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बदमाश: साहब आपकी पुलिस ने मुझे बचा लिया, जांघ में ही मारी गोली

Tue, 22 Dec 2015 03:05 AM IST
Updated Tue, 22 Dec 2015 03:05 AM IST
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Crooks: Sir your Police saved me, shot in thighs only

क्राइम ब्रांच के साथ रविवार रात मुठभेड़ में गिरफ्तार हुआ 50 हजार का इनामी बदमाश सचिन उर्फ नंदा गुर्जर ने अस्पताल में एसएसपी किरण एस के सामने हाथ जोड़ कर कहा कि ‘साहब आप की पुलिस ने मुझे बचा लिया।’

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यह बात सुनकर एसएसपी थोड़ी देर तक कुछ समझ नहीं पाए। एसएसपी भी सोच में पड़ गए कि सचिन को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है तो वह फिर यह सब क्यों बोल रहा है।
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सचिन ने एसएसपी को उनके सवाल का जवाब देते हुआ बताया कि पुलिस की ओर से कई राउंड गोलियां चलीं। एक गोली उसकी जांघ में लग गई। वह गंभीर रूप से घायल हो गया।

उसे लगा कि मुठभेड़ में वह जरूर मारा जाएगा, क्योंकि मौके से उसका 15 हजार का इनामी साथी जाहिद उर्फ लंबा फरार हो गया था मगर पुलिस ने उसे नहीं मारा। मुठभेड़ में कुछ माह पहले मारा गया राहुल खट्टा का सचिन साथी है।
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हवाला और सर्राफा कारोबारी थे निशाने पर

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एसएसपी किरण एस ने खुलासा किया कि बागपत जिले के बली गांव निवासी सचिन ने कई  वारदातों को अंजाम देने की योजना बना रखी थी। मेरठ के एक बड़े सर्राफा कारोबारी हैं जो हर दूसरे दिन 70 से 80 लाख रुपये का सोना खरीद कर दिल्ली से लौटते हैं।

उनसे लूट करने की योजना सचिन की थी। सचिन और उसके साथियों की नजर दिल्ली के एक हवाला कारोबारी पर भी थी। वहीं उसने बड़ौत और बली में अपनी एंटी पार्टी के दो लोगों की हत्या करने की भी साजिश रच रखी थी।

जोगिंदर बली इस समय मेरठ जेल में बंद है। वह सचिन का दुश्मन है। पुलिस द्वारा की पूछताछ में उसने बताया कि पेशी के दौरान जब भी जोगिंदर जेल से आता तो वह उसकी हत्या कर देता।

‘क्यों इंस्पेक्टर साहब नाम बता दिया जाए’

Crooks: Sir your Police saved me, shot in thighs only

एसएसपी किरण एस सचिन के घटनाक्रम के बारे में सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे। उनसे पूछा गया कि आखिर सचिन के साथ वह कौन बदमाश था जो कि पुलिस मुठभेड़ के दौरान चकमा देकर फरार हो गया।

एसएसपी ने पहले जवाब दिया कि हम नाम का खुलासा नहीं कर सकते हैं। उसके बाद उन्होंने काफी देर तक मंथन किया और मुठभेड़ को लीड करने वाले क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर अनिल कपरवान से पूछा कि क्यों इंस्पेक्टर साहब मीडिया को नाम बता दिया जाए तो उन्होंने कहा कि जी सर नाम बता देना चाहिए। उसके बाद एसएसपी ने फरार अपराधी जाहिद उर्फ लंबू के नाम का खुलासा किया।

मुठभेड़ के दौरान क्राइम ब्रांच के घायल दो सिपाही नरेंद्र चौधरी और अंकित कुमार को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां उपचार के बाद डॉक्टरों ने दोनों की हालत ठीक बताई और सोमवार दोपहर को दोनों को अस्पताल से छुट्टी दे दी। वहीं, घायल सचिन ग्रेनो के यथार्थ अस्पताल में भर्ती है। उसका इलाज चल रहा है और पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है।

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