{"_id":"5f20b7d28ebc3e9fed06c532","slug":"dayal-singh-college-principal-accused-of-plagiarism","type":"story","status":"publish","title_hn":"दयाल सिंह कॉलेज के प्रिंसिपल पर साहित्यिक चोरी का आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दयाल सिंह कॉलेज के प्रिंसिपल पर साहित्यिक चोरी का आरोप
Wed, 29 Jul 2020 05:12 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 29 Jul 2020 05:12 AM IST
विज्ञापन
dyal singh college
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्ली विश्वविद्यालय के दयाल सिंह कॉलेज (सांध्य) के प्रिंसिपल पर साहित्यिक चोरी के आरोप लगे हैं। कॉलेज की प्रबंध समिति की ओर से गठित तीन सदस्यीय कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में इन आरोपों को सही पाया है। प्रबंध समिति ने रिपोर्ट को दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन को भेजा है। वहीं, कॉलेज प्रिंसिपल डॉ पवन कुमार शर्मा को एक महीने का एक्सटेंशन मिलने से मामला गरमा गया है। डीयू के शिक्षक डॉ नवीन गौड़ ने साहित्यिक चोरी की शिकायत की थी।
विज्ञापन
साहित्यिक चोरी के आरोपों की जांच के लिए गठित प्रबंध समिति की कमेटी ने रिपोर्ट में कहा है कि प्रिंसिपल द्वारा लिखित ट्रेनिंग एंड डेवलपमेंट नामक पुस्तक को टर्टिन सॉफ्टवेयर के माध्यम से चेक किया गया। इसमें पाया गया कि पुस्तक के बड़े हिस्से में साहित्यिक चोरी है, कई जगह तो शब्द व लाइन को हूबहू कॉपी किया गया है। वहीं, इन आरोपों के बावजूद उन्हें एक्सटेंशन दिए जाने से मामला गरम हो गया है।
विज्ञापन
डीयू की एक कमेटी ने उन्हें एक्सटेंशन दे दिया। डीयू प्रशासन ने एक पत्र एक्सटेंशन देने के लिए भेजा लेकिन उस पर हस्ताक्षर नहीं थे। इस दौरान प्रबंध समिति ने इस पत्र को नहीं माना और प्रस्ताव पारित किया कि नए प्रिंसिपल के लिए विज्ञापन जारी होगा। वहीं अब डीयू ने प्रबंध समिति को एक पत्र और भेजा, जिसमें प्रिंसिपल को एक माह का एक्सटेंशन देने की बात कही गई है।
विज्ञापन
डीयू के पूर्व विद्वत परिषद सदस्य डॉ शशि शेखर सिंह ने कहा कि डीयू प्रशासन ने प्रबंध समिति के फैसले को किनारे करते हुए प्रिंसिपल को कैसे एक्सटेंशन दे दिया। जबकि प्रिंसिपल पर साहित्यिक चोरी के आरोप हैं।
प्रिंसिपल ने सभी आरोपों को नकारा
डॉ पवन कुमार शर्मा ने अपने ऊपर लगे साहित्यिक चोरी के आरोपों को नकारा है। उन्होंने कहा कि साहित्यिक चोरी से उनका कोई लेना देना नहीं। इस मामले में मुझे टारगेट किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मेरी नियुक्ति डीयू में पियर कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर की गई है।