नोएडा-ग्रेनो में मंडरा रहा करंट का खतरा, मानसून के लिए तैयार नहीं विद्युत निगम
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हर साल की तरह इस साल भी मानसून दस्तक देने को तैयार है, लेकिन नोएडा बरसात के लिहाज से तैयार नहीं है। वह भी विद्युत निगम। चूंकि हर गांव और सेक्टर में खंभे व जर्जर तारों के अलावा पानी में तैरते ट्रांसफार्मर हादसों को न्योता दे रहे हैं। हर साल नोएडा प्राधिकरण और विद्युत निगम के अधिकारियों द्वारा व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने का दावा किया जाता है, मगर गर्मी और बरसात आने पर दोनों विभागों के कराए गए कार्यों की पोल खुल जाती है। बिजली के खुले पैनल बॉक्स और जर्जर तारों के अलावा खोखले हो चुके खंभे गिरकर करंट में कब लोगों को अपनी चपेट में ले लें, इसका कोई भरोसा नहीं है। इससे भी अधिक खतरनाक शहर और गांवों के ट्रांसफार्मर हैं, जो नीचे बहते पानी में रखे हुए हैं जो कभी भी लोगों को चपेट में ले सकते हैं। यह स्थिति केवल नोएडा में ही नहीं है, बल्कि ग्रेटर नोएडा में भी इस तरह के हालात हैं।
कई लोगों की करंट से जा चुकी है जान
पहले भी कई बार करंट लगने से कई लोग जान गंवा चुके हैं तो कुछ लोग करंट से झुलसकर दिव्यांग तक हो गए हैं। 2016 में बिना किसी आंधी और बरसात के सेक्टर-5 में जर्जर तार टूटने से 3 लोगों की करंट से झुलसकर मौत हो गई थी। 2017 में नोएडा के सेक्टर-82 में हाई मास्क पोल से करंट लगने से 5 साल के बच्चे की मौत हो गई थी। इस साल जून में सदरपुर में एक बच्चे की पोल की सपोर्ट वायर को पकड़ने से मौत हो गई। जेवर, रबूपुरा, दनकौर और दादरी में कई लोग करंट से जान गवा चुके हैं। इन हादसों के बाद भी नोएडा प्राधिकरण और विद्युत विभाग जागने को तैयार नहीं हैं।
पांच समस्याएं दूर हों तो हादसों में आएगी कमी
-नोएडा में हर साल जर्जर तारों को बदलने की योजना बनाई जाती है, मगर हर साल इन्हें बदला नहीं जाता है और गर्मी आने के बाद फिर से इनको बदलने के लिए प्रस्ताव बनाया जाता है। पिछले पांच साल से ऐसे ही योजनाएं बन रही हैं।
-नोएडा की स्थापना के बाद बनी सोसायटियों में पैनल बॉक्स लगाए गए थे। इन सोेसायटियों में 25 साल के बाद पैनल खराब होकर स्वयं गिरने लगे तो कुछ में करंट आने लगा। मगर 15 साल से अधिक समय से लोग पैनल बॉक्स बदलने के लिए गुहार लगा रहे हैं और निगम व प्राधिकरण की ओर से पुरानी सोसायटियों में पैनल बॉक्स नहीं बदलवाए गए हैं।
-नोएडा व यहां के गांवों में जर्जर पोल की हालत ऐसी हो चुकी है कि हवा के हल्के से झोंके में कब वह गिर जाए और हादसे का कारण बन जाए। मगर निगम के अधिकारी-कर्मचारियों ने आंख बंद कर रखी है और हादसे को न्योता दे रहे पोल बदले नहीं जा रहे हैं।
-शहर में 3 हजार से अधिक ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं और इनमें से 200 से अधिक ऐसी जगहों पर लगे हुए हैं जो हमेशा हादसों को न्योता देते रहते हैं। काफी ट्रांसफार्मर तो नाली के किनारे या पानी में ही लगे हुए हैं, जबकि कुछ बिना सुरक्षा कवच के लगा रखे हैं, मगर विभाग की ओर से कभी इनको बदलने या पानी से हटाने की योजना नहीं बनाई गई।
