अस्पताल में मरीज की मौत, मंत्री जी ने मांगा जवाब
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सिविल अस्पताल में मंगलवार सुबह डायरिया से एक व्यक्ति की मौत हो गई। मौत से गुस्साए परिजनों ने जमकर हंगामा किया। परिजनों ने डॉक्टरों की लापरवाही का आरोप लगाया।
दोपहर में अस्पताल के निरीक्षण पर आए स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज से परिजनों ने इसकी शिकायत की। इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने सिविल सर्जन डॉ. पुष्पा विश्नोई से स्पष्टीकरण मांगा।
गुड़गांव के वजीराबाद में रहने वाले मूल रूप से उत्तराखंड निवासी उमेश सिंह डायरिया होने पर सोमवार शाम इमरजेंसी वार्ड में आए थे। इसके बाद उन्हें उपचार के लिए भर्ती कर लिया गया।
रात को उनकी हालत खराब होने लगी। परिजनों का आरोप है कि कई बार डॉक्टरों को इस बात की जानकारी दी गई, लेकिन कोई देखने नहीं आया। रात करीब एक बजे बाथरूम जाने के बाद उनकी मौत हो गई।
मौके पर पहुंची पुलिस
मौत की सूचना लगने के बाद सुबह परिजन जमा हो गए। जब परिजनों को डॉक्टर की लापरवाही की जानकारी लगी, तो वह भड़क उठे। उन्होंने अस्पताल के दूसरे तल स्थित मेडिकल वार्ड में जमकर हंगामा किया। कुर्सियां तोड़ दीं। नर्सों पर भी भड़के।
अस्पताल में स्वास्थ्य मंत्री के आने की सूचना की वजह से तत्काल पुलिस बुला ली गई। मौके पर पहुंचे पुलिस वाले ने मौत का कारण पता करने के लिए मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराने का आश्वासन देकर मामले को शांत कराया।
दोपहर को अस्पताल निरीक्षण के लिए पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री से परिजनों ने पूरी कहानी बताई। उन्होंने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया। प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. कांता गोयल ने स्वास्थ्य मंत्री को बताया कि मरीज को डायरिया था।
रात को हृदयघात हुआ, जिसकी वजह से उसकी मौत हो गई। इसके बाद मौके पर ही स्वास्थ्य मंत्री ने इस मामले की रिपोर्ट मंगलवार शाम तक देने के आदेश दिए। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।