ट्रेन के महिला कोच में वेब डिजाइनर से छेड़छाड़, हथियार लेकर चलते हैं मनचले
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दिल्ली में निर्भयाकांड के बाद ट्रेनों में महिलाओं की सुरक्षा के लिए जो भी इंतजाम करने का दावा किया गया वह मनचलों के सामने बेबस नजर आ रहा है। होडल से फरीदाबाद के बीच महिला कोच में सफर करने वाली महिलाएं अब भी सुरक्षित नहीं हैं।
मनचलों की छेड़खानी से तंग आकर एक वेब डिजाइनर ने आखिर में जीआरपी व आरपीएफ से मदद की गुहार लगाई है। हैरानी की बात यह है कि इस पूरे मामले में दोनों ही एजेंसियों ने एक दूसरे का काम बताकर पल्ला झाड़ने की कोशिश की।
मामला मीडिया में आने के बाद अब दोनों विभागों के अधिकारी अपने-अपने स्तर पर जांच कराने की बात कर रहे हैं। होडल की रहने वाली 25 वर्षीय युवती फरीदाबाद की किसी कंपनी में वेब डिजाइनर है।
युवती का कहना है कि वह प्रतिदिन कोसीकलां-गाजियाबाद शटल 64901 से फरीदाबाद तक आती है। यहां होडल से पलवल तक महिला कोच में भी बड़ी संख्या में मनचले सवार हो जाते हैं और लड़कियों से छेड़खानी और भद्दे कमेंट करते हैं।
काफी दिनों से कर रहे हैं छेड़छाड़ और भद्दे कमेंट
युवती का आरोप है कि कुछ मनचले काफी दिनों से उसके साथ छेड़छाड़ और भद्दे कमेंट कर रहे हैं। कोच में जगह खाली होने के बाद जबरन उसके पास आकर बैठ जाते हैं। विरोध करने पर मारपीट करने और गाली गलौज करने से भी बाज नहीं आते।
मनचलों के कारण कई लड़कियां घर से दूर फरीदाबाद में ही शिफ्ट होकर रहने लगी हैं। उसका यहां तक कहना है कि मनचले अवैध हथियार साथ लेकर चलते हैं, जिसके कारण कोई भी महिला अथवा लड़कियां विरोध नहीं कर पाती।
पीड़िता ने इस घटना की जानकारी जीआरपी और आरपीएफ को दी है। आरपीएफ कोसी प्रभारी का कहना है कि वह मामले की जांच करेंगे, वहीं जीआरपी प्रभारी नरेंद्र कुमार का कहना है कि वह अभी बाहर हैं। आने के बाद घटना की जांच की जाएगी।