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बंदी ने कहा था-जेल में हो सकती है हत्या
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Tue, 29 Sep 2015 02:05 PM IST
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डासना जेल के बाथरूम में रविवार को फंदे से लटके मिले बंदी सचिन के मामले में नया मोड़ आया है। मरने से कुछ दिन पहले सचिन ने जेल में मिलने आए छोटे भाई दुष्यंत को एक पत्र दिया था, जिसमें उसने जेल में हत्या की आशंका जताई थी।
दुष्यंत ने बताया कि 26 सितंबर को कोर्ट में तारीख थी। जेल प्रशासन जब सचिन को कोर्ट में पेश करने नहीं लाया तो उसे आशंका हो गई थी। अगले दिन रविवार को कोर्ट बंद थी।
सोमवार को इस मामले की शिकायत करनी थी। मगर रविवार को ही भाई की हत्या कर दी गई। दुष्यंत का कहना है कि जेल में सचिन के पास कई महत्वपूर्ण कागजात थे, जो बेगुनाही को साबित करते।
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आरोप है कि जेल प्रशासन के साथ मिलकर ससुर अनीश कुमार ने इन सबूतों को नष्ट करा दिया। पीड़ित परिवार मंगलवार को डीएम, एसएसपी और सीजेएम कोर्ट में शिकायत करेगा।
पिता की मौत की शिकायत वापस लेने का बनाया जा रहा था दबाव: सचिन तोमर के बाद उनके पिता चंद्रपाल को भी जेल भेज दिया गया था। आठ दिन में ही जेल के अंदर उनके पिता की मौत हो गई थी।
परिजनों का आरोप है कि किडनी की बीमारी थी, जिसकी सही दवा न देकर कोई और दवा दी जा रही थी। पिता की मृत्यु के बाद परिजनों ने सीजेएम कोर्ट में जांच की गुहार लगाई थी।
23 सितंबर को कोर्ट में मामले की सुनवाई हुई थी। फैसले के लिए 29 सितंबर की तारीख लगी है।
परिजनों का आरोप है कि कोर्ट से शिकायत वापस लेने के लिए जेल प्रशासन ने सचिन पर दबाव बनाने के लिए मारपीट की थी और जान से मारने की धमकी दी थी। इसकी जानकारी मुलाकात के दौरान सचिन ने छोटे भाई को दी थी।
सचिन का लिखा पत्र
‘मुझे 26 महीने जेल में हो गए हैं। जब मैं जेल में आया था तब वातावरण कुछ और था, आज कुछ और है। जेल प्रशासन आज मेरे पीछे हाथ धोकर पड़ा है और जेल में मेरी कभी भी हत्या कराई जा सकती है। इसलिए मेरी कोर्ट में एक भी डेट मिस होने का मतलब बहुत गड़बड़ है। मेरी सारी सुविधाएं रोक ली हैं। इस समय मैं बहुत परेशान हूं। इसलिए मेरे साथ को-ऑपरेट करो नहीं तो परिणाम बहुत घातक होंगे। प्रशासन मुझसे जूताखोर लिपटाकर और अलग-अलग बैरक में ट्रांसफर करके परेशान कर रहा है। इसलिए भाई हाथ जोड़कर प्रार्थना है कि मेरी मदद करो और रेगुलर इंटरवल पर मुलाकात करते रहो। मेरा पैरोल जितना जल्दी हो सके ले लो।’ - सचिन तोमर, बैरक नंबर 2सी
आज होगा सचिन का अंतिम संस्कार
पेशे से वकील सचिन के बड़े भाई राजू तोमर अमेरिका में रहते हैं। राजू अमेरिका की स्टेन फोर्ड यूनिवर्सिटी में वैज्ञानिक हैं। मंगलवार को वह अमेरिका से आएंगे। इसके बाद ही सचिन का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
तीन डॉक्टरों के पैनल ने किया पोस्टमार्टम