-एलटी लाइन में करंट उस समय उतरता है जब पत्थर से बने इंसुलेटर क्रैक हो जाते हैं तो उनके द्वारा पोल और उसकी सपोर्ट में करंट लगकर उतर जाता है, मगर बरसात से पहले कभी भी इनको चेक करके बदला नहीं जाता है और हादसा हो जाता है।
क्या कहते हैं लोग
नोएडा में बिजली की हालत बेहद खराब है और आए दिन हादसे होते हैं मगर अधिकारी फिर भी सही से रखरखाव नहीं करते हैं। अगर सर्दी में मरम्मत के काम कर लिए जाएं तो गर्मी और बरसात में उपभोक्ताओं को परेशानी न हो। -सुशील कुमार, सेक्टर-56 निवासी
यूपीपीसीएल का शहर में ढांचा खराब होने के कारण बिजली कटौती हो रही है। अगर समय से ढांचा दुरुस्त कर लिया जाए तो हादसे भी न हों। बिजली घर पर कोई कर्मचारी फोन तक नहीं उठाते हैं। कई बार शिकायत की जा चुकी है। -पवन यादव, निवासी, सेंचुरी अपार्टमेंट, सेक्टर-100
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में ढांचागत कुछ समस्याएं हैं। अगर उनको समय रहते सही कर लिया जाए तो कटौती और हादसे दोनों रोके जा सकते हैं। मगर दोनों शहरों और यहां के गांवों में लापरवाही के कारण पैनल बॉक्स खुले पड़े हैं, जो हादसों का कारण बनते हैं। -आलोक सिंह, समाजसेवी
लगातार एनपीसीएल से शिकायत करने के बावजूद ग्रेनो शहर में पैनल बॉक्स बरसात होने पर पानी में डूब जाते हैं, जो कभी भी हादसे का सबब बन सकते हैं। इसके लिए अधिकारियों से लगातार बात की जा रही है। -हरेंद्र भाटी, एक्टिव सिटीजन टीम
विद्युत निगम वीडियो वायरल कर दे रहा सुझाव
निगम के अधिकारियों की ओर से एक वीडियो वायरल किया गया है, जिसमें यह बताया गया है कि आकाशीय बिजली गिरने के दौरान व्यक्ति को खडे़ नहीं रहना चाहिए, बल्कि पंजे के बल दोनों अंगूठे मिलाकर बैठ जाना चाहिए। छाता और मोबाइल का कतई प्रयोग न करें। इस दौरान किसी पेड़ के नीचे खडे़ न हों और पानी के अंदर हो तो तुरंत बाहर सूखे में जाकर बैठ जाएं। इस वीडियो को उपभोक्ताओं को भेजकर जागरूक किया जा रहा है।
एनपीसीएल की ओर से बरसातों से पहले ही शहर और गांवों में जो पोल या पैनल बॉक्स खराब थे, उनको बदलवा दिया गया है। अगर किसी के पास इस तरह की कोई सूचना है तो वह उनको भेज सकते हैं, जिससे उन्हें तुरंत बदलवाया जा सके। कंपनी नहीं चाहती कि किसी भी तरह का हादसा हो। -सारनाथ गांगुली, महाप्रबंधक, एनपीसीएल
बरसात के मौसम में करंट से कोई घटना न हो इसके लिए निगम ने काम करना शुरू कर दिया है। सभी एलटी लाइन में ब्रेक हुए इंसुलेटर को बदला जा रहा है। जमीन पर लगे ट्रांसफार्मर पैनल के केबल की जांच कराई जा रही है और कटे केबल को बदलवाया जा रहा है। जर्जर पोल को बदलवाया जा रहा है। ट्रांसफार्मरों की अर्थिंग ठीक करने के निर्देश दे दिए गए हैं। -राकेश कुमार राणा, मुख्य अभियंता नोएडा जोन