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अमेरिका से जुड़े किडनी कांड के तार, किडनी डोनर को भेज गया था विदेश

Tue, 14 Jun 2016 12:20 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 14 Jun 2016 12:20 AM IST
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US wire scandal involving kidney, the kidney donor was sent abroad
किड़नी रैकेट - फोटो : अमर उजाला

अपोलो किडनी कांड के तार अमेरिका से जुड़ते नजर आ रहे हैं। गिरोह का सरगना टी. राजकुमार राव ने पश्चिम बंगाल निवासी दीपांकर नामक डोनर को किडनी प्राप्तकर्ता के साथ अमेरिका भेजा था।

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सितंबर, 2013 में किडनी अमेरिका में ट्रांसप्लांट हुई थी।  राजकुमार ने दीपांकर को पहले श्रीलंका पहुंचाया था, मगर वहां किडनी ट्रांसप्लांट नहीं हुई थी। इसके बाद उसे अमेरिका भेजा गया था। बताया जा रहा है कि इस मामले में राजकुमार ने मोटी रकम ली थी।
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दिल्ली पुलिस दीपांकर के साथ ही किडनी प्राप्तकर्ता की भी तलाश कर रही है। दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस ने अपोलो अस्पताल के डॉक्टर केएन सिंह के पीए बृजेश चौहान से कई दौर की पूछताछ के बाद रविवार को गिरफ्तार कर लिया। बृजेश को सोमवार को कोर्ट में पेश किया गया। 

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गिरोह सरगना से हर केस के लिए लेता था एक लाख रुपये

US wire scandal involving kidney, the kidney donor was sent abroad
किड़नी रैकेट - फोटो : अमर उजाला

कोर्ट ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पूछताछ में बृजेश ने बताया कि वह पहले अपोलो अस्पताल के डॉक्टर एस सरीन का पीए था। बाद में वह केएन सिंह का पीए बन गया। उसने एक किडनी जालंधर व चार अपोलो अस्पताल में ट्रांसप्लांट कराई थी।

जालंधर में प्रदीप गुप्ता नाम के डोनर को किडनी देने के लिए भेजा था। वह डोनर के बारे में गिरोह सरगना राजकुमार को जानकारी देता था और फाइलें तैयार करता था।बृजेश हर केस में एक लाख रुपये राजकुमार से लेता था। जालंधर पुलिस की छह सदस्यीय टीम सोमवार को दिल्ली पहुंची और सरिता विहार थाने पहुंचकर आरोपियों के बारे में जानकारी ली। 

जून, 2015 में जालंधर में किडनी रैकेट का पर्दाफाश हुआ था। जालंधर में किडनी खरीद-फरोख्त के सात केस सामने आए थे। इस मामले में जालंधर पुलिस सत्यप्रकाश उर्फ आशू की तलाश कर रही थी। जालंधर पुलिस अब सत्यप्रकाश, बृजेश चौहान और राजकुमार को रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है। 

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