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एनआईए की दलील : अशांति फैलाने के लिए आतंकी संगठनों से ले रहे थे पैसा
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 26 Jul 2017 09:33 AM IST
सार
सात अलगाववादियों को दस दिन की रिमांड
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पाकिस्तान से अशांति फैलाने के लिए पैसा लेने के मामले में विशेष एनआईए कोर्ट ने हुर्रियत नेता गिलानी के दामाद समेत सात अलगाववादियों को दस दिन की एनआईए हिरासत में भेज दिया। इन आरोपियों को एनआईए ने कश्मीर व दिल्ली से सोमवार को गिरफ्तार किया था।
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पटियाला हाउस स्थित विशेष एनआईए जज ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की दलीलें सुनने के बाद सातों आरोपियों को दस दिनों की रिमांड पर भेज दिया। एजेंसी ने कहा कि आरोपियों से कई दस्तावेज व साक्ष्य के संबंध में पूछताछ करनी है। इनमें से कई को जम्मू-कश्मीर लेकर जाना है।
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बता दें कि इन आरोपियों में हुर्रियत नेता गिलानी के दामाद अलताफ अहमद शाह उर्फ अलताफ फंटुश, अलगवावादी मीर वाइज उमर फारुक का सहयोगी शाहिद कलाम उर्फ शाहिद उल इस्लाम, मोहम्मद नईम खान, फारुक अहमद डार, मोहम्मद अकबर उर्फ अयाज अकबर, राजा मेहराजुद्दीन खालिद व बशीर अहमद भट उर्फ पीर सैफुल्ला शामिल हैं।
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एनआईए ने अदालत से 18 दिनों का रिमांड मांगा था। एजेंसी ने कोर्ट को बताया कि ये आरोपी देश के खिलाफ युद्ध की साजिश रच रहे थे। इनके इशारे व पैसे के बल पर ही घाटी में भारत विरोधी नारेबाजी, अशांति फैलाई जा रही थी।
इन आरोपियों से तमाम दस्तावेज व इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य बरामद हुए हैं, जिन्हें फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। एजेंसी ने कहा कि जमात उद दावा के अमीर हाफिज मोहम्मद सईद व कई अलगाववादियों से मिली पुख्ता जानकारी के मुताबिक हुर्रियत के कई नेता आतंकी संगठनों व पाकिस्तान से घाटी में अशांति फैलाने, आतंकी वारदात के लिए व भारत विरोधी नारेबाजी के फंड ले रहे थे।
एनआईए ने कोर्ट को बताया कि ये आरोपी कई सक्रिय आतंकी संगठनों जैसे हिजबुल मुजाहिदीन, दुख्तराने मिल्लत, लश्करे तैयबा व दूसरे आतंकी संगठनों के साथ सक्रिय रूप से जुड़े हैं। ये आरोपी इन संगठनों के जरिये देश व विदेश से हवाला चैनल के जरिये पैसा लेते हैं और उसका इस्तेमाल घाटी में अशांति फैलाने, पत्थरबाजी व जम्मू कश्मीर व देश के दूसरे हिस्सों में आतंकी वारदात के लिए करते हैं। बचाव पक्ष के अधिवक्ता रजत कुमार ने कहा कि ये सभी लोग ऑल हुर्रियत कांफ्रेंस के सदस्य हैं और उन्हें झूठे मामले में फंसाया गया है।