विजय पंडित हत्याकांड: सपा नेता को बचा रही है पुलिस?
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ग्रेटर नोएडा के दादरी में बीजेपी नेता विजय पंडित की हत्या का खुलासा पुलिस ने कर दिया है।
नोएडा में वर्ष 2012 में लड़की के साथ छेड़खानी मामले में हुई रविंद्र शर्मा हत्याकांड में गवाहों की पैरोकारी करने में दो साल बाद विजय पंडित हत्याकांड को अंजाम दिया गया।
बुधवार को यह बात सेक्टर-14ए स्थित एसएसपी कार्यालय एवं कंट्रोल रूम में एडीजी लॉ एंड आर्डर देवेंद्र सिंह चौहान ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताई।
हालांकि इस खुलासे में पुलिस सपा नेता का बचाव करती नजर आई।
चार आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने बताया कि बुधवार को ग्रेटर नोएडा से हत्याकांड में शामिल दो शार्प शूटर अवनेश उर्फ अन्नी और दीपक को ग्रेटर नोएडा और बुलंदशहर से गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस ने हत्याकांड के पीछे राजनीतिक साजिश से इनकार करते हुए एडीजी ने बताया कि अभी तक मामले में दोनों शार्प शूटर के अलावा उन्हें असलहा उपलब्ध कराने वाले दो लोग कलुआ (प्रधान बुलंदशहर) और नरेंद्र को भी गिरफ्तार किया है।
इसके अलावा हत्याकांड में शामिल चार लोग अभी फरार हैं। जिनमें अरुण उर्फ अल्ली, नितिन, रिंकू और अंकित शामिल हैं। शार्प शूटर अन्नी अनिल दुजाना और सुंदर भाटी गैंग के लिए भी काम कर चुका है।
इसलिए बनाया पंडित को मारने का प्लान
उन्होंने बताया कि 2012 में छेड़खानी के एक मामले में रविंद्र शर्मा की हत्या में अरुण उर्फ अल्ली, गगन, भोलू (ग्रेटर नोएडा), प्रमोद (बादलपुर), अशोक, योगेश (दादरी) को आरोपी बनाया गया था।
मामले में अभियुक्त के घरों को जनता द्वारा आग के हवाले भी कर दिया गया था। वहीं, विजय पंडित गवाहों की पैरोकारी कर रहा था।
इस दौरान गाजियाबाद की जेल में अरुण की मुलाकात अवनेश उर्फ अन्नी से हुई। जहां अवनेश एक मेडिकल स्टोर के संचालक की हत्या में जेल आया था। पुलिस का कहना है कि गवाहों की पैरोकारी से लग रहा था कि अरुण को सजा हो जाएगी। इसलिए उन्होंने विजय पंडित को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया।
क्या था घटनाक्रम
पुलिस ने बताया कि वारदात में अरुण, अवनेश के अलावा दीपक, रिंकू, नितिन और अंकित समेत छह लोग शामिल थे। सात जून को एस्काटर्स स्कूल दादरी के पास ठेके में सभी ने शराब पी।
फिर काले रंग की पल्सर मोटरसाइकिल से अंकित रेकी कर वापस चला गया। इसके बाद आरोपियों ने बाइक गली के मुहाने पर खड़ी कर दी। आरोपी विजय के पीछे से आए। इस दौरान विजय पंडित के साथ चार लोग थे।
इनमें से एक ने विजय के पीछे से हाथ मारा और कान के पीछे सटाकर गोली मार दी। यह गोली मुंह के पास से बाहर निकल आई। पुलिस का कहना है कि गोलियां शूटर अवनेश और दीपक ने चलाईं।
ये था मर्डर का अहम सुराग
चार गोलियां लगने के बाद भी विजय नहीं गिरा तो पीठ और जांघ पर दो गोलियां मारी। फिर हाथ मारकर उसे गिराया और दो और गोलियां उसके सीने में मार दी। विजय को कुल आठ गोलियां मारी। जिसमें से दो शरीर को छेदते हुए बाहर निकल गईं।
