फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   No priest, no ritual, bhavnas pyre set on cowdung cakes.

ऑनर किलिंग करने वाले मां-बाप ने किया गुनाह कबूल

Fri, 21 Nov 2014 09:00 PM IST
Updated Fri, 21 Nov 2014 09:00 PM IST
विज्ञापन
No priest, no ritual, bhavnas pyre set on cowdung cakes.

डीयू की छात्रा के ऑनर किलिंग मामले में लड़की के माता-पिता के अपना गुनाह कबूल करने के बाद केस के कई परत खुलकर सामने आए हैं। पुलिस से जुड़े एक सूत्र के मुताबिक भावना की मौत के कुछ घंटों पहले ही उसकी अपने माता-पिता से बहस हुई थी।

विज्ञापन


भावना 15 नवंबर को अपने माता-पिता के साथ अपने ससुराल से मायके आई थी जो द्वारका में ही है। गौरतलब है कि भावना का ससुराल भी द्वारका में ही है। भावना की शादी के बाद उसके परिवार के लोग इस शादी से काफी नाराज थे।
विज्ञापन


इसी सिलसिले में शनिवार को भावना के ससुराल में दोनों पक्षों की एक बैठक थी ताकि किसी नतीजे तक पहुंचा जा सके। उस बैठक में भावना के माता-पिता ने उससे वादा किया कि वो भावना की शादी पूरे रीति-रिवाज से करके उसकी विदाई करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

मां-बाप ने तय कर दी थी किसी और से शादी

No priest, no ritual, bhavnas pyre set on cowdung cakes.

हालांकि शनिवार देर शाम ही भावना को यह एहसास हुआ कि उसके साथ छल किया गया है। उसे पता चला कि उसके मां-बाप ने उसकी शादी उसी की जाति में अलवर के किसी लड़के से 22 नवंबर के दिन की तय कर रखी है।

बताया जाता है कि दूसरी शादी के बारे में जानकर भावना की अपने माता-पिता से जोरदार बहस हो गई थी। उसका कहना था कि वह कानूनी तौर पर शादीशुदा है और अब उसकी दोबारा शादी नहीं हो सकती।

भावना के माता-पिता सावित्रि और जगमोहन ने बताया है कि भावना ने उन्हें कोर्ट तक घसीटने की धमकी दी। भावना की इसी धमकी पर उसके मां-बाप को गुस्सा आ गया। सूत्र बताते हैं कि वह भावना की मां थी जिसने गुस्से में आकर बेटी को पीटना शुरू किया।

उनका कहना था कि आज वो इस मुद्दे को खत्म करके ही रहेंगे। इसके बाद उसके पिता ने उसे पैरों से कसकर पकड़ लिया और मां ने भावना का गला दबाकर उसे मौत के घाट उतार दिया।

पिता ने पकड़ा पैर और मां ने दबा दिया गला

No priest, no ritual, bhavnas pyre set on cowdung cakes.

सूत्रों के अनुसार भावना के माता-पिता ने पुलिस को बताया कि बेटी की मौत के बाद दोनों ने लोगों को सुनाने के लिए एक कहानी बना ली। उन्होंने अलवर में अपने रिश्तेदारों को फोन किया और बताया कि भावना को एक सांप ने काट लिया है और उसके इलाज के लिए वह उसे गांव लेकर आ रहे हैं।

इसी सिलसिले में पुलिस अधिकारियों की एक टीम अलवर पहुंची जहां उसका दाह संस्कार किया गया था। उसी टीम के एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि भावना की मौत का कारण अभी तक साफ नहीं हुआ है। पुलिस का मानना है कि गला घोटना उसका एक कारण हो सकता है।

भावना के पति को मिल रही है जान से मारने की धमकी

No priest, no ritual, bhavnas pyre set on cowdung cakes.

इसी दौरान भावना के पति अभिषेक सेठ ने बताया कि उन्हें लगातार जान से मारने की धमकी मिल रही है। अभिषेक की मां भारती सेठ का कहना है कि हमें गुड़गांव और अलवर से धमकी भरे फोनकॉल्स मिल रहे हैं।

धमकी देने वाले केस वापस लेने के लिए कह रहे हैं वरना अंजाम के लिए तैयार रहने की भी बात कर रहे हैं। अभिषेक की मां कहती हैं कि वह अपनी बहू के लिए न्याय चाहती हैं। और उनका बेटा केस वापस नहीं लेगा चाहे कुछ भी हो जाए।

साउथ-वेस्टर्न रेंज के ज्वाइंट कमिश्नर तजेंदर लुथरा ने बताया कि पुलिस को भावना के उस चाचा की भी तलाश है, जिसने अभिषेक को बुलाकर उसे गोली मार देने की धमकी दी थी। भावना के इस चाचा ने अभिषेक को तब धमकी दी थी जब भावना अपने मायके वापस आ गई थी।

मां-बाप ने बुनी बेटी के मौत की झूठी कहानी

No priest, no ritual, bhavnas pyre set on cowdung cakes.

भावना के एक चाचा समय सिंह ने बताया कि बरोडा कान गांव के लगभग 20 से ज्यादा लोग जब भावना के अंतिम संस्कार के लिए इकट्ठे हुए थे। उस वक्त उन्हें भावना की मौत के पीछे का राज नहीं पता था। वह सभी समझ रहे थे कि वह सांप काटने से मरी है।

लेकिन जब भावना के अंतिम संस्कार में विधि-विधान का कोई खयाल नहीं रखा गया और बहुत ही जल्दबाजी में उसका दाह संस्कार कर दिया गया तो उन्हें कुछ शक हुआ। गांववालों को इस बात का सोमवार तक पता नहीं चला कि उसकी मौत में उसके मां-बाप का ही हाथ है।

हालांकि उन्हें कुछ गड़बड़ का शक तो तब से ही था जब अंतिम संस्कार के वक्त कोई पंडित मौजूद नहीं था और ना ही कोई रस्में निभाई गईं। भावना के परिवार वालों ने गोबर के उपलों से ही भावना की चिता बनाई। उसकी चिता भी घर से कुछ दूर पर ही बनाई गई थी, जहां उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।

दिन में करीब दस बजे भावना के माता-पिता उसके अंतिम संस्कार के लिए जोर डालने लगे। गांववालों को भी ये स्थिति बहुत ही अजीब लगी। इसके बाद उन्होंने आनन-फानन में गोबर के उपले और लकड़ियों का इंतजाम करके चिता बना दी। फिर उन्होंने किसी के आने का इंतजार नहीं किया और उसकी चिता को आग लगा दी।

भावना के माता-पिता उसी रात बिना किसी को बताए गांव से निकल गए। समय सिंह कहते हैं कि उन्हें दिल्ली से एक फोन आया और जल्दी जाना है यह कहकर उसी वक्त वहां से चले गए। सिंह ने उनसे कहा भी कि अब कुछ समय के लिए उन्हें कोई काम नहीं करना चाहिए क्योंकि उनकी बेटी हाल में ही गुजरी है पर वो इतनी जल्दी में थे कि उन्होंने किसी की बात नहीं सुनी और गांव से निकल गए।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed