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नेेताजी की बात नही मानना पड़ा थानेदार को महंगा, कई बार किया तबादला
ब्यूरो/अमर उजाला, गुरुग्राम
Updated Thu, 02 Nov 2017 05:40 PM IST
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भाजपा की केंद्र सरकार में ऊंचे पद पर बैठे एक नेता की बात न मानना होडल के थानेदार को काफी महंगा पड़ा है। उक्त नेता द्वारा एसपी से थानेदार के प्रति रोष प्रकट करने पर पहले तो थानेदार का तबादला जिले में ही एक दिन में तीन बार अलग-अलग थानों में किया गया, लेकिन उसके बाद भी थानेदार द्वारा नेताजी के दरबार में हाजिरी न लगाने पर अब उनका तबादला जिले से बाहर अंबाला करा दिया गया है।
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थानेदार के तबादले के बाद होडल शहर के लोगों में रोष है और उन्होंने मांग की है कि उन्हें वापिस होडल बुलवाया जाए। चर्चा है कि होडल थाने में कार्यरत थाना प्रभारी रतनलाल का गत दिनों केंद्र सरकार में उच्च पद पर बैठे एक नेता जी से पलवल दौरे के दौरान कुछ खटफट हो गई थी। बताया जाता है कि उसी खटफट के चलते थाना प्रभारी रतनलाल का एसपी से कहकर होडल थाने में तबादला कराया।
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वहां से उसी दिन हथीन में और फिर पलवल में फिर वापिस होडल में करवा दिया। उसके बाद भी थाना प्रभारी से संतुष्टी नहीं हुई और उनका तबादला अब अंबाला करवा दिया गया है। चर्चा है कि थाना प्रभारी ने नेताजी जी के कहने पर किसी बदमाश को नहीं छोड़ा था। बस इसी बात को लेकर नेेताजी नाराज चल रहे हैं।
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होडल निवासी अजय सौरोत ,घनश्याम , दुकानदार नदकिशोर भारद्वाज ,मास्टर हेतराम , मास्टर ज्ञानचंद , व्यापारी कश्मीरी लाल , वैश्य समाज के प्रधान बबली परदेसी , नगर परिषद् की वाइस चेयरमेन आशा तायल का कहना है कि जब से रतन लाल होडल के थाना प्रभारी बने, तब से शहर में कुछ आपराधिक गतिविधियां कम हुई थीं। उन्होंने मांग की है कि उनका तबादला वापस किया जाए।