सीआरपीएफ डीएसपी की हत्या मेें पिता-पुत्र धरे
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पंचायत चुनाव में रंजिश के बाद सीआरपीएफ के डीएसपी की हत्या करने वाले पूर्व सरपंच व उसके बेटे को दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान गांव पांची, सोनीपत निवासी सुरेंद्र सिंह (46) व इसके बेटे प्रवीन सिंह (26) के रूप में हुई है।
पुलिस ने दोनों के पास से एक रिवॉल्वर व एक पिस्टल और छह कारतूस बरामद किए हैं। पिता-पुत्र को गन्नौर, सोनीपत कोर्ट ने भगोड़ा घोषित किया हुआ था।
दोनों की गिरफ्तारी पर 50-50 हजार रुपये इनाम था। आरोपियों के पास से बरामद रिवाल्वर लाइसेंस पर कानपुर से खरीदा गया था, लेकिन लाइसेंस की अवधि 13 अक्तूबर 2016 को समाप्त हो चुकी है।
रिवॉल्वर व पिस्टल और छह कारतूस बरामद हुए
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आलोक कुमार ने बताया कि मंगलवार को उनकी टीम को सूचना मिली थी कि पांची गांव में सीआरपीएफ के डीएसपी की हत्या में शामिल गांव का पूर्व सरपंच सुरेंद्र सिंह अलीपुर, जीटी करनाल रोड के पास आने वाला है। एसीपी ईश्वर सिंह व इंस्पेक्टर बलराम की टीम ने सुरेंद्र व उसके बेटे प्रवीन को दबोच लिया।
इनके पास से रिवॉल्वर व पिस्टल और छह कारतूस बरामद हुए। आरोपियों ने रिवॉल्वर का लाइसेंस भी दिखाया, लेकिन जांच में पता चला कि लाइसेंस की अवधि समाप्त हो चुकी है। पुलिस ने दोनों से पूछताछ शुरू की तो दोनों ने डीएसपी सज्जन सिंह की हत्या की बात कबूल कर ली।
आरोपियों ने बताया कि सुरेंद्र 2005 से 2015 के बीच दो बार अपने ही गांव का सरपंच रहा। पंचायत चुनाव के दौरान दूसरे गुट से झगड़ा होने पर तीन अक्तूबर 2015 को पिता-पुत्र ने साथियों के साथ मिलकर पांची के ही रहने वाले सज्जन की हत्या कर दी।
इससे पूर्व सज्जन गुट के जोगिंदर ने सुरेंद्र के बेटे हरपाल को 25 अक्तूबर 2013 को गोली मारकर जख्मी कर दिया था। तभी से दोनों गुटों के बीच रंजिश चली आ रही थी। इधर 2016 में जोगिंदर ने राजस्थान के हनुमानगढ़ में सुरेंद्र व उसके साथियों पर हमला किया था, लेकिन उसमें वह बाल-बाल बच गया था। पुलिस की मानें तो प्रवीन एमडी यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट है।