फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   transfer posting case in army lt colonel and broker send jail in delhi

सेना में ट्रांसफर पोस्टिंग रैकेट मामला : लेफ्टिनेंट कर्नल और दलाल को भेजा जेल

Tue, 06 Jun 2017 11:50 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 06 Jun 2017 11:50 AM IST
विज्ञापन
transfer posting case in army lt colonel and broker send jail in delhi

भारतीय सेना में ट्रांसफर पोस्टिंग रैकेट मामले में गिरफ्तार लेफ्टिनेंट कर्नल व बिचौलिए को सीबीआई कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। सीबीआई ने इन आरोपियों को तीन दिन की रिमांड के बाद सोमवार को कोर्ट में पेश किया था।

विज्ञापन


पटियाला हाउस स्थित विशेष सीबीआई जज नरेश कुमार मल्होत्रा ने लेफ्टिनेंट कर्नल रंगनाथन सुब्रमणि मोनी और दलाल गौरव कोहली को 17 जून तक न्यायिक हिरासत में जेल भेजा है।
विज्ञापन


सीबीआई के अधिवक्ता अमित कुमार ने कहा कि अभी मामले की जांच और कई जगह तलाशी चल रही है। इसके मद्देनजर दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया जाए। सुनवाई के दौरान लेफ्टिनेंट मोनी ने कहा कि वह केरल का रहने वाला है और उसकी पहचान का दिल्ली में कोई नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके बाद कोर्ट ने मोनी को दिल्ली विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से वकील मुहैया करवाया। कोर्ट के समक्ष मोनी ने अधिवक्ता हरी कृष्णा से बात कराने का आग्रह किया। जांच अधिकारी ने करीब तीन मिनट तक मोनी की बात अधिवक्ता हरी कृष्णा से करवाई।

दूसरी ओर मामले में आरोपी दलाल गौरव ने जमानत याचिका दायर की है, जिस पर 9 जून को सुनवाई होगी। सीबीआई ने इस मामले में रंगनाथन सुब्रमणि मोनी, सैन्य अधिकारी पुरुषोत्तम, गौरव कोहली, एस. सुभाष और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ आपराधिक साजिश व भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम की धाराओं में 1 जून को एफआईआर दर्ज की थी।

एजेंसी ने मोनी व गौरव को 2 जून को गिरफ्तार किया था। गौरव की निशानदेही पर मोनी के सरकारी निवास से दो लाख रुपये भी बरामद किए थे। सीबीआई का आरोप है कि सेना में ट्रांसफर पोस्टिंग का रैकेट चल रहा है।

सैन्य कर्मी मोटी घूस देकर मनचाही जगहों पर तबादला करवाते हैं। इसी कड़ी में बीएसओ एस. सुभाष ने मनचाही जगह तबादले के लिए गौरव को पांच लाख रुपये दिए थे। इन दोनों को पुरुषोत्तम ने मिलवाया था।


एजेंसी के मुताबिक, गौरव ने 1 जून को दो लाख रुपये सुब्रमणि मोनी को उनके नगला देवता स्थित सरकारी आवास पर दिए। वह घूस देकर बाहर निकला, तो उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उसने सुब्रमणि मोनी के घर से घूस के दो लाख रुपये भी बरामद करवाए। इसके बाद दोनों को सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed