराइज सफदरजंग और सोलराइज कड़कड़डूमा कार्यक्रम पूरी तरह से वर्चुअल हैं, जिनमें कई ऑनलाइन टूल्स व प्लेटफॉर्म्स के सहारे काम किया जाएगा। बीएसईएस प्रवक्ता ने बताया कि सोलराइल पहल का उद्देश्य है, उपभोक्ताओं को इस बारे में जागरूक करना और सोलर रूफटॉप डेवलपर्स तथा फाइनेंसर्स की भागीदारी उपलब्ध कराना। सौर ऊर्जा के प्लांट्स लगाने के लिए उपभोक्ताओं को वितीय सहायता के विकल्प भी सुझाए जाते हैं।


धार्मिक स्थल ही नहीं जेल भी सौर उर्जा से जगमग हो रहे हैं
बीएसईएस दक्षिण, पश्चिम, मध्य और पूर्वी दिल्ली में सौर ऊर्जा के प्लांट्स को बड़े पैमाने पर बढ़ावा दे रही है। घरेलू उपभोक्ता ही नहीं, बल्कि शैक्षिक व धार्मिक संस्थाओं, रेलवे स्टेशन, मेडिकल कॉलेज, जेल में भी सोलर पावर प्लांट्स लगाया गया है। मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज, इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी, वसंत वैली स्कूल, डीपीएस- ईस्ट ऑफ कैलाश और बाल भारती पब्लिक स्कूल सौर उर्जा से रोशन हो रहे हैं। इसी तरह लोटस टेंपल, ऑरबिंदो आश्रम धार्मिक स्थल के साथ ही मंडोली जेल, निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन, टेरी, दिल्ली जल बोर्ड, आईपी एक्सटेंशन, द्वारका और पश्चिम विहार की कई सोसायटीज में भी सोलर पावर के प्लांट्स लगाए गए हैं। इनसे सोलर पावर का उत्पादन हो रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed