फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   "Not necessarily true story of every case of rape, the charge can not be considered true '

'जरूरी नहीं कि रेप के हर मामले की कहानी सच हो, आरोपों को सच नहीं माना जा सकता'

Tue, 14 Jun 2016 09:50 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 14 Jun 2016 09:50 AM IST
विज्ञापन
"Not necessarily true story of every case of rape, the charge can not be considered true '

यह जरूरी नहीं कि रेप के हर मामले में पीड़िता की कहानी सच हो। सर्वोच्च न्यायालय ने भी स्पष्ट किया है कि जिस मामले के फर्जी होने का संदेह हो, उसमें आरोपी बनाए गए व्यक्ति को संरक्षण प्रदान करना अदालत की जिम्मेदारी है। 

विज्ञापन


हाईकोर्ट ने उक्त टिप्पणी करते हुए रेप में मामले में निचली अदालत द्वारा एक व्यक्ति को प्रदान की गई सजा को रद्द कर दिया। न्यायमूर्ति सुनीता गुप्ता ने अपने फैसले में कहा कि यह मामला भी संदिग्ध है और पीड़िता का यह आरोप सही नहीं माना जा सकता कि आरोपी ने उसे धमकी देकर जबरन शारीरिक संबंध बनाए। 
विज्ञापन


अदालत ने कहा कि पीड़िता आरोपी को काफी समय से जानती थी और दोनों दिन व रात को मिलते थे। इस घटना से पूर्व आरोपी ने कभी भी उसे छुआ तक नहीं और न ही दुर्व्यवहार का कोई प्रयास किया।
विज्ञापन
विज्ञापन


अदालत ने कहा कि पीड़िता ने स्वयं माना है कि उसने आरोपी को अपने बैंक खाते से 50 हजार रुपये निकाल कर दिए थे और घटना से तीन दिन पूर्व  आरोपी का फोन आने पर उसके पति ने उससे पूछताछ की।

उसने पहले पति को कहा कि रॉन्ग नंबर है फिर आरोपी के बारे में बताया और थाने में जाकर रेप की शिकायत दर्ज करवा दी। स्वयं उसके पति ने भी माना है कि पत्नी ने आरोपी को दोस्त बताया था और बाद में कहा ब्लैकमेल कर रहा है।

पीड़िता यह समझने में सक्षम कि दोनों के बीच क्या हुआ

"Not necessarily true story of every case of rape, the charge can not be considered true '
कोर्ट - फोटो : file photo

अदालत ने कहा कि पीड़िता ने जिस स्थान पर रेप की बात कही है, वहां सार्वजनिक पार्क व गली है। ऐसे में संभव ही नहीं है कि खुले स्थान पर बिना सहमति से शारीरिक संबंध बनाए जा सकें। 

दोनों अच्छे दोस्त थे और जबरन संबंध बनाए जाना, यह संदेहजनक है। यदि उससे जबरदस्ती की गई थी, तो तुरंत इस जघन्य अपराध की पुलिस को शिकायत क्यों नहीं की, बल्कि संबंध जारी रखे गए।

अदालत ने कहा पीड़िता परिपक्व है। दोनों के बीच क्या हुआ, यह समझने में वह सक्षम है। ऐसा कोई साक्ष्य नहीं है कि वह इस तथ्य को समझने के काबिल नहीं है और वह अपराध की प्रकृति को न समझे।

ऐसे में अभियोजन पक्ष बिना शक अपराध साबित करने में विफल रहा है और याची बरी होने के लायक है। मामला सदर बाजार क्षेत्र का है। पीड़िता सिलाई सीखने जाती थी और उसी दौरान उसकी आरोपी से दोस्ती हो गई। 

दोनों मिलने लगे और 28 फरवरी 2014 को उसने शिकायत दर्ज करवाई कि आरोपी ने करीब तीन माह पूर्व ऋण लिए 50 हजार रुपये वापस करने के लिए बुलाया व जबरन रेप किया इसके बाद भी कई बार शारीरिक संबंध बनाए।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed