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Delhi: जल प्रहरी सम्मान से नवाजे गए देशभर के 33 कार्यकर्ता, अमर उजाला ने निभाई मीडिया सहयोगी की भूमिका
Fri, 12 Dec 2025 02:10 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 12 Dec 2025 02:10 AM IST
सार
देशभर में जल संरक्षण और जनभागीदारी के माध्यम से उत्कृष्ट कार्य करने वाले 33 व्यक्तियों को बृहस्पतिवार को न्यू महाराष्ट्र सदन में जल प्रहरी सम्मान 2025 से नवाजा गया। इस कार्यक्रम में अमर उजाला मीडिया सहयोगी रहा।
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देशभर में जल संरक्षण और जनभागीदारी के माध्यम से उत्कृष्ट कार्य करने वाले 33 व्यक्तियों को बृहस्पतिवार को न्यू महाराष्ट्र सदन में जल प्रहरी सम्मान 2025 से नवाजा गया। इस दौरान जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल और परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष एवं आध्यात्मिक प्रमुख स्वामी चिदानन्द सरस्वती समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जल की सुरक्षा करना संचयन करना और बचाने के साथ इसका कम उपयोग करने वाला जल प्रहरी बन सकता है। कोई पानी को प्रदूषित कर रहा है और उसे रोकना जल प्रहरी का काम है। पानी की बचत करने के लिए इसी उद्देश्य से आगे बढ़ना पड़ेगा। यह बातें बृहस्पतिवार को न्यू महाराष्ट्र सदन में जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने की। वह जल प्रहरी सम्मान 2025 के छठे संस्करण को संबोधित कर रहे थे। इस कार्यक्रम में अमर उजाला मीडिया सहयोगी रहा। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि हमारे देश में पानी को लेकर कोई जागरूकता नहीं थी लेकिन खुद से इतने जल प्रहरी मौजूदा समय में सबके सामने खड़े हैं।
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देशभर में जल संरक्षण और जनभागीदारी के माध्यम से उत्कृष्ट कार्य करने वाले 33 व्यक्तियों को बृहस्पतिवार को न्यू महाराष्ट्र सदन में जल प्रहरी सम्मान 2025 से नवाजा गया। यह सम्मान केंद्र सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के अंतर्गत नमामि गंगे और जल जीवन मिशन के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में प्रदान किया गया। इस वर्ष चयनित 33 जल प्रहरियों में गुजरात, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, झारखंड, राजस्थान, बिहार, तेलंगाना, कर्नाटक और मध्य प्रदेश के प्रतिनिधि शामिल रहें।
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परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष एवं आध्यात्मिक प्रमुख स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि जल प्रहरी का मतलब है एक सोच, संक्लप, जिम्मेदारी और जवाबदेही। इसका मतलब है कि मेरी धरती है मेरा देश है। लोग नदियों के पास जाते तो हैं, लेकिन कर्तव्यों को भूल जाते हैं। आज अतंरराष्ट्रीय दिवस है। ऐसे में पर्वत बचेंगे, तो पहाड़ बचेंगे। पानी बचेगा तो प्रयाग बचेगा तभी कुंभ भी होगा। वरना 144 साल वाला महाकुंभ नहीं होगा। उन्होंने कहा कि हाल ही में यूनेस्को ने कुंभ को हेरिटेज घोषित किया और अभी दीपावली को भी घोषित किया हैं। कुंभ में वोट देने के लिए इस बार 64 करोड़ लोग आए। इस दौरान जल प्रहरी के सोविनियर का विमोचन किया। इसमें क्या, कैसे, किया? इसके बारे में बताया गया है।
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यह जल प्रहरी हुए सम्मानित
जल प्रहरी सम्मान 2025 के लिए जिन 33 व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। इनमें बिहार से कामिनी कुमारी और किशोर जायसवाल, छत्तीसगढ़ से भोज कुमार साहू और तरुण वैद्य, दिल्ली से सब्यसाची भारती, गुजरात से बृजकिशोर गुप्ता, धवल पंड्या और डॉ. नीलकुमार देसाई, झारखंड से अरिंदम चौधरी, बिभु चौधरी और किशोर जायसवाल, कर्नाटक से धनलक्ष्मी रामचंद्र, मध्य प्रदेश से आकांक्षा सैमुअल और डॉ. लाल सिंह किरार, महाराष्ट्र से अनिरुद्ध तोडकर, डॉ. एचएम पाटिल, एकनाथ मोतीलाल और सोनू पाटिल भीला, पंजाब से पुनीत खन्ना, राजस्थान से नेहपाल सिंह और रामेश्वर लाल मीणा, तेलंगाना से रिजवानबाशा शेख, उत्तर प्रदेश से डॉ. बिंदिया सक्सेना, हिमांशु नागपाल, मधुकर स्वयंभू, निर्मल यादव, राजेश कुमार शुक्ला, संजय राणा, साकेत, सोनाक्षी, सुमन साहा और गौतम सिंह और उत्तराखंड से विनोद सिंह खाती और आकांक्षा कोंडे शामिल रहे। ये सभी अपने-अपने क्षेत्रों में जल संरक्षण, जनभागीदारी और जल स्रोतों के पुनर्जीवन के महत्वपूर्ण कार्यों के लिए सम्मानित किए गए।