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रिटायर्ड टैक्स सुपरिटेंडेंट के परिवार को बंधक बनाकर लूटा
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Tue, 20 May 2014 12:38 PM IST
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चिरंजीव विहार में सोमवार तड़के नकाबपोश छह बदमाशों ने मासूम को गन प्वाइंट पर लेकर सर्राफ के घर डाका डाला। लुटेरे परिवार को बंधक बनाकर घर से साढ़े चार लाख की ज्वैलरी, 50 हजार रुपये, दो मोबाइल और टैब ले गए।
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सर्राफ ने बहादुरी दिखाते हुए कंट्रोल रूम को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस घर केसामने खड़ी हूटर बजाती रही, इसी बीच बदमाश घर के पीछे के दरवाजे से भाग गए।
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सीओ अतुल यादव ने बताया चिरंजीव विहार 7/30 में सर्राफ विजय रस्तोगी परिवार के साथ रहते हैं। उनकी अंसल मार्केट में ज्वैलरी शॉप है। विजय ने बताया कि रविवार रात वह माता-पिता, भाई-बहन और बच्चों के साथ सोए थे।
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पिता जगदीश रस्तोगी आरटीओ गाजियाबाद से वर्ष 2006 में टैक्स सुपरिंटेंडेंट केपद से रिटायर हैं। तड़के तीन बजे छह बदमाश खिड़की की ग्रिल काटकर घर में घुसे। बदमाशों ने भाई आशीष को कमरे में ही गन प्वाइंट पर लेकर मारपीट शुरू कर दी।
भाई का शोर सुन बहन, माता-पिता जगे तो लुटेरों ने इन्हें भी मारपीट कमरे में बंधक बना लिया। एक साल के मासूम भांजे अयान को गन प्वाइंट पर लेकर लॉकर और कमरों की चाभियां मांगने लगे। सर्राफ विजय ने बताया कि वे अपने कमरे से कंट्रोल रूम को फोन कर रहे तभी भनक लगते ही लुटेरों ने दरवाजा तोड़कर उन्हें व पत्नी निधि को भी बंधक बना लिया।
दो बदमाश सभी को कमरे में बंधक बनाए रहे और चार ने घर खंगाला। सूचना के दस मिनट बाद पुलिस का सायरन सुनकर लुटेरे पीछे के रास्ते पैदल महरौली फाटक की तरफ भाग गए। पुलिस ने बदमाशों का पीछा किया।
कांपे सिपाही के हाथ, नहीं चली गोली
बदमाश हर बार पुलिस पर भारी पड़ रहे हैं। इस बार भी ऐसा ही हुआ। पहले तो पुलिस ने हूटर बजाकर बदमाशों को आगाह कर दिया और वे भाग निकले। बाद में पुलिस ने सर्राफ के साथ बदमाशों का पीछा किया, लेकिन पुलिस उन्हें पकड़ नहीं सकी।
इतना ही नहीं, प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि पुलिस और बदमाशों के बीच महज 50 मीटर का फासला था। पुलिस अगर गोली दागती तो बदमाश ढेर हो जाते, मगर पुलिसवाले गोली ही नहीं चला सके। बदमाशों को नजदीक देख उनके हाथ कांप गए। दूसरी तरफ, पुलिसवालों का कहना है कि एक सिपाही ने भागते बदमाशों पर फायरिंग की थी, लेकिन गोली मिस हो गई। बदमाश दो दिशाओं की ओर भागे थे।
प्रत्क्षदर्शी और पुलिस के साथ पांच सौ मीटर तक बदमाशों का पीछा करने वाले विजय रस्तोगी ने बताया कि सूचना के करीब 15 मिनट बाद पुलिस मौके पर पहुंची। दरवाजा खोलने में एक बदमाश को चोट भी लगी। परिजनों ने गेट के बाहर खड़ी पुलिस को सूचना दी थी।