फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Three student had written a suicide note noose.

तीन सुसाइड नोट लिखकर छात्र ने लगाया फंदा

Mon, 14 Sep 2015 12:52 PM IST
अमर उजाला, वैशाली
अमर उजाला, वैशाली Updated Mon, 14 Sep 2015 12:52 PM IST
विज्ञापन
Three student had written a suicide note noose.
पिता ने स्मार्टफोन छीना तो नाराज होकर 10वीं के छात्र ने फंदा लगाकर सुसाइड की कोशिश की। समय रहते घटना का पता चलते ही परिजनों ने उसे गंभीर हालत में मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया है, तीन सुसाइड नोट मिले हैं।
विज्ञापन


एक पैरेंट्स, दूसरा स्कूृल टीचर और तीसरा स्कूल फ्रेंड के नाम है। बताया जाता है कि वह डिप्रेशन में भी है। छात्र ने स्कूल टीचर पर भी परेशान करने का आरोप लगाया है।
विज्ञापन


वैशाली सेक्टर-2 निवासी किशोरी लाल कोटनाला यहां पत्नी, बेटी और बेटे अतुल (16) के साथ रहते हैं। किशोरी लाल गुड़गांव में जॉब करते हैं। उन्होंने बताया कि अतुल सेक्टर-1 स्थित मार्डन स्कूल में 10वीं का छात्र है।
विज्ञापन
विज्ञापन


कुछ दिन पहले उन्होंने उसे स्मार्टफोन दिलाया था। इसके बाद से वह स्मार्टफोन में लगा रहता था। पिछले सप्ताह उसने कुछ दोस्तों के साथ स्कूल से बंक किया, जिसके बाद पिता ने स्मार्टफोन छीनकर प्रिंसिपल के पास जमा करा दिया था।

शनिवार को माता-पिता स्कूल की पैरेंट्स टीचर मीटिंग में गए थे। बड़ी बहन ट्यूशन गई थी। करीब एक बजे जब वह लौटी तो घर का दरवाजा बंद था। वह पीछे के दरवाजे से अंदर घुसी।

इस दौरान अतुल चुन्नी से फंदा लगाकर पंखे से लटका तड़प रहा था। बहन ने तुरंत लोगों की मदद से उसे उतारकर अस्पताल में भर्ती कराया।

‘मम्मी-पापा आपने मुझे गलत समझा’
1. पहले सुसाइड नोट में लिखा है कि मम्मी-पापा आपने मुझे गलत समझा है। मैं गलत रास्ते पर नहीं जा रहा था। फोन स्कूल में जमा नहीं कराना चाहिए था। टीचरों के कहने पर आप हमेशा मुझ पर शक करते थे।

2. टीचर से परेशान ः दूसरे नोट में लिखा कि स्कूल में होने वाली बेइज्जती से मैं परेशान हो चुका हूं। टीचर आए दिन किसी न किसी बात पर मुझे परेशान करते हैं, जिससे तंग आने के बाद यही एक रास्ता बचा है।


3. फ्रेंड को लिखा, मैं गलत नहीं ः सरा नोट क्लास की एक छात्रा के नाम है, जिसमें लिखा कि शायद तुम समझ सको कि मैं गलत नहीं हूं।

उधर, पिता किशोरी लाल के अनुसार अतुल काफी समय से परेशान है। वह घर आकर बेहद गुस्सा करता था, जिसके बाद उसका आरएमएल अस्पताल में इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार वह डिप्रेशन में है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed