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‘हमारी किसी से कोई रंजिश नहीं, हमें पैसे दो और किसी की भी हत्या करा लो’
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
Updated Fri, 08 Jul 2016 12:15 PM IST
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arrest
- फोटो : demo pic
हमें पैसे दो और किसी की भी हत्या करा लो। हमारी किसी से कोई रंजिश नहीं। हम केवल पैसे के लिए काम करते हैं। यह बात बुधवार को क्राइम ब्रांच द्वारा पकड़े गए विनीत और मोहित ने कही।
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दोनों सुंदर भाटी गैंग के सदस्य हैं। जेल में बंद बदमाश अशोक गुर्जर से एक ठेकेदार की सुपारी लेकर हत्या करने निकले थे। इससे पहले ही क्रिमिनल इंटेलिजेंस विंग ने इन्हें गिरफ्तार कर लिया। बदमाशों के पास से एक तमंचा बरामद हुआ है।
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इंस्पेक्टर अनिल कपरवान ने बताया कि बिसरख क्षेत्र में क्राइम बांच टीम ने मुठभेड़ के बाद विनीत निवासी ग्राम जोखाबाद थाना सिकंदराबाद जिला बुलंदशहर और मोहित निवासी ग्राम अभयपुर, थाना अगौता जिला बुलंदशहर को गिरफ्तार किया।
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पूछताछ में पता चला कि दोनों बदमाशों को सुंदर भाटी गैंग में नई एंट्री देकर हत्या की सुपारी दी थी। मोहित दसवीं तक पढ़ा है, जबकि विनीत 12वीं तक पढ़ा है। 50 हजार रुपये के इनामी रह चुके अशोक गुर्जर निवासी ग्राम बिसरनपुर जिला हापुड़ ने सुपारी दी थी।
बेरोजगारी का फायदा उठा रहे गैंगस्टर
पुलिस
- फोटो : Demo Pic
अशोक गाजियाबाद की डासना जेल में बंद है। अशोक जिस गांव का रहने वाला है उसी गांव के रहने वाले ठेकेदार खेमचंद की हत्या की सुपारी दी थी। अशोक को शक था कि उसे पकड़वाने में खेमचंद ने पुलिस की मुखबिरी की थी। इससे नाराज होकर वह उसकी हत्या कराना चाहता है।
बेरोजगारी का फायदा उठा रहे गैंगस्टर
पकड़े गए बदमाशों की उम्र 18 से 20 साल है। बुलंदशहर जिले में शिक्षा के कम संसाधन और युवाओं में बढ़ती बेरोजगारी का फायदा गैंगस्टर उठा रहे हैं। इस तरह के युवाओं पर गैंगस्टर की सबसे अधिक नजर होती है।
न तो इनकी पहचान होती है और न पुलिस के पास जानकारी। पहली बार अपराध की दुनिया में कदम रखने जा रहे युवा किस हद तक जा सकते हैं यह इसका उदाहरण है।
हजारों में देते हैं सुपारी
किसी नामी अपराधी को सुपारी देने में लाखों रुपये देने पड़ते हैं। वहीं, पकड़े जाने का डर भी होता है। बेरोजगार युवाओं को 10 से 30 हजार रुपये में आसानी से हत्या की सुपारी दे देते हैं।
बेरोजगारी का फायदा उठा रहे गैंगस्टर
पकड़े गए बदमाशों की उम्र 18 से 20 साल है। बुलंदशहर जिले में शिक्षा के कम संसाधन और युवाओं में बढ़ती बेरोजगारी का फायदा गैंगस्टर उठा रहे हैं। इस तरह के युवाओं पर गैंगस्टर की सबसे अधिक नजर होती है।
न तो इनकी पहचान होती है और न पुलिस के पास जानकारी। पहली बार अपराध की दुनिया में कदम रखने जा रहे युवा किस हद तक जा सकते हैं यह इसका उदाहरण है।
हजारों में देते हैं सुपारी
किसी नामी अपराधी को सुपारी देने में लाखों रुपये देने पड़ते हैं। वहीं, पकड़े जाने का डर भी होता है। बेरोजगार युवाओं को 10 से 30 हजार रुपये में आसानी से हत्या की सुपारी दे देते हैं।