नॉर्थ-ईस्ट के दो लोगों को अपराध शाखा ने कराया मुक्त, दो गिरफ्तार
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उत्तर-पूर्वी राज्यों के दो लोगों को अगवा कर फिरौती मांगने के आरोप में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान पश्चिम बंगाल निवासी सुनील कुमार थापा (34) और चेन्नई निवासी मोहम्मद अली (32) के रूप में हुई है।
पुलिस ने इनके कब्जे से अपह्रत मेघालय निवासी लालनईसंग (42) और मिजोरम निवासी सी. जोसांगलियाना उर्फ विलियम (36) को बरामद किया है।
आरोपी अपने गैंग के साथ मिलकर दोनों के परिवारों से 15-15 लाख रुपये मांग रहे थे। कुछ रुपये पीड़ितों ने आरोपियों के खाते में डलवा भी दिए थे। मामले में अपराध शाखा पुलिस को कई अन्य आरोपियों की तलाश है।
अपराध शाखा के संयुक्त आयुक्त रविंद्र यादव ने बताया कि 24 सितंबर को दोनों परिवारों के लोगों ने अपराध शाखा से मदद मांगी थी। लालनईसंग की पत्नी डोरोथी व जोसांगलियाना की पत्नी जेसिका ने शिलोंग, मेघालय में अपने-अपने पति के अगवा होने की शिकायत की थी।
दोनों पुलिस को बताया था कि उनके पति को छोडने के एवज में 15-15 लाख रुपये की डिमांड की जा रही थी। इस मामले में इन लोगों ने आरोपियों को पांच लाख और 4.40 लाख रुपये दे भी दिए।
सूचना मिलते ही अपराध शाखा के डीसीपी डॉ. जी राम गोपाल नायक की टीम ने रविवार को आनंद विहार बस टर्मिनल के पास पटपड़गंज औद्योगिक क्षेत्र के पास से दोनों आरोपियों को दबोच लिया। दोनों की निशानदेही पर पीड़ितों को भी मुक्त करा लिया गया।
क्या थी अगवा करने की पूरी कहानी....
लालनईसंग, जोसांगलियाना का सगा अंकल है। लालनईसंग असम राइफल का पूर्व सेनाकर्मी है। उसने वीआरएस ले लिया था। 2014 में लालनईसंग की मुलाकात आशीष उर्फ अश्विन उर्फ कर्नल से हुई।
आशीष ने अपने प्रतिबंधित नशीले पदार्थ केमिकल के व्यवसाय में लालनईसंग को जुडने के लिए कहा। लालनईसंग ने अपने भतीजे को भी व्यवसाय में जोड़ लिया। आशीष के कहने पर केमिकल के खरीदारों की तलाश होने लगी।
सुनील कुमार थापा के जरिये दोनों की मुलाकात चेन्नई निवासी गनी भाई उर्फ मीरा नामक शख्स से हुई। गनी भाई ने केमिकल खरीदने पर रूचि दिखाई। सितंबर 16 के पहले हफ्ते में लालनईसंग, जोसांगलियाना, आशीष व गनी की कई मीटिंग दिल्ली में हुई।
30 लाख में सौदा होने के बाद मुरादाबाद में माल डिलीवरी तय हुई। लालनईसंग, जोसांगलियाना, आशीष, गनी, सुनील थापा, मो.अली की मौजूदगी में माल देकर आशीष 30 लाख रुपये ले गया।
लेकिन जब माल की जांच की गई तो उसमें केमिकल की जगह खाने-पीने का सामान निकला। गनी भाई ने लालनईसंग, जोसांगलियाना व उनके कार चालक रॉकी को बंधक बना लिया। आरोपी अपने माल या 30 लाख की मांग करने लगे।
इन लोगों ने पीड़ितों के मोबाइल से ही दोनों को छोडने के ऐवज में दोनों के परिवारों से 30 लाख की मांग शुरू कर दी। परिवार ने कुछ रुपये दिए भी। बाद में शिलोंग में मामले की शिकायत कर दी गई।
आरोपियों ने 20 से 24 सितंबर के बीच दोनों को मुरादाबाद, इसके बाद आगरा के एक होटल में रखा। पुलिस गनी भाई व आशीष की तलाश कर रही है।