फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   status report became a problem for delhi police

दिल्ली पुलिस के लिए मुसीबत बन गई स्टेटस रिपोर्ट

Wed, 05 Nov 2014 01:45 AM IST
धीरज बेनीवाल/अमर उजाला, नई दिल्ली
धीरज बेनीवाल/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 05 Nov 2014 01:45 AM IST
विज्ञापन
status report became a problem for delhi police

रंगदारी के मामले में पुलिस की स्टेटस रिपोर्ट ही उसके गले की मुसीबत बन गई। शिकायतकर्ता ने पुलिस को अपनी शिकायत दी थी लेकिन पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया।

विज्ञापन


पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में पहली नजर में रंगदारी का मामला बनने की बात भी मानी। पुलिस के रवैये पर नाराजगी जाहिर करते हुये जांच अधिकारी को नोटिस जारी कर पूछा कि जब मामला बनता था तो केस दर्ज क्यों नहीं किया।
विज्ञापन


कोर्ट के कोप भाजन से बचने के लिये पुलिस ने उसके निर्देश से पहले ही आरोपी पत्रकार के खिलाफ दो नवंबर को एफआईआर दर्ज कर दी।

पेश मामला उत्तरपूर्वी जिले के सीलमपुर थाना इलाके का है। शिकायतकर्ता मोहम्मद रिजवान ने एक पत्रकार मोहम्मद राहत द्वारा रंगदारी के खिलाफ सीलमपुर थाने में शिकायत दी थी। लेकिन पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया। इसके बाद रिजवान ने अदालत की शरण ली।
विज्ञापन
विज्ञापन


एसीएमएम शरद गुप्ता के समक्ष अधिवक्ता आरके चौधरी ने कहा कि मो. राहत पुलिसकर्मियों व मो. रिजवान का वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल कर रहा था। उसने इसकी पुलिस व कोर्ट में भी शिकायत दे रखी थी। इसके सहारे वह पुलिसकर्मियों व रिजवान को ब्लैकमेल कर पांच लाख मांग रहा था।

अदालत ने जांच अधिकारी को स्टेटस रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया था। जांच अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में पहली नजर में रंगदारी का मामला बनने की बात स्वीकार की।


पुलिस की रिपोर्ट पर कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए अदालत ने कड़े शब्दों में पूछा कि अगर रंगदारी का मामला बनता था तो शिकायतकर्ता की एफआईआर दर्ज क्यों नहीं की गई। अदालत ने जांच अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी कर 11 नवंबर तक जवाब मांगा है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed