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लावारिस मिलते हैं शव, ‘दफन’ हो जाते हैं मौत के राज, कातिलों तक नहीं पहुंच पाती पुलिस
Sun, 01 Dec 2019 09:55 AM IST
शाहरुख खान
जेपी शर्मा, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
जेपी शर्मा, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 01 Dec 2019 09:55 AM IST
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ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में यमुना एक्सप्रेसवे, नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और यहां से गुजरने वाले दिल्ली-हावड़ा रेलवे ट्रैक और नहर के आसपास अक्सर लावारिस शव बरामद होते हैं। पहचान और खुलासा नहीं होने के कारण इससे जुड़े राज पुलिस फाइल में दबकर रह जाते हैं।
क्षेत्र के चारों और खुले रास्ते है, जिन पर बैरिकेडिंग कर आवाजाही बंद करना और चेकिंग करना आसान नहीं है। शहर और क्षेत्र की यह भौगोलिक स्थिति न केवल लूटपाट करने वाले बदमाशों को रास आ रही है। बल्कि कई बार आरोपी हत्या कर आसानी से फरार हो जाते हैं।
वहीं कई बार दूसरे क्षेत्र में हत्या कर शव फेंक दिए जाते हैं। कई बार सड़क व ट्रेन हादसों में लोगों की मौत के बाद शवों की पहचान होना मुश्किल होता है लेकिन अधिकांश अज्ञात शव के मामले हत्या से जुड़े रहते हैं। अन्यथा हादसे के बाद मृतक के पास से मोबाइल या कोई ऐसा दस्तावेज जरूर मिलता है, जिससे उसकी पहचान हो जाती है।
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आलम यह है कि क्षेत्र में आए दिन अज्ञात पुरुषों व महिलाओं के शव मिलते हैं। इनकी पहचान करने में पुलिस को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। पहचान न हो पाने के ही कारण इनकी हत्या का राज खुल नहीं पाता और आरोपियों को लाभ मिलता है। इससे अपराधियों का हौसला बढ़ जाता है।
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क्षेत्र के चारों और खुले रास्ते है, जिन पर बैरिकेडिंग कर आवाजाही बंद करना और चेकिंग करना आसान नहीं है। शहर और क्षेत्र की यह भौगोलिक स्थिति न केवल लूटपाट करने वाले बदमाशों को रास आ रही है। बल्कि कई बार आरोपी हत्या कर आसानी से फरार हो जाते हैं।
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वहीं कई बार दूसरे क्षेत्र में हत्या कर शव फेंक दिए जाते हैं। कई बार सड़क व ट्रेन हादसों में लोगों की मौत के बाद शवों की पहचान होना मुश्किल होता है लेकिन अधिकांश अज्ञात शव के मामले हत्या से जुड़े रहते हैं। अन्यथा हादसे के बाद मृतक के पास से मोबाइल या कोई ऐसा दस्तावेज जरूर मिलता है, जिससे उसकी पहचान हो जाती है।
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आलम यह है कि क्षेत्र में आए दिन अज्ञात पुरुषों व महिलाओं के शव मिलते हैं। इनकी पहचान करने में पुलिस को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। पहचान न हो पाने के ही कारण इनकी हत्या का राज खुल नहीं पाता और आरोपियों को लाभ मिलता है। इससे अपराधियों का हौसला बढ़ जाता है।
बाइक पर शव ले जाकर गटर में डालने में कामयाब हुए आरोपी
10 नवंबर को बुलंदशहर निवासी सुरक्षाकर्मी राजन सिंह का साइट-5 थाना क्षेत्र से अपहरण कर लिया गया था। मामले में पुलिस ने 13 नवंबर को अपहरण की रिपोर्ट दर्ज की थी। 16 नवंबर को राजन सिंह का शव दादरी के अजायबपुर क्षेत्र के गटर में मिला था।
शुक्रवार को पुलिस ने बुलंदशहर के ही रहने वाले अजयवीर को गिरफ्तार कर वारदात का खुलासा किया। इसमें चौंकाने वाली बात सामने आई कि आरोपी सिग्मा-2 सेक्टर से दादरी घोड़ी गांव के पास तक बाइक पर शव ले जाने में कामयाब हो गए थे। इस दौरान पुलिस या किसी व्यक्ति की उन पर नजर नहीं पड़ी और घटना का खुलासा होने में 20 दिन का समय लग गया।
शव महिला का था या पुरुष का यह भी नहीं बता पाई पुलिस
करीब छह माह पहले सूरजपुर कोतवाली क्षेत्र में एक अधबने मकान से पुलिस ने एक क्षतविक्षत शव बरामद किया था। हैरानी की बात यह थी कि पुलिस पोस्टमार्टम के बाद भी यह नहीं स्पष्ट कर पाई थी कि शव महिला का था या फिर पुरुष का
शुक्रवार को पुलिस ने बुलंदशहर के ही रहने वाले अजयवीर को गिरफ्तार कर वारदात का खुलासा किया। इसमें चौंकाने वाली बात सामने आई कि आरोपी सिग्मा-2 सेक्टर से दादरी घोड़ी गांव के पास तक बाइक पर शव ले जाने में कामयाब हो गए थे। इस दौरान पुलिस या किसी व्यक्ति की उन पर नजर नहीं पड़ी और घटना का खुलासा होने में 20 दिन का समय लग गया।
शव महिला का था या पुरुष का यह भी नहीं बता पाई पुलिस
करीब छह माह पहले सूरजपुर कोतवाली क्षेत्र में एक अधबने मकान से पुलिस ने एक क्षतविक्षत शव बरामद किया था। हैरानी की बात यह थी कि पुलिस पोस्टमार्टम के बाद भी यह नहीं स्पष्ट कर पाई थी कि शव महिला का था या फिर पुरुष का
दिल्ली हावड़ा ट्रैक पर मिले इस वर्ष 10 शव, 8 की पहचान नहीं
17 अप्रैल दादरी रेलवे स्टेशन के पास 56 वर्षीय पुरुष
1 मई मारीपत रेलवे स्टेशन के पास 32 वर्षीय पुरुष
15 जुलाई दादरी रेलवे स्टेशन के पास 50 वर्षीय पुरुष
17 जुलाई मारीपत रेलवे स्टेशन के पास 32 वर्षीय पुरुष
3 सितंबर दादरी रेलवे स्टेशन के पास 30 वर्षीय महिला
19 सितंबर दादरी रेलवे स्टेशन के पास 52 वर्षीय पुरुष
11 सितंबर मारीपत रेलवे स्टेशन के पास 40 वर्षीय पुरुष
21 नवंबर दादरी रेलवे स्टेशन के पास 25 वर्षीय पुरुष
1 मई मारीपत रेलवे स्टेशन के पास 32 वर्षीय पुरुष
15 जुलाई दादरी रेलवे स्टेशन के पास 50 वर्षीय पुरुष
17 जुलाई मारीपत रेलवे स्टेशन के पास 32 वर्षीय पुरुष
3 सितंबर दादरी रेलवे स्टेशन के पास 30 वर्षीय महिला
19 सितंबर दादरी रेलवे स्टेशन के पास 52 वर्षीय पुरुष
11 सितंबर मारीपत रेलवे स्टेशन के पास 40 वर्षीय पुरुष
21 नवंबर दादरी रेलवे स्टेशन के पास 25 वर्षीय पुरुष