युवा कांग्रेस के चुनाव में भिड़े दो गुट, जमकर हुई पत्थरबाजी
आधा दर्जन गाड़ियां क्षतिग्रस्त
झगड़े के चलते चुनाव बीच में रोका गया
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प्रदेश कांग्रेस में गुटबाजी के चलते मच रहे घमासान की आग मंगलवार को मेवात भी पहुंच गई। युवा कांग्रेस के पदाधिकारियों के चुनाव के दौरान दो गुट आपस में भिड़ गए। इस दौरान दोनों गुटों के बीच जमकर पथराव हुआ और हवाई फायरिंग की गई।
इस झगड़े में आधा दर्जन गाड़ियां क्षतिग्रस्त हुईं। मामले की सूचना के बाद पुलिस ने दोनों गुटों को रेस्ट हाउस से बाहर कर दोनों तरफ से दरवाजा बंद कर दिया और किसी को भी अंदर घुसने नहीं दिया। झगड़े के चलते चुनाव बीच में ही रोक दिया गया।
पुलिस के पास खबर लिखे जाने तक किसी भी पक्ष की ओर से शिकायत नहीं मिली, जिसके चलते किसी प्रकार का कोई मुकदमा भी दर्ज नहीं हो पाया। बता दें कि इंडियन यूथ कांग्रेस के प्रदेश, जिला व विधानसभा कमेटी के अध्यक्ष तथा अन्य पदों के चुनाव नूंह के रेस्ट हाउस में कराए जा रहे थे।
नूंह विधानसभा में युवा कांग्रेस के 1,385 मतदाता हैं। झगड़े से पहले करीब साढे़ तीन सौ कार्यकर्ता ही अपने वोट डाल पाए, जबकि फिरोजपुर झिरका विधानसभा क्षेत्र में 30 नवंबर व पुन्हाना विधानसभा में 1 दिसंबर को वोट डाले जाएंगे।
नूंह विधानसभा के गांव अडबर से प्रदेश महासचिव के लिए सनाउल्ला खान चुनाव मैदान में हैं तो विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए सालाहेड़ी गांव के मुजाहिद व नूंह के शकील अहमद चुनाव लड़ रहे हैं।
वोट डालते समय एक मतदाता को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हो गया।
मिली जानकारी के अनुसार, वोट डालते समय एक मतदाता को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हो गया, जिसने बाद में झगड़े का रूप ले लिया और पत्थरबाजी शुरू हो गई। इसके बाद दोनों गुटों ने एकदूसरे की गाड़ियों को निशाना बनाते हुए क्षतिग्रस्त कर दिया। इस झगड़े में किसी के घायल होने की खबर नहीं है।
अधिकारियों ने बंद कराया चुनाव
चुनावों में युवा कांग्रेस की तरफ से जिला रिटर्निंग ऑफिसर बनकर आए उत्तराखंड के असद आलम, एआरओ जितेंद्र शर्मा हिमाचल प्रदेश, रोहित रमता, पोलिंग ऑफिसर हिमाचल प्रदेश के जगदीश हिमता की टीम ने झगड़े को देखते हुए तुरंत ही चुनाव बंद करा दिया। वहीं सारी रिपोर्ट पार्टी हाईकमान को भेज दी।
सरकारी संपत्ति को नुकसान
चुनाव नूंह के पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में कराया गया। झगडे़ के दौरान रेस्ट हाउस को नुकसान पहुंचने की बड़ी संभावना बन गई थी। ऐसे में सवाल उठता है कि एक पार्टी विशेष का चुनाव को सरकारी भवन में कराने की इजाजत क्यों दी गई, जबकि इसमें झगड़े की आशंका पहले से ही जताई जा रही थी।
चुनाव दोबारा कराने की नहीं दी इजाजत
नूंह सिटी चौकी इंचार्ज महेंद्र सिंह ने बताया कि वे बैंक ड्यूटी पर तैनात थे, तभी उन्हें फोन पर सूचना मिली कि नूंह रेस्ट हाउस में युवा कांग्रेस के चुनावों में झगड़ा हो गया है। वे तुरंत अपनी टीम लेकर वहां पहुंचे और दोनों गुटों को दूर-दूर कराया।
इसके बाद कांग्रेस के कई नेता चुनाव को फिर से कराने के लिए निवेदन करते दिखे, लेकिन चौकी प्रभारी ने इजाजत नहीं दी, जिसके चलते चंद कार्यकर्ता ही अपना वोट डाल पाए।