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दक्षिणा पंडित जी की, उलझ रहा प्रशासन
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Wed, 26 Mar 2014 02:38 PM IST
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प्रत्याशियों के खर्चे पर नजर रखने वाला प्रशासन पंडित जी की दक्षिणा के फेर में उलझ गया है।
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विभिन्न पार्टियों के प्रत्याशी जहां अपने-अपने चुनाव कार्यालयों में हवन-पूजन करवा रहे हैं। इन्हीं पंडित की दक्षिणा निर्धारित करने में प्रशासन को पसीना छूट रहा है।
चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव लड़ रहे प्रत्येक प्रत्याशी का खर्चा 70 लाख रुपये निर्धारित कर रखा है।
इसी के चलते जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी प्रत्याशियों के चुनाव पर नजर रखने के लिए पर्यवेक्षकों की टीम गठित कर रखी है।
खर्च का निर्धारण करने में किसी प्रकार की दिक्कत न हो, इसके लिए जिला प्रशासन ने पूर्व में ही सभी संबंधित वस्तुओं के रेट निर्धारित कर चुका है।
प्रत्याशी के चुनावी कैंप में कार्यकर्ताओं को पिलाई जाने वाली प्रत्येक चाय की कीमत तक 6 रुपये निर्धारित की गई है। अपनी इस सूची को बनाते समय प्रशासन पंडित जी की दक्षिणा वाली बात शायद भूल गया।
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अब प्रत्याशी जब अपने प्रचार से पूर्व ही पूजा करवाकर निकल रहे हैं तो प्रशासन को पंडित जी की दक्षिणा का ख्याल आया है।