मनमानी करने के लिए जेल कर्मचारियों से भिड़े कैदी, ब्लेड और लोहे की पत्तियों से किया हमला
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रोहिणी जेल में मनमानी करने के लिए बुधवार रात कैदी जेल कर्मचारियों से भिड़ गए। कैदियों को काबू करने की कोशिश की गई तो उन लोगों ने जेल में तोड़फोड़ शुरू कर दी और लोहे की पत्तियों व ब्लेड से हमला कर दिया, इस दौरान कई कैदियों ने खुद को घायल कर लिया।
इसमें करीब 17 कैदियों को गंभीर चोटें लगी हैं। सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। छानबीन करने के बाद समयपुर बादली थाना पुलिस ने कैदियों के खिलाफ दंगा फैलाने, सरकारी काम में बाधा पहुंचाने और मारपीट का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, बुधवार रात साढ़े दस बजे पुलिस को सूचना मिली कि रोहिणी जेल में कैदियों ने जेल कर्मचारियों पर हमला कर दिया है। उन्हें शांत कराने की कोशिश की गई तो करीब दो दर्जन कैदियों ने ब्लेड और लोहे की पत्तियों से हमला किया और अधिकांश ने खुद को जख्मी कर लिया है।
सूचना मिलने के बाद पुलिस रोहिणी जेल पहुंची और हंगामा कर रहे कैदियों को काबू किया। इसके बाद दो दर्जन जख्मी कैदियों को अस्पताल पहुंचाया, सूत्रों के मुताबिक घायल कैदियों में 17 को गंभीर चोट लगी है।
जांच के बाद पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जेल संख्या छह में उत्तम नगर निवासी नितिन उर्फ अप्पू व शिवा सूरी दोहरे हत्याकांड में यहां एक साल से बंद है। दोनों इलाके में सट्टा चलाते थे।
जेल में कैदी से मिला मोबाइल फोन
दोनों जेल के कायदा कानून को मानने से इनकार करते रहते हैं। बुधवार को नितिन और शिवा रात सात बजे के बजाय आठ बजे तक बैरक से बाहर घूम रहे थे। वार्डर ने दोनों को बैरक में जाने के लिए कहा।
इस पर दोनों वार्डर से भिड़ गए। बाद में जेल में तैनात सुरक्षाकर्मियों ने हल्का बल प्रयोग कर दोनों को बैरक में बंद कर दिया। इससे नाराज कैदी देर रात उग्र हो गए और हंगामा शुरू कर दिया।
कैदियों ने एक दूसरे पर ब्लेड और लोहे की पत्तियों से हमला किया। यहां तक की कैदियों ने टाइल्स उखाड़कर खुद को जख्मी कर लिया। बाद में पहुंची पुलिस ने मामले को संभाला।
कैदी के पास से मिला मोबाइल फोन
पुलिस सूत्रों के अनुसार छानबीन के दौरान पुलिस को हंगामा कर रहे कैदी अप्पू के पास से एक मोबाइल फोन मिला है। यह बात साबित कर रही है कि रोहिणी जेल में बंद कैदी खुलकर मनमानी कर रहे हैं।
रात में हंगामे की वजह भी मनमानी को माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि अप्पू और शिवा सूरी के इशारे पर ही कैदियों ने हंगामा किया और खुद को जख्मी कर जेल में अशांति फैलाने की कोशिश की।