जालसाजी: धोनी, आलिया, इमरान समेत कई अन्य हस्तियों के पैन से बनवाए क्रेडिट कार्ड, फिर की लाखों की शॉपिंग
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पुनीत, मोहम्मद आसिफ, सुनील कुमार, पंकज मिशार और विश्व भास्कर शर्मा के रूप में हुई है।
विस्तार
फिल्म और क्रिकेट जगत की नामचीन हस्तियों अभिषेक बच्चन, ऋतिक रोशन, हिमेश रेशमिया, आलिया भट्ट, सचिन तेंडुलकर, महेंद्र सिंह धोनी, महेश भूपति समेत 95 लोगों के फर्जी दस्तावेज से जालसाज ने क्रेडिट कार्ड जारी करवाकर लाखों की ऑनलाइन खरीदारी कर ली। साथ ही बैंकों को भी करीब एक करोड़ का नुकसान पहुंचाया। शाहदरा थाना पुलिस ने पुणे की एक कंपनी की शिकायत पर तकनीकी जांच करते हुए पांच जालसाज को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपियों की पहचान जयपुर निवासी विश्व भास्कर शर्मा (42), पंकज मिश्रा (37), दिल्ली के बाबरपुर निवासी सुनील कुमार (42), पुनीत (25) और मोहम्मद आसिफ (32) के रूप में हुई है। इनके कब्जे से पुलिस ने 10 फोन, 42 सिम, एक लैपटॉप, 3 सीपीयू, 34 फर्जी पैन कार्ड, 25 फर्जी आधार कार्ड, 40 डेबिट-क्रेडिट कार्ड, 5 फर्जी वोटर कार्ड और एक ई-श्रम कार्ड बरामद किया है। पुणे की मेसर्स एफपीएल टेक्नॉलजीस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के प्रतिनिधि प्रेम शेखावत ने साइबर सेल को दी बताया कि उनकी कंपनी वन कार्ड प्रोजेक्ट के तहत कॉन्टेक्टलेस मेटल और वर्चुअल कार्ड मुहैया कराती है। नामी हस्तियों के फर्जी आधार और पैन कार्ड के जरिये क्रेडिट कार्ड इश्यू करवाकर कंपनी को 21 लाख 32 हजार 572 रुपये का फर्जीवाड़ा किया है।
शाहदरा साइबर सेल ने मामला दर्ज करने के बाद निरीक्षक संजय कुमार के नेतृत्व में जांच शुरु की। पुलिस टीम ने टेक्निकल सर्विलांस, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और कई बैंक खातों की जांच की। इसके जरिये पुलिस टीम ने बाबरपुर के छज्जूपुर निवासी सुनील कुमार को गिरफ्तार कर लिया। इसके कब्जे से कई फर्जी दस्तावेज मिले। पूछताछ में सुनील ने बताया कि वह बाबरपुर के पुनीत और आसिफ से फर्जी दस्तावेज बनवाता है। इस खुलासे के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी सुनील ने खुलासा किया कि वह टेलीग्राम के एक ग्रुप के जरिये जयपुर के विश्व भास्कर शर्मा से मिला। उसने ठगी के तरीके सिखाए। साथ ही इस गैंग में पंकज मिश्रा नाम का व्यक्ति भी है। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर दोनों आरोपियों को जयपुर से गिरफ्तार कर लिया।
बीटेक है सरगना
पुलिस ने बताया कि विश्व भास्कर शर्मा गैंग का सरगना है। वह राजस्थान टेक्निकल यूनिवर्सिटी से बीटेक है। पहले वह नौकरी करता था। बाद में नौकरी छोड़कर वह टेलीग्राम के जरिये ठगी को अंजाम देने लगा। वहीं, जयपुर का पंकज मिश्रा गिरोह को तकनीकी मदद करता था। वह आईटी के नामी कंपनी में टीम लीडर के रूप में काम कर चुका है। दौरा पड़ने की बीमारी की वजह से उसे साल 2020 में नौकरी छोड़नी पड़ी। वह टेलीग्राम के जरिये भास्कर के संपर्क में आया। सुनील कुमार भी टेलीग्राम से इनके संपर्क में आया। ठगी के लिए आरोपी आधार कार्ड अपडेशन सेंटर चलाने वाले पुनीत और आसिफ से फर्जी दस्तावेज बनवाने लगा।
हस्तियों का जीएसटी और पैन नंबर का करते थे इस्तेमाल
पुलिस के जांच में आरोपियों ने बताया कि गूगल पर मशहूर हस्तियों के जीएसटी विवरण मौजूद होते हैं। आरोपियों को इस बात की जानकारी थी कि जीएसटीआईएन के पहले दो अंक राज्य का कोड होता है जबकि उसके बाद के 10 अंक पैन का नंबर हैं। इसके साथ ही गूगल पर हस्तियों के जन्मतिथि भी मौजूद है। पैन नंबर और जन्मतिथि मिलने से आरोपियों ने पैन संबंधी जरूरी जानकारी हासिल कर लिए। आरोपियों ने बताया कि ठगी करने के लिए उनलोगों ने इस नंबर का इस्तेमाल किया। हस्तियों की जानकारी हासिल करने के बाद आरोपियों ने उनके नाम से फिर से पैन कार्ड और आधार कार्ड बनवाया। लेकिन इसपर अपनी फोटो लगा दी ताकि वीडियो सत्यापन के दौरान उनका चेहरा पैन और आधार कार्ड पर उपलब्ध तस्वीर से मेल खा जाए। पुलिस ने बताया कि अभिनेता अभिषेक बच्चन के पैन कार्ड में उनका ही पैन नंबर और जन्मतिथि थी, लेकिन आरोपियों में से एक की तस्वीर उसपर लगी थी।
अब तक 90 लाख की ठगी का पता चला
पुलिस अधिकारियों ने बताया है कि आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है। आशंका है कि आरोपियों ने अन्य बैंकों और वित्तीय संस्थानों से भी इस तरह क्रेडिट कार्ड बनाकर फर्जीवाड़ा किया होगा। पुलिस लगातार इनके बैंक स्टेटमेंट, मोबाइल और लैपटॉप का विश्लेषण कर रही है। इसके अलावा बैंकों और क्रेडिट कार्ड कंपनियों की केवाईसी प्रक्रिया को लेकर भी जांच की जा रही है। अब तक पुलिस ने 90 लाख रुपये की ठगी का पता लगा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
टेलीग्राम और यूट्यूब से सीखी ठगी
आरोपियों ने बताया कि वह विभिन्न टेलीग्राम समूहों और यूट्यूब चैनल के जरिए ठगी सीखी। वहां से उन्होंने अच्छे सिविल स्कोर वाले लोगों के पैन कार्ड और आधार कार्ड जैसी व्यक्तिगत पहचान को संपादित करके क्रेडिट कार्ड कंपनियों और ऋण एप के साथ धोखाधड़ी करने का तरीका सीखा। इसके बाद वह टेलीग्राम ग्रुप के जरिये आरोपी सुनील कुमार और आरोपी पंकज मिश्रा के संपर्क में आए। फिर आरोपी सुनील कुमार, पंकज मिश्रा और विश्व भास्कर ने बैंक की ओर से अपनाई गई केवाईसी प्रक्रिया में खामियों का फायदा उठाया और कई बैंकों, क्रेडिट कार्ड कंपनियों और लोन एप को धोखा दिया। आरोपी व्यक्तियों ने एक साथ कई लोन ऐप, कई बैंक जैसे एक्सिस बैंक और कई क्रेडिट कार्ड कंपनियों जैसे वन कार्ड आदि को धोखा दिया।