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Delhi NCR News: ड्रेन प्रोजेक्ट्स में देरी पर लगाम, यूटिलिटी शिफ्टिंग के लिए तय हुई समय-सीमा
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ड्रेन प्रोजेक्ट्स में देरी पर लगाम, यूटिलिटी शिफ्टिंग के लिए समय-सीमा तय
-- पीडब्ल्यूडी ने जारी की नई एसओपी, सर्वे से लेकर मंजूरी और भुगतान तक की प्रक्रिया को किया गया समयबद्ध
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली में नालों के निर्माण, रीमॉडलिंग और चौड़ीकरण की परियोजनाओं में यूटिलिटी शिफ्टिंग के कारण होने वाली देरी को रोकने के लिए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने विस्तृत स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) जारी की है। नई व्यवस्था के तहत बिजली, पानी, सीवर, गैस पाइपलाइन और टेलीकॉम नेटवर्क जैसी यूटिलिटी सेवाओं को हटाने या सुरक्षित करने की पूरी प्रक्रिया के लिए समय-सीमा निर्धारित की गई है, ताकि परियोजनाएं तय समय पर पूरी हो सकें।
नालों के निर्माण और रीमॉडलिंग कार्यों के दौरान सबसे बड़ी बाधा विभिन्न यूटिलिटी सेवाओं के स्थानांतरण में आने वाली देरी रही है। इसे देखते हुए विभाग ने सभी संबंधित एजेंसियों और अधिकारियों के लिए एक समान कार्यप्रणाली लागू करने का फैसला किया है। नई व्यवस्था के तहत परियोजना की योजना बनाते समय ही पीडब्ल्यूडी और संबंधित यूटिलिटी एजेंसियों को संयुक्त सर्वेक्षण करना होगा। एसओपी में कहा गया है कि यूटिलिटी एजेंसियों के साथ संयुक्त सर्वे 10 दिनों के भीतर पूरा किया जाएगा, जबकि शिफ्टिंग या सुरक्षा कार्यों का अनुमान 21 दिनों के भीतर प्राप्त करना होगा। इसके बाद प्रशासनिक और व्यय स्वीकृति की प्रक्रिया को भी अधिकतम दो महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
एनओसी मिलने पर ही होगी खुदाई
पीडब्ल्यूडी की तरफ से जारी दस्तावेज में यह भी स्पष्ट किया गया है कि स्वीकृति मिलने के 10 दिनों के भीतर संबंधित यूटिलिटी एजेंसियों को भुगतान जारी करना होगा, ताकि फंड के अभाव में कार्य प्रभावित न हो। वहीं, यूटिलिटी एजेंसियों को स्वीकृत समय-सीमा और लागत के भीतर शिफ्टिंग कार्य पूरा कर अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) जारी करना होगा। एसओपी के अनुसार, कोई भी निर्माण कार्य तब तक शुरू नहीं किया जाएगा जब तक आवश्यक यूटिलिटी क्लियरेंस और एनओसी प्राप्त न हो जाएं। इसके साथ ही निर्माण एजेंसियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि यूटिलिटी शिफ्टिंग और निर्माण गतिविधियां एक-दूसरे के साथ समन्वय में संचालित हों, ताकि कार्यों में रुकावट न आए।
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एसओपी में तय हुई प्रमुख समय-सीमाएं...
-- संयुक्त सर्वेक्षण : 10 दिन के भीतर
-- यूटिलिटी शिफ्टिंग का अनुमान : 21 दिन के भीतर
-- प्रशासनिक एवं व्यय स्वीकृति : अधिकतम 2 माह में
-- स्वीकृति मिलने के बाद भुगतान जारी : 10 दिन के भीतर
-- शिफ्टिंग कार्य : स्वीकृत समय-सीमा के अनुसार पूरा करना अनिवार्य
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली में नालों के निर्माण, रीमॉडलिंग और चौड़ीकरण की परियोजनाओं में यूटिलिटी शिफ्टिंग के कारण होने वाली देरी को रोकने के लिए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने विस्तृत स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) जारी की है। नई व्यवस्था के तहत बिजली, पानी, सीवर, गैस पाइपलाइन और टेलीकॉम नेटवर्क जैसी यूटिलिटी सेवाओं को हटाने या सुरक्षित करने की पूरी प्रक्रिया के लिए समय-सीमा निर्धारित की गई है, ताकि परियोजनाएं तय समय पर पूरी हो सकें।
नालों के निर्माण और रीमॉडलिंग कार्यों के दौरान सबसे बड़ी बाधा विभिन्न यूटिलिटी सेवाओं के स्थानांतरण में आने वाली देरी रही है। इसे देखते हुए विभाग ने सभी संबंधित एजेंसियों और अधिकारियों के लिए एक समान कार्यप्रणाली लागू करने का फैसला किया है। नई व्यवस्था के तहत परियोजना की योजना बनाते समय ही पीडब्ल्यूडी और संबंधित यूटिलिटी एजेंसियों को संयुक्त सर्वेक्षण करना होगा। एसओपी में कहा गया है कि यूटिलिटी एजेंसियों के साथ संयुक्त सर्वे 10 दिनों के भीतर पूरा किया जाएगा, जबकि शिफ्टिंग या सुरक्षा कार्यों का अनुमान 21 दिनों के भीतर प्राप्त करना होगा। इसके बाद प्रशासनिक और व्यय स्वीकृति की प्रक्रिया को भी अधिकतम दो महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
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एनओसी मिलने पर ही होगी खुदाई
पीडब्ल्यूडी की तरफ से जारी दस्तावेज में यह भी स्पष्ट किया गया है कि स्वीकृति मिलने के 10 दिनों के भीतर संबंधित यूटिलिटी एजेंसियों को भुगतान जारी करना होगा, ताकि फंड के अभाव में कार्य प्रभावित न हो। वहीं, यूटिलिटी एजेंसियों को स्वीकृत समय-सीमा और लागत के भीतर शिफ्टिंग कार्य पूरा कर अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) जारी करना होगा। एसओपी के अनुसार, कोई भी निर्माण कार्य तब तक शुरू नहीं किया जाएगा जब तक आवश्यक यूटिलिटी क्लियरेंस और एनओसी प्राप्त न हो जाएं। इसके साथ ही निर्माण एजेंसियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि यूटिलिटी शिफ्टिंग और निर्माण गतिविधियां एक-दूसरे के साथ समन्वय में संचालित हों, ताकि कार्यों में रुकावट न आए।
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एसओपी में तय हुई प्रमुख समय-सीमाएं...