चाय बनाने के दौरान हुआ दर्दनाक हादसा, भाई-बहन की झुलसकर मौत
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जाफराबाद इलाके में शुक्रवार दोपहर एक मकान में रसोई गैस में रिसाव के बाद आग लग गई। आग के चपेट में आकर भाई बहन झुलस गए। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचे दमकल कर्मियों ने दोनों भाई बहनों को निकालकर अस्पताल पहुंचाया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। भाई बहन की शिनाख्त कमल (18) और गीता (23) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार कमल बहन गीता और मां फूलवती के साथ मौजपुर स्थित अंबेडकर बस्ती में रहता था।
उसके पिता भगवान दास का देहांत हो चुका है। गीता प्राइवेट कोचिंग सेंटर में बच्चों को पढ़ाती थी वहीं कमल बिजली की दुकान में काम करता था। दोपहर करीब साढ़े तीन बजे फूलवती पड़ोस में रहने वाले विक्रमजीत के घर गई थी।
जबकि कमल काम पर गया था। बताया जा रहा है कि शाम करीब चार बजे कमल घर पहुंचा और बहन को चाय बनाकर देने के लिए कहा। चाय बनाने के दौरान गैस रिसाव होने के बाद सिलेंडर में आग लग गई।
प्राइवेट कोचिंग सेंटर में बच्चों को पढ़ाती थी गीता
गीता के चीखने की आवाज सुनकर कमल वहां पहुंचा और आग बुझाने की कोशिश की। इसी दौरान फ्रिज का कम्प्रेसर फट गया और आग तीन कमरों में फैल गई। आग और धुआं में घिर कर दोनों भाई बहन झुलस गए।
शोरशराबा के बाद आसपास के लोग वहां जमा हो गए और दमकल विभाग को घटना की जानकारी दी। मौके पर पहुंचे दमकल कर्मियों ने दोनों भाई बहनों को गंभीर रूप से घायल अवस्था में घर से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया।
जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पा लिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिक जांच में गैस रिसाव से आग लगने की बात सामने आ रही है लेकिन फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।
काफी मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने पाया काबू
मां का सहारा छिन गया
भाई बहन की मौत के बाद इलाके में मातम छाया हुआ है। अपना सहारा छिन जाने से फूलवती का संसार ही उजड़ गया। घटना के बाद से फूलवती को संभाल पाना मुश्किल हो रहा है।
पड़ोसियों व स्थानीय विधायक ने मौके पर पहुंचकर फूलवती को ढांढस बंधाया। स्थानीय लोगों का कहना है काफी पहले ही उसके पति का देहांत हो गया था। उसके बाद से बच्चे ही उसका सहारा थे।
गली में दमकल की गाड़ियां नहीं कर पाई प्रवेश
अंबेडकर बस्ती में आग लगने की सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां वहां पहुंच गई लेकिन संकरी गली होने की वजह से गाड़ियां गली के भीतर नहीं जा सकी।
गाड़ियों को मुख्य मार्ग पर छोड़कर दमकल कर्मी गली में जाकर राहत का काम शुरू किया और फिर पाइप को अंदर तक ले जाकर आग बुझाने का काम शुरू किया। हालांकि स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि दमकल की गाड़ियां देर से पहुंची। लेकिन दमकल अधिकारियों का कहना है कि मुख्य मार्ग से अंदर तक पानी पहुंचाने में करीब 40 मिनट लगे।