पत्नी ने नाबालिग स्टूडेंट से बनाए संबंध, पति की हत्या
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एक महीने पहले दिल्ली में एयरपोर्ट के सार्जेंट की मौत के मामले में बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। हत्या का तरीका सुनकर तो दिल्ली पुलिस भी चकरा गई।
मृतक सार्जेंट की पत्नी ने ही अपने नाबालिग प्रेमी के साथ मिलकर उसे मौत के घाट उतार दिया था और घटना को ऐसा रूप दिया कि कोई भी उस पर शक न करे।
हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला घोंटकर हत्या करने का खुलासा हुआ तो परत दर परत सारे राज खुलते गए।
पुलिस ने पहले ही जताया था ये शक
जानकारी के मुताबिक मूलत: इलाहाबाद के लाल बिहारा गांव निवासी रमेश चंद्र (40) दिल्ली में एयरफोर्स में सार्जेंट के पद कर कार्यरत थे।
वह दिल्ली कैंट इलाके के सुब्रतो पार्क में एयरफोर्स के सरकारी क्वार्टर में 28 वर्षीय पत्नी सुधा गुप्ता और साढ़े तीन साल की बेटी के साथ रहते थे।
बीते 10 अप्रैल को सुधा ने रमेश को संदिग्ध हालत में सुब्रतो पार्क स्थित मेडिकल सेंटर में भर्ती कराया। सुधा ने बताया कि डॉक्टरों को बताया कि उनके सीने में दर्द है। जांच करने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मामला संदिग्ध होने की वजह से पुलिस को घटना की जानकारी दी गई।
ऐसे हुआ खुलासा
पुलिस ने शव को कब्जे में कर उसका पोस्टमार्टम करवाया। 11 अप्रैल को पुलिस ने रमेश को पोस्टमार्टम कराकर शव को उनके भाई सुरेश के हवाले कर दिया।
1 मई को पुलिस को रमेश की पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिली तो उसका शक सही साबित हुआ। रिपोर्ट में बताया गया था कि रमेश की गला घोंटकर हत्या की गई है। अधिकारियों ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर 6 मई को दिल्ली कैंट में हत्या का मामला दर्ज कर लिया।
पुलिस के शक के दायरे में सबसे पहले रमेश की पत्नी सुधा थी। सब इंस्पेक्टर केबी झा ने सुधा की कॉल डिटेल निकालवाई। कॉल डिटेल में पुलिस ने पाया कि सुधा की एक नंबर पर काफी बात हो रही है।
नाबालिग प्रेमी की लोकेशन थी घर में
सर्विलांस में पता चला कि जिस नंबर पर सुधा की ज्यादा बात हो रही थी, घटना के समय उसका लोकेशन सुधा के घर में थी। शक को पुख्ता करने के बाद पुलिस ने 8 मई को सुधा को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
कड़ाई से पूछताछ करने पर सुधा ने अपना गुनाह कबूल कर लिया। पूछताछ में उसने बताया कि उसने नाबालिग प्रेमी के साथ मिलकर अपने पति की हत्या कर दी।
पुलिस ने उसके निशानदेही पर नाबालिग को पकड़ लिया और उसे जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड में पेश किया। जहां से उसे बाल सुधार गृह भेज दिया गया। वहीं सुधा को अदालत में पेश कर दो दिन की रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू की।
ट्यूशन पढ़ाने के दौरान बनाए संबंध
पूछताछ में सुधा ने बताया कि पति और उसके बीच की उम्र का अंतर 12 साल का था। साथ ही रमेश को पीने की आदत थी। जिसकी वजह से अक्सर घर में कलह होती था।
वह कोचिंग सेंटर के साथ-साथ घर में भी ट्यूशन पढ़ाती थी। कोचिंग में उसके पड़ोस में रहने वाला ग्यारहवीं कक्षा का साढ़े 17 साल का छात्र भी पढ़ता था। पढ़ाने के दौरान ही किशोर के साथ सुधा का संबंध बन गया।
इस बात की भनक रमेश को लग गई और उसने किशोर को अपने घर आने से मना कर दिया। उसके बाद ही सुधा ने किशोर के साथ मिलकर हत्या की साजिश रच डाली।
इंटरनेट ने निकाला मर्डर का आइडिया
सुधा पति की हत्या भी करना चाहती थी और पुलिस से बचने के लिए इसे हादसा करार देना चाहती थी। पुलिस सूत्रों का कहना है कि इसके लिए उसने इंटरनेट का सहारा लिया और ऐसे तरीके से उसकी हत्या की, जिससे यह हादसा लगे।
पूछताछ में सुधा ने बताया कि साजिश के तहत घटना वाली रात उसका नाबालिग प्रेमी उसके घर आ गया। किशोर को अपने घर में देखकर रमेश उत्तेजित हो गया और उसकी पत्नी और नाबालिग से कहासुनी होने लगी। इसी दौरान सुधा ने खिड़की और दरवाजा बंद कर दिया। ताकि आवाज बाहर न जा सके।
उसके बाद नेट से मिली जानकारी के अनुसार किशोर ने हाथ का फंदा बनाकर रमेश की गर्दन को भींच लिया। इसमें सुधा ने भी किशोर का साथ दिया। दवाब की वजह से रमेश बेहोश हो गया। रमेश के बेहोश होने के बाद उसकी सांसें चल रही थीं तो सुधा ने उसके टेटूआ को दबा दिया।
नौकरी के लिए नहीं की थी शादी
जानकारी के मुताबिक रमेश अपने घर में सबसे छोटा था। नौकरी की ओर ज्यादा ध्यान दिए जाने की वजह से वह शादी नहीं कर पाया था। गोरखपुर के सैनिक कुंज नंदानगर की रहने वाली सुधा भी एमए पास कर चुकी थी।
उसके पिता एयरफोर्स में कार्यरत है। सुधा के लिए वर की तलाश कर रहे थे। इस दौरान रमेश के बारे में जानकारी मिली और सुधा के पिता ने रमेश के परिवार वालों से शादी की बात की।
वर्ष 2008 में दोनों की शादी हो गई। शादी के बाद सुधा दिल्ली आ गई। पढ़ी लिखी होने की वजह से उसने कोचिंग में पढ़ाना शुरू कर दिया साथ ही घर पर भी ट्यूशन पढ़ाने लगी।
'हार्ट अटैक की खबर सुनकर आया था दिल्ली'
रमेश के भाई उमेश ने बताया कि उसे विश्वास ही नहीं हो रहा है कि भाई की हत्या उसकी पत्नी ने की है। 10 अप्रैल को रमेश के हार्ट अटैक की जानकारी मिलने के बाद वह इलाहाबाद से यहां पहुंचा।
जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की बात सामने आई तो वह हैरान हो गए। उमेश का कहना है कि ऐसे गुनहगारों को मौत की सजा मिलनी चाहिए।