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रेप मामले में लापरवाही बरतने पर जांच अधिकारी निलंबित
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
Updated Thu, 18 Aug 2016 07:50 AM IST
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पुन्हाना खंड के एक गांव में नाबालिग लड़की के साथ गैंग रेप करने के आरोपियों के खिलाफ करीब 23 दिन बाद मामला दर्ज किये जाने में लापरवाही बरतने पर मेवात के एसपी कुलदीप सिंह ने जांच अधिकारी को निलंबित कर विभागीय जांच तावडू के डीएसपी सुमेर सिंह को सौंप दी है। वही रेप पीड़िता के परिवार वालों ने एसपी के फैंसले को गलत बताया है।
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पुन्हाना खंड एक गांव की नाबालिग लड़की को गांव भादस निवासी आमिर और मलाई निवासी खालिद गत् 22 जुलाई की शाम करीब करीब साढ़े सात बजे एक मोटरसाईकल पर उठा कर ले गये और करीब 20 किलोमीटर दूर चिलावली के जंगल में उसके साथ रेप कर वहीं छोड कर चले गये।
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बाद में जैसे-तैसे पीड़ित लड़की अपने गांव पहुंची। पीडित लडकी ने इस सारे घटना कि जानकारी अपने चाचा-ताऊ वगैराह को दी। पीडित परिवार ने इसकी लिखित पुनहाना थाने में दी जहां उन्होने कार्रवाई के लिये नूंह महिला थाना भेज दिया।
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नूंह महिला थाने में 26 जुलाई को शिकायत दी थी लेकिन जब मामला करीब 20 दिन तक दर्ज नहीं हुआ तो पीडित परिवार ने इसकी लिखित शिकायत मेवात पुलिस कप्तान से गत 10 अगस्त को की लेकिन तब भी कोई कार्रवाई न होने पर पीडित परिवार ने रेवाडी रेंज की आईजी ममता सिंह ने 11 जुलाई को की तबभी कोई कार्रवाई नहीं होने पर पीडित परिवार ने इस मामले को मीडिया के सामने ले गये। मीडिया में मामला उठने के बाद अन्न-फन्न में 13 अगस्त कि रात्री दोनो आरोपियों के खिलाफ धारा पोस्को ऐक्ट की धारा 6 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई।
मेवात पुलिस कप्तान कुलदीप सिंह ने बताया कि रेप पीडित लडकी का 23 दिनों तक मामला दर्ज न किये जाने मे लापरवाही बरतने पर जांच अधिकारी को सस्पेंड कर दिया गया है तथा मामले कि विभागीय जांच तावडू के डीएसपी को सौंप दी गई है। असल दोषी कौन है इसका खुलासा जांच के बाद ही पता चल सकेगा।
वहीं रेप पीडित परिवार का कहना है कि जांच अधिकारी को बली का बकरा गलत बनाया जा रहा है। उनहोने कहा कि जब भी वे जांच अधिकारी से मिले तो उनहोने कहा कि डीएसपी से कहलवा दो में मामला दर्ज कर लूंगी। वे डीएसपी से मामला दर्ज करवाने के लिये दर्जन भी चक्कर काटते रहे लेकिन डीएसपी ने उनकी बात सुन्ने कि बजाये उनको धमका कर भगा देती थी।