बार एसोसिएशन ने वकील सचिन तोमर का पोस्टमार्टम तीन डॉक्टरों के पैनल से कराए जाने की मांग डीएम विमल कुमार शर्मा से की थी। इसी के चलते सोमवार को डॉक्टरों के पैनल ने उसका पोस्टमार्टम किया। इस दौरान पूरी वीडियोग्राफी भी की गई।
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दुष्यंत ने बताया कि 26 सितंबर को कोर्ट में तारीख थी। जेल प्रशासन जब सचिन को कोर्ट में पेश करने नहीं लाया तो उसे आशंका हो गई थी। अगले दिन रविवार को कोर्ट बंद थी।
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सोमवार को इस मामले की शिकायत करनी थी। मगर रविवार को ही भाई की हत्या कर दी गई। दुष्यंत का कहना है कि जेल में सचिन के पास कई महत्वपूर्ण कागजात थे, जो बेगुनाही को साबित करते।
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आरोप है कि जेल प्रशासन के साथ मिलकर ससुर अनीश कुमार ने इन सबूतों को नष्ट करा दिया। पीड़ित परिवार मंगलवार को डीएम, एसएसपी और सीजेएम कोर्ट में शिकायत करेगा।
पिता की मौत की शिकायत वापस लेने का बनाया जा रहा था दबाव: सचिन तोमर के बाद उनके पिता चंद्रपाल को भी जेल भेज दिया गया था। आठ दिन में ही जेल के अंदर उनके पिता की मौत हो गई थी।
परिजनों का आरोप है कि किडनी की बीमारी थी, जिसकी सही दवा न देकर कोई और दवा दी जा रही थी। पिता की मृत्यु के बाद परिजनों ने सीजेएम कोर्ट में जांच की गुहार लगाई थी।
23 सितंबर को कोर्ट में मामले की सुनवाई हुई थी। फैसले के लिए 29 सितंबर की तारीख लगी है।
परिजनों का आरोप है कि कोर्ट से शिकायत वापस लेने के लिए जेल प्रशासन ने सचिन पर दबाव बनाने के लिए मारपीट की थी और जान से मारने की धमकी दी थी। इसकी जानकारी मुलाकात के दौरान सचिन ने छोटे भाई को दी थी।
सचिन का लिखा पत्र
‘मुझे 26 महीने जेल में हो गए हैं। जब मैं जेल में आया था तब वातावरण कुछ और था, आज कुछ और है। जेल प्रशासन आज मेरे पीछे हाथ धोकर पड़ा है और जेल में मेरी कभी भी हत्या कराई जा सकती है। इसलिए मेरी कोर्ट में एक भी डेट मिस होने का मतलब बहुत गड़बड़ है। मेरी सारी सुविधाएं रोक ली हैं। इस समय मैं बहुत परेशान हूं। इसलिए मेरे साथ को-ऑपरेट करो नहीं तो परिणाम बहुत घातक होंगे। प्रशासन मुझसे जूताखोर लिपटाकर और अलग-अलग बैरक में ट्रांसफर करके परेशान कर रहा है। इसलिए भाई हाथ जोड़कर प्रार्थना है कि मेरी मदद करो और रेगुलर इंटरवल पर मुलाकात करते रहो। मेरा पैरोल जितना जल्दी हो सके ले लो।’ - सचिन तोमर, बैरक नंबर 2सी
आज होगा सचिन का अंतिम संस्कार
पेशे से वकील सचिन के बड़े भाई राजू तोमर अमेरिका में रहते हैं। राजू अमेरिका की स्टेन फोर्ड यूनिवर्सिटी में वैज्ञानिक हैं। मंगलवार को वह अमेरिका से आएंगे। इसके बाद ही सचिन का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
तीन डॉक्टरों के पैनल ने किया पोस्टमार्टम
बार एसोसिएशन ने वकील सचिन तोमर का पोस्टमार्टम तीन डॉक्टरों के पैनल से कराए जाने की मांग डीएम विमल कुमार शर्मा से की थी। इसी के चलते सोमवार को डॉक्टरों के पैनल ने उसका पोस्टमार्टम किया। इस दौरान पूरी वीडियोग्राफी भी की गई।