1985 के एनकाउंटर का भगोड़ा आरोपी निकला नेता
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दिल्ली के गांधी नगर इलाके में 1985 में हुए एनकाउंटर के दो भगोड़े आरोपियों को पकड़ने में पुलिस को करीब बीस साल लग गए। हैरानी तो इस बात की है कि इनमें से एक आरोपी दिल्ली से सटे ग्रेटर नोएडा में राजनीति कर रहा था।
अदालत से जमानत लेने के बाद यह आरोपी फरार हो गए थे। कोर्ट ने 1995 में उसे भगोड़ा घोषित कर दिया था। कड़कड़डूमा अदालत के महानगर दंडाधिकारी आरएल मीणा ने बिजवाड़ा बागपत निवासी साहब सिंह व गांव सैनी ग्रेटर नोएडा निवासी भूले को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
गाजीपुर थाने में तैनात पीओ स्टाफ टीम ने इन आरोपियों को दबोचा है। हत्या के कई मामलों में वांटेड भूले सिंह इन वर्षों में स्थानीय नेता बन चुका है। दिल्ली पुलिस ने थाना बिसरख की पुलिस को साथ लेकर उसे शुक्रवार को गिरफ्तार किया था।
क्या है पूरा मामला?
एनकाउंटर का यह मामला करीब तीन दशक पुराना है। हत्या व डकैती मामलों में वांटेड भूले, अतर सिंह व अन्य बदमाशों को पुलिस ढूंढ रही थी।
गांधी नगर पुलिस को इन बदमाशों के आने की सूचना मिली। दबिश दी तो इन लोगों ने पुलिस टीम पर गोली चला दी थी। एनकाउंटर के बाद पुलिस भूले, अतर सिंह, साहब सिंह, लियाकत व इंतजार को गिरफ्तार कर लिया।
बाद में जमानत पर छूटे अतर सिंह, लियाकत व इंतजार कोर्ट में पेश होते रहे थे, लेकिन भूले व साहब सिंह फरार हो गए थे।