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पांच हजार के इनामी पूर्व बसपा नेता पन्नालाल कश्यप गिरफ्तार
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Fri, 05 Feb 2016 01:03 AM IST
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बसपा नेता एवं भूमि विकास एवं जल संसाधन के पूर्व चेयरमैन पन्नालाल कश्यप को सहारनपुर पुलिस ने बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस मेरठ रोड स्थित घर से उसे उठाकर ले गई।
पुलिसवाले सादे कपड़ों में थे, जिससे हल्ला मचा कि उसका अपहरण कर लिया गया। उसकी पत्नी मोहिनी ने इस संबंध में डीजीपी को शिकायत पत्र भी लिखा।
हालांकि बाद में खुलासा हुआ कि पन्नालाल को सहारनपुर की चिलकाना थाने की पुलिस ले गई है। उसके खिलाफ 2013 में एक पुलिसकर्मी के साथ प्लॉट बेचने के नाम पर धोखाधड़ी करने का केस दर्ज है।
जिसमें उस पर पांच हजार रुपये का इनाम भी था। उधर, आरोपी ने अपने खिलाफ की गई इस कार्रवाई को राजनीतिक षड्यंत्र करार दिया।
शामली निवासी सिपाही रामबीर सिंह कश्यप 2013 में चिलकाना थाने में तैनात थे। पुलिस ने बताया कि पन्नालाल कश्यप ने उसी वर्ष सिपाही रामबीर सिंह कश्यप को एक लाख 55 हजार रुपये में किसी और का प्लॉट बेच दिया था।
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जब सिपाही को इसका पता चला तो उसने उनसे रुपये वापस मांगे। आरोप है कि पन्नालाल ने उन्हें 50 हजार रुपये का चेक दिया, जो बाउंस हो गया। इसके बाद सिपाही को रुपये नहीं दिए गए।
बार-बार रुपये मांगने पर भी न मिलने पर सिपाही ने पूर्व मंत्री के खिलाफ धारा 406, 420, 467, 468, 471 मुकदमा दर्ज कराया था। 2014 में आरोपी की कुर्की भी हुई। साथ ही वह उपस्थित भी नहीं हुए।
तत्कालीन एसएसपी ने पन्नालाल पर पांच हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। तब से पुलिस उसकी तलाश में थी। उधर, पन्नालाल कश्यप का कहना है कि प्लॉट बेचने वाला व्यक्ति दूसरा था।
उसने सिपाही के रुपये वापस लौटाने के लिए जिम्मेदारी ली थी। उन्होंने अपने खिलाफ की गई कार्रवाई को राजनीतिक षड्यंत्र बताया है।
सपा छोड़ते ही पूर्व मंत्री की हुई गिरफ्तारी
पन्नालाल कश्यप की गिरफ्तारी सपा को छोड़ने के बाद हुई है। पुलिस की इस कार्रवाई को राजनीति से भी जोड़ा जा रहा है। कारण थोड़े दिन पहले ही कश्यप से सपा छोड़ दिया था।
हालांकि बसपा शासनकाल में राज्यमंत्री रहे पन्नालाल प्रदेश में सपा की सरकार बनने के बाद बसपा छोड़ दिया था। इसके बाद वह सपा में शामिल हुआ था। चिलकाना थाने में आरोपी को लाने के साथ ही नेताओं का जमावड़ा लगने लगा।
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पुलिसवाले सादे कपड़ों में थे, जिससे हल्ला मचा कि उसका अपहरण कर लिया गया। उसकी पत्नी मोहिनी ने इस संबंध में डीजीपी को शिकायत पत्र भी लिखा।
हालांकि बाद में खुलासा हुआ कि पन्नालाल को सहारनपुर की चिलकाना थाने की पुलिस ले गई है। उसके खिलाफ 2013 में एक पुलिसकर्मी के साथ प्लॉट बेचने के नाम पर धोखाधड़ी करने का केस दर्ज है।
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जिसमें उस पर पांच हजार रुपये का इनाम भी था। उधर, आरोपी ने अपने खिलाफ की गई इस कार्रवाई को राजनीतिक षड्यंत्र करार दिया।
शामली निवासी सिपाही रामबीर सिंह कश्यप 2013 में चिलकाना थाने में तैनात थे। पुलिस ने बताया कि पन्नालाल कश्यप ने उसी वर्ष सिपाही रामबीर सिंह कश्यप को एक लाख 55 हजार रुपये में किसी और का प्लॉट बेच दिया था।
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जब सिपाही को इसका पता चला तो उसने उनसे रुपये वापस मांगे। आरोप है कि पन्नालाल ने उन्हें 50 हजार रुपये का चेक दिया, जो बाउंस हो गया। इसके बाद सिपाही को रुपये नहीं दिए गए।
बार-बार रुपये मांगने पर भी न मिलने पर सिपाही ने पूर्व मंत्री के खिलाफ धारा 406, 420, 467, 468, 471 मुकदमा दर्ज कराया था। 2014 में आरोपी की कुर्की भी हुई। साथ ही वह उपस्थित भी नहीं हुए।
तत्कालीन एसएसपी ने पन्नालाल पर पांच हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। तब से पुलिस उसकी तलाश में थी। उधर, पन्नालाल कश्यप का कहना है कि प्लॉट बेचने वाला व्यक्ति दूसरा था।
उसने सिपाही के रुपये वापस लौटाने के लिए जिम्मेदारी ली थी। उन्होंने अपने खिलाफ की गई कार्रवाई को राजनीतिक षड्यंत्र बताया है।
सपा छोड़ते ही पूर्व मंत्री की हुई गिरफ्तारी
पन्नालाल कश्यप की गिरफ्तारी सपा को छोड़ने के बाद हुई है। पुलिस की इस कार्रवाई को राजनीति से भी जोड़ा जा रहा है। कारण थोड़े दिन पहले ही कश्यप से सपा छोड़ दिया था।
हालांकि बसपा शासनकाल में राज्यमंत्री रहे पन्नालाल प्रदेश में सपा की सरकार बनने के बाद बसपा छोड़ दिया था। इसके बाद वह सपा में शामिल हुआ था। चिलकाना थाने में आरोपी को लाने के साथ ही नेताओं का जमावड़ा लगने लगा।