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साइबर सिटी में घर खरीदना होगा सस्ता, 15 फीसदी तक गिरेगा सर्कल रेट
शाहनवाज आलम/अमर उजाला, गुड़गांव
Updated Sat, 28 May 2016 10:35 AM IST
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गुड़गांव
- फोटो : अमर उजाला
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साइबर सिटी गुड़गांव और औद्योगिक नगरी फरीदाबाद में अब घर खरीदना सस्ता होगा। इस वित्तीय वर्ष में दोनों शहरों के सर्कल रेट (कलेक्टर रेट) में 15 फीसदी तक गिरावट आएगी।
कॉर्मशियल और रेजीडेंशियल दोनों क्षेत्रों के सर्कल रेट में गिरावट तय की गई है।
मंडलायुक्त की अध्यक्षता में बैठक कर अंतिम मुहर के लिए प्रस्ताव प्रदेश सरकार को भेज दिया गया है। सरकार की मुहर के बाद यह अमल में आएगा। बता दें कि हर वर्ष एक अप्रैल से लागू होने वाला नया सर्कल अब तक जारी नहीं किया गया है।
बीते साल प्रॉपर्टी मार्केट में चल रहे मंदी के दौर के बीच गुड़गांव में घरों की कीमत 25 प्रतिशत कम हुई, लेकिन इससे मांग बढ़ाने में मदद नहीं मिली। गुड़गांव विशेष रूप से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) का एक महत्वपूर्ण रियल एस्टेट बाजार है।
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रियल एस्टेट से जुड़े लोगों की मानें तो बीते वर्ष बिक्री घटी, नई पेशकशों में कमी आई, दाम नीचे आए, लेकिन बिक्री नहीं बढ़ी। यही हाल फरीदाबाद का भी रहा। एसोचैम की रिपोर्ट में भी थ्री बेडरूम, टू बेडरूम और बन बेडरूम के फ्लैटों की कीमतों में 25 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गयी थी। इसे देखते हुए गुड़गांव मंडल के दो प्रमुख शहर गुड़गांव व फरीदाबाद के सर्कल रेट में कमी की गई है।
गुड़गांव में उपायुक्त टीएल सत्यप्रकाश की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई गई थी। जिसमें राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ मंथन के बाद सर्कल रेट में कमी का प्रस्ताव बनाकर मंडलायुक्त को भेजा गया था।
एक अधिकारी ने बताया कि जिसमें 15 फीसदी तक कमी के साथ गुड़गांव, मानेसर और सोहना के सर्कल रेट में समानता लाने की कोशिश की गई है। एंबियंस मॉल से सेक्टर-39 के क्षेत्र के कॉर्मशियल रेट को एक सामन लाने का प्रस्ताव भेजा गया है।
वहीं, फरीदाबाद के सेक्टर-15 के रेजीडेंशियल और मथुरा रोड के कॉर्मशियल क्षेत्र में 10 फीसदी तक गिरावट का प्रस्ताव है। बता दें कि सर्कल रेट के आधार पर ही प्रॉपर्टी खरीदने के वक्त राजस्व विभाग को स्टांप ड्यूटी चुकाना होता है।
एक वर्ष में 35 फीसदी तक कमी हुई दर्ज
एसोचैम के सर्वे के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर में इस वक्त कम से कम पौने दो लाख फ्लैट तैयार हैं जो नहीं बिके। गुड़गांव, सोहना और मानेसर में करीब 90 हजार फ्लैट बन रहे हैं, अधिकांश इनमें तैयार हैं।
लेकिन इन पहले से तैयार और अंडर कंस्ट्रक्शन फ्लैटों के लिए खरीदार बाजार से गायब हैं। इस वजह से रियल स्टेट सेक्टर पर दबाव बन रहा है और दामों में गिरावट आ रही है। घरों की खरीदारी आधी हो गई है और डेवलपरों को ग्राहक नहीं मिल पा रहे हैं। नए प्रोजेक्ट्स के लॉन्च में 68 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।
सर्कल रेट गिरने से बूम की उम्मीद
सर्कल रेट गिरने से डेवलपरों को रियल एस्टेट सेक्टर में बूम आने की उम्मीद है। क्रेडाई (कंफेडरेशन ऑफ रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया) के एनसीआर चेप्टर के बोर्ड मेंबर जेपी गुप्ता कहते हैं सर्कल रेट अधिक होने की वजह से सारा मार्केट ठप पड़ा हुआ है। सर्कल रेट घटने से बूम आएगी। जो लोग दाम कीमत पर खरीदना चाहते थे, वो जल्दी खरीदने आएंगे। कम कीमत होने से बैंक लोन में भी उन्हें आसानी होगी।
