{"_id":"6ad13682c25b83a3f004b067","slug":"delhi-500-individuals-on-the-radar-of-security-agencies-three-foreign-handlers-2026-10-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिल्ली: सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर 500 लोग, पाकिस्तानी समेत तीन विदेशी हैंडल और नई दिल्ली के कई इलाके","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिल्ली: सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर 500 लोग, पाकिस्तानी समेत तीन विदेशी हैंडल और नई दिल्ली के कई इलाके
Fri, 16 Oct 2026 05:28 AM IST
दुष्यंत शर्मा
पुरुषोत्तम वर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
पुरुषोत्तम वर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 16 Oct 2026 05:28 AM IST
सार
ये सब नई दिल्ली में आए दिन हो रहे प्रदर्शन व मार्च और उनमें हो रही हिंसा, तोड़फोड़ व देश की छवि खराब होने की घटनाओं के कारण हो रहा है।
विज्ञापन
demo
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दिल्ली पुलिस समेत देश की सुरक्षा एजेंसियों के स्कैनर पर विभिन्न संगठनों के अशांति पैदा करने वाले 500 से ज्यादा लोग, पाकिस्तान व अन्य देशों से प्रसारित किए जा रहे सोशल मीडिया हैंडल और नई दिल्ली के काफी इलाके हैं। दिल्ली पुलिस का खुफिया विभाग यानी स्पेशल ब्रांच भी जोर-शोर से लगी हुई है। ये सब नई दिल्ली में आए दिन हो रहे प्रदर्शन व मार्च और उनमें हो रही हिंसा, तोड़फोड़ व देश की छवि खराब होने की घटनाओं के कारण हो रहा है।
विज्ञापन
इसके अलावा दिल्ली पुलिस के जनसंपर्क विभाग (पीआरओ) ने भी जेन-जी- 1.0 आंदोलन से सबक लेते हुए सोशल मीडिया अपन दिल्ली पुलिस के जुड़ाव को तेज कर दिया है। पुलिस का धारणा प्रबंधन विंग (परसेप्शन मैनेजमेंट विंग) एक ऐसे अभियान का मुकाबला करने के लिए काम कर रहा है, जिसे अधिकारी साइबर युद्ध (साइबर वॉरफेयर) अभियान के रूप में बताया जा रहा है। दिल्ली पुलिस के जनसंपर्क विभाग से जुड़े एक बड़े अधिकारी ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के जुलाई के प्रदर्शन के दौरान पुलिस को नकारात्मक रूप से पेश करना था।
विज्ञापन
पुलिस के पक्ष को दिखाने के लिए ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। यह प्रयास सीजेपी के जुलाई के विरोध प्रदर्शन के दौरान मिले हमारे पिछले अनुभवों के आधार पर किया जा रहा है। ऐसे में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जुड़ाव (इंगेजमेंट) बढ़ाने के प्रयास जारी हैं। पुलिस ने अपने प्रसारित हो रहे सोशल मीडिया कंटेंट की जांच शुरू कर दी है कि जुलाई के विरोध प्रदर्शन के दौरान उनके पक्ष की बातों को वैसी प्रतिक्रिया (ट्रैक्शन) क्यों नहीं मिली। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि पुलिस बल मेटा , एक्स और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के साथ मिलकर काम कर रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उनके एल्गोरिदम द्वारा कंटेंट को कैसे बढ़ाया जा सके।
विज्ञापन
एक्स पर आधिकारिक दिल्ली पुलिस हैंडल के माध्यम से कई वीडियो प्रसारित किए गए हैं। इन वीडियो में विरोध प्रदर्शनों के दौरान घायल हुए पुलिसकर्मी, फटी हुई वर्दी और बैज, पतन (कोलैप्स) के बाद मदद की जा रही महिला अधिकारी और प्रदर्शनकारियों द्वारा पुलिस कर्मियों के साथ पर की गई धक्का-मुक्की या प्रतिरोध की घटनाओं को दिखाया गया है। वीडियो में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के बयान और घटनाओं पर उनके आकलन भी शामिल हैं। हालांकि दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि इस बार दिल्ली पुलिस साइबर युद्ध यानि फर्जी व भ्रामक वीडियो को थामने में काफी हद तक सफल रही है।
500 लोगों पर नजर
दिल्ली पुलिस सूत्रों ने बताया कि पुलिस ने कम से कम 500 ऐसे व्यक्तियों की पहचान की है जो विरोध और लामबंदी (मोबिलाइजेशन) से जुड़े हैं। इस सूची में सीजेपी की कोर टीम के सदस्य, समर्थक और संगठन से जुड़े लोग शामिल हैं, जिनमें घरेलू कामगार, ड्राइवर और अन्य कर्मचारी भी शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि पुलिस बल कम से कम 100 ऐसे व्यक्तियों की भी निगरानी कर रहा है जो खुद को स्वतंत्र पत्रकार (इंडिपेंडेंट जर्नलिस्ट) बताते हैं।
दिशा समेत कई हैंडल की जांच शुरू
दिल्ली पुलिस की आईएफएसओ यूनिट के एक अधिकारी ने बताया कि दिल्ली में प्रदर्शनों के दौरान पाकिस्तान समेत कई देशों से भारतीय बनकर हैंडल चलाए जा रहे है। इनसे देश के माहौल को खराब करने लिए फर्जी व भ्रामक पोस्ट डाली जा रही हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ये पूरी तरह स्पष्ट हो चुका है कि अनुजश्री तिवारी भारतीय हैंडल पाकिस्तान से चलाया जा रहा है। अब दिशा समेत तीन से चार हैंडल की पुलिस जांच कर रही है और गूगल से जानकारी मांगी है।