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CSE Study : दिल्ली में पिछली सर्दी में 34 फीसदी ज्यादा रहा प्रदूषण, गर्मियां रहीं बेहतर
Sat, 06 Jan 2024 06:17 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 06 Jan 2024 06:17 AM IST
सार
सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट (सीएसई) के अनुसार 2023 में जाड़ों के महीने जनवरी, नवंबर और दिसंबर 2022 की तुलना में 12 से 34% ज्यादा प्रदूषित रहे।
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दिल्ली में प्रदूषण file
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
सांसों में घुलता जहर बच्चों और बुजुर्गों के साथ-साथ हर उम्र के लोगों को परेशान कर रहा है। सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट (सीएसई) के अनुसार 2023 में जाड़ों के महीने जनवरी, नवंबर और दिसंबर 2022 की तुलना में 12 से 34% ज्यादा प्रदूषित रहे।
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मार्च से जून 2023 में गर्मियों के महीने 2022 में इन महीनों की तुलना में कहीं ज्यादा साफ रहे। आंकड़े बताते हैं कि इस दौरान प्रदूषण 14 से 36% कम रहा। फरवरी, जुलाई, सितंबर और अक्तूबर को देखें तो उस दौरान वायु गुणवत्ता में बहुत ज्यादा अंतर नहीं देखा गया। मानसून के महीने भी सामान्य से अधिक साफ रहे। दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण के महीन कणों पीएम 2.5 के स्तर में गिरावट का जो सिलसिला 2015-17 में शुरू हुआ था वो 2023 में सर्दियों के दौरान थम गया। विश्लेषण में इसके लिए मौसम संबंधी कारकों को जिम्मेदार माना है। ब्यूरो
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गर्मी-मानसून में ज्यादा साफ रहा मौसम
दिल्ली-एनसीआर में असामान्य परिस्थितियों के चलते प्रदूषण का स्तर ऊंचा रहा। 2023 के दौरान गर्मी व मानसून का मौसम सामान्य से कहीं ज्यादा साफ रहा। सर्दियों में इस साल उत्तरी राज्यों में पराली जलाने से होने वाला प्रदूषण पिछले वर्षों की तुलना में कम रहा। हवा असामान्य रूप से सुस्त थी। नवंबर 2023 के दौरान दिल्ली में हवा की रफ्तार 9.8 मीटर/सेकंड थी, जो छह वर्षों में सबसे कम रही। इससे इस क्षेत्र में सर्दियों के दौरान प्रदूषण के स्तर में इजाफा दर्ज किया गया।
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सीएसई के अनुसार, दिल्ली में 2015-17 के बाद से पीएम 2.5 के स्तर में गिरावट आई है। हालांकि यह प्रवृत्ति 2023 में रुक गई। इस दौरान पीएम 2.5 का वार्षिक औसत स्तर 100.9 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया।