दरियागंज हिंसा: नौ आरोपियों की जमानत का पुलिस ने किया विरोध, जमानत पर फैसला 28 को
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दरियागंज क्षेत्र में नागरिकता (संशोधन) कानून के खिलाफ हुए हिंसक प्रदर्शन के मामले में गिरफ्तार नौ आरोपियों की जमानत याचिका का पुलिस ने अदालत में विरोध किया। गिरफ्तार किए गए लोगों की तरफ से पेश वकील ने दावा किया कि इस मामले में पुलिस ने कई आरोपियों को हिरासत में ले लिया था जबकि इनमें से 15 को गिरफ्तार करने का निर्णय लिया, जिनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। बृहस्पतिवार को अदालत ने नौ आरोपियों की याचिका पर फैसला सुरक्षित रखते हुए कहा कि 28 दिसंबर को इस मामले में फैसला सुनाने सहित इस मामले में गिरफ्तार छह अन्य आरोपियों की भी दलीलें सुनी जाएंगी।
इस दौरान अभियोजन पक्ष ने कहा कि इस मामले में पुलिस के पास 19 गवाह हैं। प्रत्यक्षदर्शियों का भी कहना है कि हिरासत में लिए गए लोग घटना के दौरान वहीं मौजूद थे। अदालत ने इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों के एक का पता सहित अन्य ब्यौरा भी सत्यापित करने को कहा है। ।इससे पहले 23 दिसंबर को एक मजिस्ट्रेट अदालत ने 15 आरोपियों को जमानत देने से इंकार कर दिया था, जिसके बाद उन्होंने सत्र अदालत का दरवाजा खटखटाया।
20 दिसंबर को नागरिकता संशोधन कानून का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों की ओर से पुलिस पर पथराव भी किया गया था। पुलिस ने जब भीड़ को पीछे हटाने के लिए बल का इस्तेमाल किया तो उग्र भीड़ ने एक कार को आग के हवाले करने के साथ साथ कई वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया। इस मामले में गिरफ्तार सभी आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं और इनमें से एक का दावा है कि वह नाबालिग है। उधर, पुलिस का दावा है कि आरोपी ने खुद बताया है कि उसकी उम्र 23 वर्ष है। उधर, सीलमुपर इलाके में हुए इसे ही प्रदर्शन के मामले में गिरफ्तार आरोपियों की जमानत याचिका पर शुक्रवार को एक अन्य निचली अदालत में सुनवाई होनी है।