{"_id":"572f7c8d4f1c1b71275ce5f7","slug":"trafficking-of-tiger-parts-did-not-get-bail","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाघ के अंगों की तस्करी करने वाले को नहीं मिली जमानत ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
बाघ के अंगों की तस्करी करने वाले को नहीं मिली जमानत
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 09 May 2016 03:34 AM IST
विज्ञापन
गिरफ्तार
- फोटो : demo pic
अदालत ने बाघ के अंगों के साथ गिरफ्तार किए गए एक व्यक्ति को जमानत देने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि इस तरह के अपराधियों को यदि राहत मिली तो उनके फरार होने और पुराने तरीके दोबारा अपनाने की पूरी संभावना है।
विज्ञापन
विशेष न्यायाधीश विनोद कुमार ने आरोपी नरेश को राहत देने से इनकार कर दिया। उसके पास से बाघ की खोपड़ी के टुकड़े, हड्डियां, दांत और नाखून बरामद किए गए थे। अदालत ने कहा सारे सबूत जमानत के सवाल पर फैसला करने के समय यह मानने के लिए पर्याप्त हैं कि अभियोजन पक्ष का मामला विश्वास के योग्य है।
विज्ञापन
अदालत ने कहा कि वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत इस तरह के अपराध के लिए तीन साल की न्यूनतम सजा और सात साल की अधिकतम सजा का प्रावधान है। न्यायाधीश ने कहा इस तरह के अपराधियों के फरार होने और दोबारा पुराने तरीके अपनाने की पूरी संभावना है। इस तरह की परिस्थितियों में मुझेे यह मामला जमानत के योग्य नहीं लगता। इसलिए जमानत याचिका खारिज की जाती है।
विज्ञापन
अभियोजन पक्ष के अनुसार 7 सितंबर 2013 को दिल्ली पुलिस और महाराष्ट्र वन विभाग ने नरेश और सूरजभान नाम के दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया था और उनकी कार से बाघ की खोपड़ी के टुकड़े, हड्डियां, दांत और नाखून जब्त किए गए थे। इसके अलावा उनके पास से 2,70,000 की नगदी भी बरामद हुई थी।