नौकरी की कर रहें हैं तलाश तो ये खबर कर देगी आपको सावधान!
- 50 लाख की ठगी करने वाले दो कॉल सेंटर का भंडाफोड़
- फेस-3 इलाके में चल रहा था, 200 लोगों से की थी वसूली
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नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगारों से ठगी करने वाले दो फर्जी कॉल सेंटर का पुलिस और साइबर सेल ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने सेक्टर-63 स्थित सी-220 में छापेमारी कर छह लोगों को हिरासत में लिया है।
कॉल सेंटरों में काम करने वाले दो दर्जन कर्मचारियों से पुलिस पूछताछ कर रही है। वहीं, मौके से एक अन्य आरोपी रोहित अरोड़ा पकड़ा गया है। रोहित सेक्टर-2 में कॉल सेंटर चलाता था।
अक्टूबर में सेक्टर-20 पुलिस ने उसके कॉल सेंटर पर छापेमारी की थी तो उस दौरान वह फरार हो गया था। वह हॉलीडे पैकेज के नाम पर लोगों से फर्जीवाड़ा कर रहा था।
सेक्टर-2 से फरार होने के बाद रोहित सेक्टर-63 स्थित सी 220 में फर्स्ट फ्लोर पर हॉलीडे पैकेज का कॉल सेंटर चला रहा था। ग्रेटर नोएडा की पॉम सोसायटी में रहने वाले रतन राज को 10 दिन पहले लर्न प्रो नामक कंपनी से फोन आया।
फोन करने वाले शख्स ने दावा किया कि कंपनी उसकी नौकरी लगवा देगी। युवक को पंजीकरण के लिए 2400 रुपये का शुल्क बैंक खाते में जमा करने को कहा गया। रतन एमिटी से एमबीए पास है।
उन्होंने जब पंजीकरण फीस जमा करा दी तो कंपनी से दोबारा फोन गया और इस बार 10 हजार रुपये फिर से मांगे गए। युवक को शक हुआ और उसने रुपये देने से मना किया। उसने मामले की मंगलवार को शिकायत साइबर सेल से की।
कंपनी निदेशक सहित पांच गिरफ्तार
साइबर सेल की ओर से फेस-3 थाने में रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश हुआ। देर शाम पुलिस ने सेक्टर-63 में छापा मारकर ए-वन इंफोकॉम नाम के फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया।
यह कंपनी लर्न प्रो डॉट इन के नाम से जॉब पोर्टल चलाती है। पुलिस ने कंपनी निदेशक प्रियांशु रस्तोगी समेत पांच लोगों को हिरासत में लिया है।
सूचना के आधार पर छापेमारी की गई। मौके से कंपनी के निदेशक व अन्य लोगों को हिरासत में लिया गया। 200 से ज्यादा लोगों से करीब 50 लाख की ठगी की गई है।- दिनेश यादव, एसपी सिटी
पूर्व के कुछ मामले : 26 फरवरी- सेक्टर-15 में नौकरी दिलाने के नाम पर दो दर्जन से ज्यादा बेरोजगारों से कॉल सेंटर के जरिये 10 लाख की ठगी। 21 मार्च- सेक्टर-2 स्थित कंपनी ने सैकड़ों इंजीनियरों से 40 लाख का फर्जीवाड़ा किया।