पुलिस ने बताया कि हत्याकांड में पांच लोग शामिल थे। यूपी-13 जेड 6231 नंबर की पल्सर मोटरसाइकिल अवनेश उर्फ अन्नी के भाई उमेश के नाम है। जो मौका ए वारदात पर छूट गई थी।
पुलिस ने इसके अलावा एक अन्य बाइक पकड़ी है जो अमृता पाल अशोक नगर दिल्ली निवासी के नाम है, जो रिकार्ड फर्जी मिला।
काला है आरोपियों का इतिहास
एडीजी ने बताया कि अवनेश उर्फ अन्नी ग्राम खनौदा, थाना औरंगाबाद, बुलंदशहर के ऊपर ग्रेटर नोएडा, बुलंदशहर गाजियाबाद समेत आसपास के इलाके में 20 से अधिक मामले चल रहे हैं।
वह बहुत अच्छा एथलीट भी रहा है। वह सुदंर भाटी गैंग के लिए भी कार्य कर चुका है। उसके करीब 37 सार्थियों की लिस्ट पुलिस के पास है। जनवरी 2013 में नंदू उर्फ रावण की हत्या में आरोपी है।
इसके अलावा फरीदाबाद में अशोक गुर्जर से डेढ़ करोड़ की लूट, वहीं, देहरादून में अनिल दुजाना ने स्वयं अपने फाइनेंसर की हत्या के लिए सुपारी देकर हत्या कराई थी। वहीं, अरुण उर्फ अल्ली के ऊपर भी हत्या का मामला चल रहा है।
पुलिस और एसटीएफ भी खुलासे में लगी
गौतमबुद्धनगर पुलिस के अलावा एसटीएफ लखनऊ, गाजियाबाद, बुलंदशहर की पुलिस भी मामले के खुलासे में लगी है। वहीं, एडीजी ने बताया कि डीएम एवी राजामौली के पास आ रहे आरोपियों के पैरोकारों के फोन के कारण भी मदद मिली।
आरोपियों की गिरफ्तारी और पुलिस की कहानी में पुलिस के आला अधिकारियों ने राजनीतिक आरोपों से पल्ला झाड़ लिया है। इस दौरान पुलिस विजय पंडित हत्याकांड में सपा नेता नरेंद्र सिंह भाटी के नाम का बचाव करती दिखी।
हालांकि, पुलिस की लगाई गई थ्योरी कई जगह समझ से परे नजर आ रही थी।
पुलिस की कहानी में कई पेंच
कभी एडीजी साहब कह रहे थे कि शार्प शूटर अवनेश उर्फ अन्नी ने रुपयों के लिए ही हत्या करता था। वहीं, इस मामले में उन्होंने 2012 के मामले को रंजिश का आधार बनाया।
एक बात और शक पैदा कर रही थी कि रविंद्र शर्मा हत्याकांड में गवाहों से बचने के लिए विजय पंडित की हत्या करना लोगों की समझ से परे है।
बहरहाल एडीजी ने बताया है कि पकड़े गए आरोपियों से जल्द खुलासा किया जाएगा कि हत्या के पीछे किसी की राजनीतिक साजिश है या नहीं।
पुलिस के खुलासे से लोग संतुष्ट नहीं
विजय पंडित हत्याकांड के खुलासे में सामने आए तथ्यों से लोग संतुष्ट नहीं हैं। नाराज लोगों ने बुधवार को जीटी रोड तिराहे पर फिर जाम लगा दिया। विरोध प्रदर्शन में महिलाएं भी शामिल थीं, जिन्होंने जमकर नारेबाजी की।
भाजपा नेता विजय पंडित हत्याकांड में पुलिस ने दादरी में रवींद्र शर्मा हत्याकांड की पैरवी करने, समझौता नहीं होने देने से नाराज होकर अनिल दुजाना के इशारे पर हत्या करने का मामला उजागर किया है।
पुलिस के इस खुलासे से लोग संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि असली हत्यारे पुलिस की पहुंच से बाहर हैं और जो तथ्य पेश किए गए हैं उनमें विरोधाभास है। भाजपा नेता विजय पंडित की हत्या के विरोध में बुधवार को भी दादरी का बाजार पूरी तरह बंद रहा। व्यापारियों और भाजपा नेताओं ने जुलूस निकाला।