गर्ल्स हॉस्टल में रेप की कोशिश, हटाए गए वॉर्डन और सिक्योरिटी सुपरवाइजर
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आईईसी कॉलेज के गर्ल्स हॉस्टल में छात्रा से रेप की कोशिश के मामले में मंगलवार को भी छात्र-छात्राओं ने कॉलेज के गेट पर प्रदर्शन किया। हंगामा देखते हुए कॉलेज प्रबंधन को छात्रों के सामने झुकना पड़ा। छात्रों की मांग पर हॉस्टल वार्डन और सिक्योरिटी सुपरवाइजर को हटा दिया गया।
कॉलेज डायरेक्टर पर जांच बैठा दी है। मंगलवार को यूनिवर्सिटी की टीम भी जांच के लिए कैंपस पहुंची। रविवार रात एक छात्रा गर्ल्स हॉस्टल में अपने रूम में पढ़ रही थी। उसी समय किसी ने दरवाजा खटखटाया। 35 साल का एक युवक कमरे में जबरन घुस गया। उसने छात्रा से रेप की कोशिश की। छात्रा ने किसी तरह खुद को बचाया और शोर मचा दिया।
हॉस्टल वार्डन और छात्राएं एकत्र हो गई। उसी समय आरोपी भाग गया। आरोप है कि वार्डन/ शिक्षिका ने भी गंभीर मामले को दबाने के लिए छात्रा पर दबाव डाला। उसे डराया धमकाया गया। कॉलेज निदेशक डीबी सिंह ने सोमवार दोपहर तक मामले को दबाने और तरह-तरह की बात बताकर रिपोर्ट दर्ज न करने के लिए दबाव डाला। इससे छात्र-छात्राओं में तीनों के खिलाफ आक्रोश पनप गया और उन्हें हटाने की मांग की।
मंगलवार को भी छात्रों ने कॉलेज के खिलाफ प्रदर्शन किया
मंगलवार को भी छात्रों ने कॉलेज के खिलाफ प्रदर्शन किया। दोपहर में कॉलेज के चेयरमैन नवीन गुप्ता, पुलिस और प्रशासनिक अफसरों के अलावा छात्र-छात्राओं की बैठक हुई। इसमें चेयरमैन ने सिक्योरिटी सुपरवाइजर जेएस सोलंकी और वार्डन/शिक्षिका डॉ. अर्चना राठौर को कॉलेज से निकाल दिया।
निदेशक डीबी सिंह को बाहर का रास्ता दिखाने के लिए तीन माह का समय मांगा, चूंकि इसकी अनुमति यूनिवर्सिटी और कई अन्य स्थान से लेनी पड़ती है। चेयरमैन नवीन गुप्ता ने छात्राओं की सुरक्षा के लिहाज से हॉस्टल में सीसीटीवी कैमरे, दीवार को ऊंचा कराने, तार फेंसिंग करानी शुरू कर दी है। हॉस्टल के पास बने मजदूरों के टीनशेड को भी तत्काल हटा दिया गया है।
कॉलेज में बवाल की जानकारी मिलने के बाद एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एकेटीयू) की ओर से दो सदस्यीय टीम कॉलेज पहुंची। उसने छात्र-छात्राओं और कॉलेज के अफसरों से बात की। इसकी रिपोर्ट वाइस चांसलर को सौंपी जाएगी। इसके अलावा कॉलेज ने भी तीन सदस्यीय कमेटी का जांच के लिए गठन किया है।