{"_id":"de621972dae88d7e525483d30fde90ab","slug":"noida-police-recover-63-lakh-from","type":"story","status":"publish","title_hn":"डेढ़ करोड़ की लूट का पर्दाफाश, 63 लाख बरामद","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
डेढ़ करोड़ की लूट का पर्दाफाश, 63 लाख बरामद
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
Updated Sat, 15 Mar 2014 08:01 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फरवरी माह में बुलंदशहर में हापुड़ के चीनी कारोबारी से लूटे गए एक करोड़ 53 लाख रुपये में से थाना सेक्टर-39 पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार कर 63 लाख रुपये, लूट की रकम से 10 लाख रुपये कीमत की कार, 40 लाख रुपये कीमत के मकान की रजिस्ट्री बरामद की है। जो लूट की रकम से लोनी गाजियाबाद में खरीदा गया था। पकड़े गए बदमाशों में से एक चीनी कारोबारी का कार चालक है। जो इस घटना का मास्टर माइंड था।
विज्ञापन
एसएसपी डॉ.प्रीतिंदर सिंह ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर शनिवार दोपहर के करीब थाना सेक्टर-39 पुलिस ने सेक्टर-45-46 रोड़ से होडा अमेज कार को चेकिंग के लिए रोका। कार से पुलिस को 41 लाख रुपये बरामद हुए। पकड़े गए युवकों की पहचान राजीव विहार हापुड़ निवासी संजय व इंद्रगढ़ी हापुड़ निवासी जोगेन्द्र सिंह के रूप में हुई।
विज्ञापन
पूछताछ में कार में सवार दोनों युवकों ने खुलासा किया कि उन्होंने यह रकम 6 फरवरी को हापुड़ के चीनी कारोबारी अरुण कुमार से उस वक्त लूटी थी जब वह एक करोड़ तिरपन लाख रुपये लेकर कारोबार के सिलसिले में मथुरा गए थे और वापस लौट रहे थे। संजय, अरुण का कार चालक था। जिसने नींद आने का बहाना करते हुए कार न चलने की बात कही।
विज्ञापन
कार कारोबारी ने खुद ड्राइव करने की बात कहते हुए पिछली सीट से उतर कर ड्राइविंग सीट पर बैठने जा रहा था। उस वक्त कार में मुनीम अनिल कुमार भी था। कारोबारी के उतरते ही संजय ने कार आगे बढ़ा दी। जब मुनीम ने विरोध किया तो उसे मारापीटा और कुछ दूर पर उसे भी उतार दिया। इसके बाद कार में रखी रकम लेकर अपने दोस्त जोगेन्द्र, रवि, संजू व अपने भतीजे अरुण के पास पहुंचा और रकम का बंटवारा किया।
पूछताछ में संजय ने बताया कि चालीस लाख रुपये कीमत का मकान लोनी के उत्तरांचल विहार सोसायटी में प्रॉपर्टी डीलर रामकुमार शर्मा केमाध्यम से अपने दो साथियों रविन्द्र कुमार उर्फ सोनू व बलराम सिंह केनाम पर खरीदा और उसकी रजिस्ट्री कराई ली। पुलिस ने लोनी स्थित उस मकान पर छापा मारा तो वहां लूट की छुपा कर रखी गई 22 लाख पचास हजार रुपये व मकान की रजिस्ट्री भी मिल गई।
पुलिस ने रामकुमार, रविन्द्र व बलराम को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक घटना के कुछ दिनों बाद बुलंदशहर पुलिस ने रवि, संजू व अरुण को गिरफ्तार कर लूटी गई रकम में से 9.79 लाख बरामद किए थे। एसएसपी ने लूट का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को पांच हजार रुपये, डीआईजी मेरठ रेंज ने 12 हजार रुपये व आईजी जोन ने पन्द्रह हजार रुपये का ईनाम देने की घोषणा की है।
पुराना रिश्ता काम आया
पुलिस सूत्रों के मुताबिक थाना सेक्टर-39 प्रभारी धर्मेन्द्र चौहान हापुड़ में तैनात रह चुके थे। चीनी कारोबारी का परिचय धर्मेन्द्र चौहान से था। लूट के एक माह बाद भी जब बुलंदशहर पुलिस,एसओजी की टीम व एसटीएफ की टीम मुख्य आरोपी को न पकड़ सकी और न ही रुपये बरामद कर सकी तो हताश कारोबारी ने धर्मेन्द्र चौहान से संपर्क साधा।
धर्मेन्द्र चौहान ने अपनी जमीनी मुखबिर तंत्र का इस्तेमाल किया और रकम लेकर फरार हुए संजय की तलाश शुरू की। मुखबिर की सूचना पर उन्होंने संजय व जोगेन्द्र को दबोच लिया और कड़ी से कड़ी जुड़ती चली गई।
जोगेन्द्र ने उकसाया था लूट के लिए
पुलिस के मुताबिक संजय चीनी कारोबारी अरुण के यहां पांच साल पहले भी कार चालक की नौकरी कर चुका था। लेकिन उसका मन नहीं लगा और उसने नौकरी छोड़ दी। छह माह पहले वह दुबारा आया। दो माह पहले संजय केसाले की शादी में जोगेन्द्र, रवि व संजू से मुलाकात हुई।
बातचीत में उसने अपने मालिक के करोड़ों रुपये के लेन देन की जानकारी दी। अपराधिक प्रवृत्ति के संजय ने मालिक को ही लूट लेने के लिए उकसाया और मोटा हाथ मारने की योजना तैयार कर दी।