यात्रियों की अव्यवस्थित भीड़, मूकदर्शक बने सुरक्षाकर्मी
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छठ पर्व को लेकर पूर्वांचल की तरफ जाने वाली ट्रेनों में रविवार को भीड़ उमड़ पड़ी। सभी ट्रेनें यात्रियों से खचाखच भरी हुई रवाना हुई। ट्रेन के प्लेटफार्म पर पहुंचते ही अफरा-तफरी मच रही थी। कई मौके पर तो रेल प्रशासन भी भीड़ को संभालने में विफल दिखाई पड़े।
हालांकि रविवार को उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक प्रदीप कुमार खुद स्टेशनों के दौरे पर रहे। शनिवार को चलती ट्रेन में चढ़ने की कोशिश एक युवक की हुई मौत के बाद भी रेल प्रशासन ने सबक लेता नहीं दिखाई पड़ रहा है। भीड़ नियंत्रित करने का हर तरकीब कमोबेश विफल ही दिखाई दिया।
सुरक्षित तरीके से ट्रेनों में चढ़ाने के लिए रेलवे स्टेशनों पर तैनात आरपीएफ और जीआरपी के जवान भीड़ के सामने मूकदर्शक बने दिखाई पड़ रहे थे। वहीं यात्री पूर्वाचल की तरफ जाने वाली सप्तक्रांति, वैशाली, बिहार संपर्क क्रांति, पूर्वा, सत्याग्रह, संपूर्ण क्रांति समेत कई ट्रेन में बेतरतीब तरीके से चढ़ रहे थे।
युवक की मौत मामले में कमेटी गठित
ट्रेन के प्लेटफार्म पर पहुंचने के पहले जरूर सुरक्षाकर्मियों ने यात्रियों की लाइन लगाई लेकिन लाइन बिखरते देर नहीं लग रही थी। प्लेटफार्म पर ट्रेन पहुंचते ही व्यवस्था देखते ही देखते अव्यवस्था में बदल गई। हालांकि अत्याधिक भीड़ को देखते हुए उत्तर रेल प्रशासन ने दरभंगा और पटना लिए अलग-अलग समय में तीन स्पेशल ट्रेनें भी चलाई।
अनारक्षित कोच वाली ट्रेन देखते ही देखते फुल हो जा रही थी। रविवार को हालात का जायजा लेने उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक प्रदीप कुमार ने भी नई दिल्ली और आनंद विहार रेलवे स्टेशन के दौरे पर रहे। यात्रियों से शांति और धैर्य के साथ यात्रा करने की अपील भी करते दिखें।
शनिवार को चलती ट्रेन में चढ़ने की कोशिश में युवक की हुई मौत मामले में तीन सदस्यों की कमेटी गठित कर दी गई है। इस कमेटी को निर्देश दिया गया है कि दस दिन में युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई इसपर रिपोर्ट पेश करें।