'अपनी मर्जी से गई थी, नहीं हुआ गैंगरेप'
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गाजियाबाद के वैशाली से अगवा कर नोएडा के एक फ्लैट में रेप के मामले में रिसेप्शनिस्ट युवती अपने आरोपों से पलट गई है।
मजिस्ट्रेट के सामने दिए गए बयानों में युवती ने रेप की बात से इंकार करते हुए आरोपी को अपना दोस्त बताया है। इसके बाद पुलिस अब युवती के खिलाफ ही कार्रवाई की तैयारी कर रही है।
उधर, उसे उकसाने वाले उसके दोस्त और कथित पत्रकार पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है। सीओ इंदिरापुरम अतुल यादव ने बताया कि रिसेप्शनिस्ट के बृस्पतिवार को कोर्ट में धारा-164 के अंतर्गत बयान हुए हैं।
किसने रची इस फर्जी रेप की कहानी?
बयानों में पीड़िता के अनुसार आरोपी युवक अरुण उर्फ मिन्टू उसका दोस्त है। वह अपनी मर्जी से उसके साथ गई थी। इतना ही नहीं सह आरोपी गौरव और सौरव गुप्ता भी उसके दोस्त हैं।
पुलिस के अनुसार अपने दोस्त और कथित पत्रकार मनीष के कहने पर युवती ने यह पूरी कहानी रची। मनीष के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी गई है।
सीओ के अनुसार धारा-182 के अंतर्गत युवती के खिलाफ कोर्ट में रिपोर्ट दी जाएगी। जिसके बाद उस पर कार्रवाई होगी। सीओ ने बताया कि मनीष ने युवती के साथ मिन्टू को ब्लैकमेल करने की योजना बनाई। वह उससे हजारों रुपये उगाहना चाहता था।
क्या लड़की को होगी जेल?
लड़की बे बयान के बाद अब पूरा मामला पलट गया है। इस बयान के साथ वह खुद भी कानून के घेरे में फंस गई है।
सीओ इंदिरापुरम अतुल यादव ने बताया कि आईपीसी की धारा-182 के अंतर्गत वे पूरे प्रकरण में युवती की ओर से गलत सूचना देने और गलत जानकारी देने की रिपोर्ट तैयार कर न्यायालय में जमा कराएंगे।
अगर आरोपी साबित हो जाते हैं तो छह माह तक की जेल हो सकती है।