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Cyber Crime: बड़े साइबर क्राइम के शिकार हो रहे हैं डॉक्टर, इंजीनियर और अधिकारी; नोएडा में 8 महीने में 81 मामले

Mon, 02 Sep 2024 05:52 AM IST
दुष्यंत शर्मा सुशांत समदर्शी, नोएडा
सुशांत समदर्शी, नोएडा Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Mon, 02 Sep 2024 05:52 AM IST
सार

गौतमबुद्धनगर साइबर क्राइम थाने में इस साल अगस्त तक 81 एफआईआर दर्ज हुई हैं। सभी 5 लाख से अधिक की ठगी की हैं। इन मामलों के शिकार डॉक्टर, इंजीनियर, ब्यूरोक्रेट, बिजनेस मैन, कंपनी संचालक और आईटी सेक्टर के बड़े अधिकारी हैं। इनमें बड़ी संख्या में महिलाएं हैं। 

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Cyber Crime: Doctors, engineers and officers are becoming victims of major cyber crimes.
Cyber Crime

विस्तार

सीमा सुरक्षा बल के डीआईजी प्रमोद कुमार आनंद को साइबर जालसाजों ने व्हाट्सएप ग्रुप पर जोड़ा। इसके बाद स्टॉक ट्रेडिंग का झांसा देकर 34 लाख रुपये की ठगी कर ली। इसी प्रकार शेयर ट्रेडिंग और डिजिटल अरेस्ट कर कई आईपीएस, आईएएस, डॉक्टर और इंजीनियर से बड़ी साइबर ठगी की गई है।  

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हाल में रिटायर्ड एडीजी शैलेंद्र कुमार से निवेश के नाम पर 30 लाख की ठगी की गई। रिटायर्ड मेजर जनरल अमरजीत सिंह से फेडेक्स कोरियर के नाम पर लाखों की जालसाजी की गई। कंपनी मालिक अमित सिन्हा से 40 लाख तो रिटायर्ड अधिकारी बीरेंद्र शर्मा से 24 लाख की ठगी की गई।
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गौतमबुद्धनगर साइबर क्राइम थाने में इस साल अगस्त तक 81 एफआईआर दर्ज हुई हैं। सभी 5 लाख से अधिक की ठगी की हैं। इन मामलों के शिकार डॉक्टर, इंजीनियर, ब्यूरोक्रेट, बिजनेस मैन, कंपनी संचालक और आईटी सेक्टर के बड़े अधिकारी हैं। इनमें बड़ी संख्या में महिलाएं हैं। 
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साइबर क्राइम एक्सपर्ट व पूर्व आईपीएस प्रो. त्रिवेणी सिंह का कहना है कि साइबर क्राइम देश व दुनिया में संस्थागत रूप ले चुका है। साइबर जालसाज डाटा चुराकर सबसे पहले लोगों के अकाउंट की रकम पता करते हैं। फिर उन्हें टारगेट करते हैं। इनमें महिलाएं, बुजुर्ग और सेवानिवृत्त अधिकारी आसान टारगेट होते हैं।

शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 9 करोड़ रुपये ठगे
इस साल नोएडा में सबसे बड़ी साइबर ठगी कारोबारी रजत बोथरा के साथ हुई थी। इनसे जालसाजों ने नौ करोड़ रुपये ठगे थे। जालसाजों ने व्हाट्सएप ग्रुप पर संपर्क कर निवेश का झांसा दिया और रकम तुरंत कई गुना करने का झांसा दिया। इसमें फर्जी ऑनलाइन सिस्टम पर उनकी रकम बढ़ती दिख रही थी।

  • शेयर ट्रेडिंग व डिजिटल अरेस्ट कर हो रहे बड़े साइबर क्राइम : बड़ी साइबर क्राइम की वारदात की पुलिस जांच में पता चला कि शेयर ट्रेडिंग व डिजिटल अरेस्ट कर इस तरह की जालसाजी सबसे ज्यादा हुई है। शेयर ट्रेडिंग के नाम पर ठगी की वजह यह है कि लोग लालच में फंस कर निवेश कर रहे हैं। जालसाज लोगों को वर्चुअल तरीके से बढ़ी हुई फर्जी रकम दिखाकर झांसे में ले लेते हैं। इसी तरह डिजिटल अरेस्ट कर ठगी के मामले में खासा इजाफा हुआ है। 

केवाईसी अपडेट कराने के नाम पर 4.40 लाख ठगे
केवाईसी अपडेट कराने के नाम पर साइबर जालसाजों ने 4.40 लाख रुपये की ठगी कर ली। साइबर ठगों ने बैंक और खाते संबंधी जानकारी लेने के बाद 15 बार में ठगी की रकम ट्रांसफर कराई। पीड़ित सेक्टर-51 निवासी मनीष कुमार मित्तल ने मामले की शिकायत सेक्टर-49 पुलिस से की है। 

पुलिस को दी शिकायत में मनीष ने बताया कि करीब एक सप्ताह पहले उन्होंने फेसबुक के माध्यम से अमेरिकन एक्सप्रेस क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन किया था। 28 अगस्त को सुबह सवा दस बजे के करीब मनीष के मोबाइल पर किसी नंबर से कॉल आई। महिला कॉलर ने खुद को अमेरिकन एक्सप्रेस कंपनी से होने की बात कही और बताया कि उन्हें जो आवेदन मिला था उसपर कार्ड स्वीकृत हो गया है।



हालांकि कार्ड तभी मिलेगा जब उसपर केवाईसी होगी। इसके बाद महिला जालसाज ने कॉल डिस्कनेक्ट कर दी और दोबारा से वीडियो कॉल की। उसने शिकायतकर्ता को गूगल क्रोम पर एप्लीकेशन सर्च करने को कहा। इसमें एक फाॅर्म था जिसे शिकायतकर्ता से भरवाकर सबमिट करा दिया गया। फिर मौजूदा क्रेडिट कार्ड की फोटो लेने के लिए मनीष से कहा गया। 

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