कंझावला मुठभेड़ को परिजनों ने बताया हत्या, पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
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कंझावला इलाके में बुधवार तड़के हुई मुठभेड़ में मारे गए बदमाश के परिजनों ने कंझावला-रोहिणी रोड पर जाम लगा दिया। सैकड़ों की संख्या में पहुंचे लोगों ने करीब पांच घंटे तक जाम लगाए रखा।
परिजन गोली चलाने वाले दिल्ली पुलिस के हवलदार विक्रम के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के अलावा मामले की न्यायिक जांच कराने की मांग कर रहे थे। मौके पर पहुंची पुलिस व क्षेत्रीय एसडीएम ने किसी तरह लोगों को समझा-बुझाकर सड़क से हटाया।
मुठभेड़ में मारे गए बदमाशों का बृहस्पतिवार को पोस्टमार्टम नहीं हो सका। परिजनों ने गोली चलाने वाले हवलदार पर एफआईआर दर्ज हुए बिना अभिषेक का शव लेने से इनकार कर दिया है। मुठभेड़ में मारे गए युवक अभिषेक के पिता सतीश ने आरोप लगाया है कि कार लूटने वाले बदमाश को बचाने के लिए ही उनके बेटे को पुलिस ने मारा है।
'बदमाश को बचाने के लिए पुलिस ने बेटे को जान बूझकर मारा'
सतीश ने दावा किया है कि सुबह 7:30 बजे तक उनका बेटा गांव में ही था। गांव के दो युवक उसे बुलाकर अपने साथ ले गए, जिसके बाद उसकी हत्या कर दी गई।
सतीश ने गांव के दोनों युवकों पर पुलिस से मिलीभगत का आरोप लगाकर मामले की जांच कराने की मांग की है। दोपहर करीब 12:00 बजे अभिषेक के परिजन व कराला गांव के ग्रामीणों ने मेन रोड को जाम दिया।
शाम करीब पांच बजे के बाद ही जाम को खुलवाया जा सका। इधर पुलिस ने कार लूटकर भागने और गोली लगने के बाद अस्पताल पहुंचने के बीच रास्ते में लगे सीसीटीवी कैमरों की कुछ फुटेज इकट्ठा किए हैं।
पुलिस उसके आधार पर छानबीन कर रही है। बृहस्पतिवार को पुलिस अभिषेक का पोस्टमार्टम नहीं करवा पाई। दरअसल उसके पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल बोर्ड के गठन की मांग की गई है।