'नेताओं की वजह से नहीं रुक रही है पानी चोरी'
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दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने आम जनता के प्रतिरोध और स्थानीय नेताओं के हस्तक्षेप के चलते पानी की चोरी पर रोक लगाने में असमर्थता जाहिर की है। डीडीए ने द्वारका में रहने वाले एक व्यक्ति की शिकायत पर लिखित जवाब देते हुए यह कहा है।
अनियमित पानी सप्लाई की शिकायत करने वाले व्यक्ति को डीडीए की ओर से जब ऐसा जवाब मिला तो वह भी हैरान है।
द्वारका के नसीरपुर इलाके में रहने वाले व्यक्ति ने आरटीआई के तहत यह जानकारी मांगी थी कि उसके एरिया में पंपिंग सेट के जरिए आने वाला पानी आखिर कहां जा रहा है? इसके जवाब में डीडीए ने कहा कि अवैध रूप से लगाए गए पानी की टैप की वजह से पानी की चोरी हो रही है। इसम मामले में वह चाहकर भी कार्रवाई नहीं कर पा रहे क्योंकि उन पर स्थानीय नेताओं को दबाव है।
तो यहां चोरी होता है सबसे ज्यादा पानी
टीओआई के अनुसार, नसीरपुर में रहने वाले अरुण बनर्जी ने कहा कि मधु विहार में बने पंपिंग स्टेशन से उनके एरिया में पानी की सप्लाई होती है। लेकिन महावीर एन्क्लेव के पास यह पानी अवैध रूप से कब्जा लिया जाता है। इससे उनके इलाके तक पानी पहुंच ही नहीं पाता।
उन्होंने कहा कि पानी की यह चोरी अवैध कॉलोनियों में रहने वाले लोग करते हैं। बनर्जी ने बताया कि नसीरपुर में लगभग 30 हजार लोग ग्रुप हाउसिंग सोसायटी और डीडीए फ्लैट्स में रहते हैं। इन सब की एक ही समस्या है पानी सप्लाई।
बनर्जी ने भी कहा कि डीडीए की ओर से जब भी इन अवैध कनेक्शनों को हटाने की मुहिम शुरू होती है, स्थानीय नेताओं का दबाव पड़ने लगाता है और मामला फिर थम जाता है।
उन्होंने कहा कि डीडीए हमसे पैसे लेता है लेकिन न तो सही से पानी की सप्लाई होती और न ही अवैध कनेक्शन बंद किए जा रहे।