दूसरे दिन भी जारी है DCW अध्यक्ष स्वाति मालिवाल का अनशन, PM से पूछे ये सवाल
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जम्मू-कश्मीर के कठुआ में आठ साल की बच्ची से गैंगरेप- हैवानियत और उन्नाव में नाबालिग से बलात्कार की घटना के विरोध में दिल्ली महिला आयोग अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने समता स्थल पर शुक्रवार से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है। उनका यह अनशन शनिवार को दूसरे दिन भी जारी है।
शनिवार को आंबेडकर जयंती के मौके पर स्वाति ने पीएम मोदी से सवाल किया है कि यदि बच्चियों से बलात्कार होता रहेगा तो लोकतंत्र कैसे बचेगा। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि, बाबा साहब भीमराव आंबेडकर के जन्मदिन के मौके पर उनको मुंह से श्रद्धांजलि देने के बजाय, मैं सभी सरकारों और राजनीतिक पार्टियों से अपील करती हूं कि वह महिलाओं और लड़कियों की भलाई के लिए काम करें, जिससे बाबा साहब का सपना साकार हो सके। नरेंद्र मोदी जी आज महिलाओं व बच्चों की सुरक्षा के लिए कुछ निर्णायक फैसला लीजिए।
Instead of symbolism & lip service to Baba Saheb Ambedkar on his birth anniversary, I appeal to all Govt and political parties to live his dream of uplifting women and girls. Today, @narendramodi ji please take decisive actions to ensure safety of women and children.
विज्ञापन विज्ञापन— Swati Maliwal (@SwatiJaiHind) April 14, 2018
वहीं कल अनशन की शुरुआत में स्वाति ने कहा कि हमारी मांग यही है कि छोटी बच्चियों के साथ बलात्कार करने वालों को छ: माह के अंदर फांसी हो। पोक्सो कानून में फांसी की सजा को जोड़ने की बात की जा रही है। लेकिन कानून बनाने से कुछ नहीं होगा।
कानून को सही तरीके से लागू नहीं कराया तो वह एक जुमला बनकर रह जाएगा। उन्होंने पुलिस की जवाबदेही तय करने, पुलिस के संसाधन बढ़ाने, फास्ट ट्रैक स्थापित करने की बात की। उन्होंने कहा कि मांगे पूरी होने पर ही अब अनशन टूटेगा।
अनशन को समर्थन देने यशवंत सिन्हा पहुंचे
मालीवाल के अनशन को समर्थन देने भाजपा के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा, पूर्व राजनायिक के.सी सिंह, भी पहुंचे। यशवंत सिन्हा ने कहा कि यह दुख की बात है कि देश व दिल्ली में बलात्कार की घटनाएं हो रही हैं। इससे पूरी दुनिया में गलत संदेश जा रहा है। प्रधानमंत्री इन घटनाओं पर चुप्पी साधे हैं। कुछ लोग कठुआ की घटना को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं।
आठ माह की बच्ची के माता-पिता भी पहुंचे
दो माह पहले दिल्ली में आठ माह की बच्ची के साथ बलात्कार हुआ था। दिल्ली महिला आयोग के इस अनशन को समर्थन देने के लिए आठ माह की बच्ची के माता-पिता भी पहुंचे। वहीं चलती बस में छेड़छाड़ का शिकार बनी डीयू की छात्रा ने अनशन स्थल पर आपबीती सुनाई। अनशन स्थल पर अस्मिता थियेटर ग्रुप के अरविंद गौड़ व उनकी टीम ने दस्तक नाम से नाटकों का मंचन भी किया।