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मर्सिडीज हिट एंड रन केसः नाबालिग की याचिका पर सुनवाई 6 मई तक टली

Tue, 11 Apr 2017 09:34 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 11 Apr 2017 09:34 AM IST
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Mercedes hit and run Court to hear arguments on juvenile’s appeal after 6th may
Mercedes hit and run case

मर्सिडीज हिट एंड रन मामले में नाबालिग आरोपी की याचिका पर सुनवाई के लिये छह मई की तारीख तय की है। नाबालिग ने जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड (जेजेबी) के उस फैसले को चुनौती दे रखी है, जिसमें उसपर बालिग की तरह मुकदमा चलाने का निर्देश दिया गया था। नाबालिग पर 32 वर्षीय युवक सिद्धार्थ शर्मा को कार से कुचल कर मौत के घाट उतारने का आरोप है। 

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तीस हजारी स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विमल कुमार यादव ने सोमवार को बचाव पक्ष के अधिवक्ता के गैर हाजिर न होने के चलते सुनवाई के लिये अगली तारीख तय कर दी।
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पेश मामला सिविल लाइन के लुडलो कैसल इलाके में चार अप्रैल 2016 को हुआ था। नाबालिग आरोपी ने अपने बिल्डर पिता की मर्सिडीज कार रफ्तार व लापरवाही से चलाते हुये मार्केटिंग एक्जीक्यूटिव सिद्धार्थ शर्मा को टक्कर मार दी थी। इस घटना के चार दिन बाद ही नाबालिग आरोपी बालिग हो गया था। 
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जेजेबी ने चार जून 2016 को नाबालिग आरोपी पर बालिग की तरह मुकदमा चलाने का निर्देश दिया था। इस फैसले को आरोपी ने सत्र अदालत में चुनौती दी थी। जेजेबी ने आरोपी के अपराध को गंभीर बताया था। 

मामले में विशेष लोक अभियोजक अतुल श्रीवास्तव ने बहस करते हुये कहा था कि जेजेबी एक्ट में संशोधन के मुताबिक सत्र अदालत ऐसे मामलों को वापस जेजेबी नहीं भेज सकती बल्कि याची की दलीलों से सहमत होने के बाद खुद जेजेबी के पीठासीन अधिकारी के तौर पर सुन सकती है।

नाबालिग आरोपी ने अपनी याचिका में कहा था कि यह मामला गैर इरादतन हत्या का नहीं है। उस पर इस धारा के तहत आरोप तय किया जाना गलत है। इसलिये उस पर लापरवाही व गफलत से वाहन चलाकर जान लेने का मुकदमा चलना चाहिये।


दिल्ली पुलिस ने इस मामले में जेजेबी के समक्ष 26 मई 2016 को चार्जशीट दाखिल की थी। पुलिस ने नाबालिग पर गैर इरादतन हत्या व अन्य धारायें लगाई थीं। इसके तहत आरोप साबित होने पर उसे दस साल की कैद हो सकती है। हालांकि पुलिस ने एफआईआर में लापरवाही से जान लेने की धारा ही लगाई थी।

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