ट्रैफिक सिपाही ने डीयू की छात्रा से किया रेप
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दिल्ली के समयपुर बादली इलाके में डीयू की छात्रा ने ट्रैफिक पुलिस के सिपाही पर शादी का झांसा देकर दो माह तक दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है। बुधवार रात पीड़िता की शिकायत पर समयपुर बादली थाना पुलिस ने सिपाही के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज कर लिया।
पुलिस के अनुसार, समयपुर बादली निवासी 21 वर्षीय युवती ने बुधवार रात समयपुर बादली थाने पहुंचकर सिपाही के खिलाफ दुष्कर्म की शिकायत दी। उसने बताया कि शीशपाल (30) ट्रैफिक पुलिस के सेंट्रल जोन में तैनात है। वह अक्सर समयपुर बादली में रहने वाले एक रिश्तेदार के घर आता था। दो महीने पूर्व युवती की मुलाकात शीशपाल से हुई।
आरोप है कि शीशपाल ने उससे शादी करने की इच्छा जताई और दो माह तक उससे दुष्कर्म करता रहा। बुधवार को उसने शादी करने के लिए कहा तो शीशपाल ने इंकार कर दिया। साथ ही, पुलिस से शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी भी दी। उसने ने सारी बात परिजनों को बताई और थाने में शिकायत की।
पुलिस ने उसका मेडिकल करवाया जिसमें दुष्कर्म की पुष्टि होने के बाद सिपाही के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज कर लिया गया। जिला पुलिस उपायुक्त विक्रमजीत सिंह का कहना है कि आरोपी सिपाही की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
कपड़ों का नाप दिलाने के बहाने रेप
वहीं, हाईकोर्ट ने लाडली योजना का लाभ दिलवाने के नाम पर आठ साल की बच्ची से दुष्कर्म करने के दोषी अनवर-उल-हक को मिली उम्रकैद की सजा संबंधी फैसले को बहाल रखा है।
न्यायमूर्ति प्रदीप नंदराजयोग और न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता की खंडपीठ ने कहा कि सभी तथ्यों से स्पष्ट है कि अनवर स्वयं को सरकार कर्मचारी बताकर बच्ची को कपड़ों का नाप लेने के बहाने अपने साथ ले गया था।
आरोपी की अपील खारिज करते हुए कोर्ट ने कहा कि ट्रायल कोर्ट के फैसले में हस्तक्षेप की कोई गुंजाइश नहीं है। मामला शकूरपुर का है। आरोप है कि अनवर ने जून, 2010 को बच्ची की मां को बताया कि वह सरकारी कर्मचारी है।
उसकी बच्ची दिल्ली सरकार की लाडली योजना के तहत कपड़े और खाने का सामान पाने की हकदार है। वह लड़की की फोटो खिंचवाने और उसके कपड़ों का नाप दिलवाने के बहाने साथ ले गया था और घटना को अंजाम दिया।
बेहोशी की हालत में मिली युवती, गैंगरेप की आशंका
ईस्ट ऑफ कैलाश मेन रोड पर बृहस्पतिवार सुबह 23 वर्षीय युवती बेहोशी की हालत में पड़ी मिली। युवती के कपड़े भी अस्त-व्यस्त थे और चोटों के काफी निशान थे। किसी राहगीर ने सुबह करीब 6:30 बजे इसकी सूचना पुलिस कंट्रोल रूम को दी थी।
मौके पर पहुंचे जिले के सीनियर पुलिस अधिकारियों ने युवती को ट्रामा सेंटर पहुंचाया जहां इलाज के बाद शाम को उसे छुट्टी दे दी गई।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, चार-पांच लोगों ने गैंगरेप करके युवती को गाड़ी से सड़क पर फेंक दिया था। हालांकि, युवती ने पुलिस को शिकायत देने से इंकार किया है। युवती की ट्रामा सेंटर में काउंसलिंग भी कराई गई थी।
जिम ट्रेनर ने महिला को तलाक के लिए उकसाया!
शादीशुदा महिला को प्रेम जाल में फंसाकर तलाक लेने के लिए उकसाने के मामले में जिम प्रशिक्षक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश अदालत ने दिया है। मामला पूर्वी दिल्ली में आनंद विहार के हरगोविंद एंक्लेव इलाके का है।
कड़कड़डूमा अदालत के महानगर दंडाधिकारी सुनील बेनीवाल ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच करने का निर्देश दिया है। महिला के पति रोहित भार्गव ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाने के लिए याचिका दायर की थी।
पुलिस की स्टेटस रिपोर्ट में याची द्वारा लगाये गए आरोप सही पाए गए। आवेदन पर बहस करते हुए अधिवक्ता आरके चौधरी ने कहा याची की शादी करीब आठ साल पहले हुई थी। देनों का एक बच्चा भी है। उसकी पत्नी ने हरगोविंद एंक्लेव स्थित एनर्जी जिम में जाना शुरू किया। वहां पर उसकी मुलाकात प्रशिक्षक सौरभ से हुई।
याची का आरोप है कि सौरभ ने नवंबर 2012 से लगातार उसकी पत्नी को कॉल व मैसेज करना शुरू कर दिया। इस कारण पत्नी का व्यवहार रोहित के प्रति बदल गया और उसने बच्चे पर भी ध्यान देना बंद कर दिया। वह घर और बच्चा छोड़ कर चली गई। साथ ही सारा कीमती सामान भी लेकर चली गई।
याची ने जब जिम प्रशिक्षक से इस बारे में बात की तो उसने रोहित धमकी दी और बीच में आने पर अंजाम भुगतने की धमकी दी। इतना ही नहीं सौरभ ने रोहित की पत्नी को छोड़ने के लिए उससे पांच लाख रुपये मांगे।