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कॉर्मशियल और रेजीडेंशियल दोनों क्षेत्रों के सर्कल रेट में गिरावट तय की गई है।
मंडलायुक्त की अध्यक्षता में बैठक कर अंतिम मुहर के लिए प्रस्ताव प्रदेश सरकार को भेज दिया गया है। सरकार की मुहर के बाद यह अमल में आएगा। बता दें कि हर वर्ष एक अप्रैल से लागू होने वाला नया सर्कल अब तक जारी नहीं किया गया है।
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बीते साल प्रॉपर्टी मार्केट में चल रहे मंदी के दौर के बीच गुड़गांव में घरों की कीमत 25 प्रतिशत कम हुई, लेकिन इससे मांग बढ़ाने में मदद नहीं मिली। गुड़गांव विशेष रूप से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) का एक महत्वपूर्ण रियल एस्टेट बाजार है।
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रियल एस्टेट से जुड़े लोगों की मानें तो बीते वर्ष बिक्री घटी, नई पेशकशों में कमी आई, दाम नीचे आए, लेकिन बिक्री नहीं बढ़ी। यही हाल फरीदाबाद का भी रहा। एसोचैम की रिपोर्ट में भी थ्री बेडरूम, टू बेडरूम और बन बेडरूम के फ्लैटों की कीमतों में 25 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गयी थी। इसे देखते हुए गुड़गांव मंडल के दो प्रमुख शहर गुड़गांव व फरीदाबाद के सर्कल रेट में कमी की गई है।
गुड़गांव में उपायुक्त टीएल सत्यप्रकाश की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई गई थी। जिसमें राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ मंथन के बाद सर्कल रेट में कमी का प्रस्ताव बनाकर मंडलायुक्त को भेजा गया था।
एक अधिकारी ने बताया कि जिसमें 15 फीसदी तक कमी के साथ गुड़गांव, मानेसर और सोहना के सर्कल रेट में समानता लाने की कोशिश की गई है। एंबियंस मॉल से सेक्टर-39 के क्षेत्र के कॉर्मशियल रेट को एक सामन लाने का प्रस्ताव भेजा गया है।
वहीं, फरीदाबाद के सेक्टर-15 के रेजीडेंशियल और मथुरा रोड के कॉर्मशियल क्षेत्र में 10 फीसदी तक गिरावट का प्रस्ताव है। बता दें कि सर्कल रेट के आधार पर ही प्रॉपर्टी खरीदने के वक्त राजस्व विभाग को स्टांप ड्यूटी चुकाना होता है।
एक वर्ष में 35 फीसदी तक कमी हुई दर्ज
एसोचैम के सर्वे के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर में इस वक्त कम से कम पौने दो लाख फ्लैट तैयार हैं जो नहीं बिके। गुड़गांव, सोहना और मानेसर में करीब 90 हजार फ्लैट बन रहे हैं, अधिकांश इनमें तैयार हैं।
लेकिन इन पहले से तैयार और अंडर कंस्ट्रक्शन फ्लैटों के लिए खरीदार बाजार से गायब हैं। इस वजह से रियल स्टेट सेक्टर पर दबाव बन रहा है और दामों में गिरावट आ रही है। घरों की खरीदारी आधी हो गई है और डेवलपरों को ग्राहक नहीं मिल पा रहे हैं। नए प्रोजेक्ट्स के लॉन्च में 68 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।
सर्कल रेट गिरने से बूम की उम्मीद
सर्कल रेट गिरने से डेवलपरों को रियल एस्टेट सेक्टर में बूम आने की उम्मीद है। क्रेडाई (कंफेडरेशन ऑफ रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया) के एनसीआर चेप्टर के बोर्ड मेंबर जेपी गुप्ता कहते हैं सर्कल रेट अधिक होने की वजह से सारा मार्केट ठप पड़ा हुआ है। सर्कल रेट घटने से बूम आएगी। जो लोग दाम कीमत पर खरीदना चाहते थे, वो जल्दी खरीदने आएंगे। कम कीमत होने से बैंक लोन में भी उन्हें आसानी होगी।